ईरान में आर्थिक संकट के विरोध प्रदर्शन पूरे देश में फैल गए

Story by  एटीवी | Published by  [email protected] | Date 09-01-2026
Protests against the economic crisis in Iran have spread across the country.
Protests against the economic crisis in Iran have spread across the country.

 

दुबई

आर्थिक संकट के कारण ईरान में शुरू हुए विरोध प्रदर्शन अब देशभर में फैल गए हैं। कार्यकर्ताओं ने बृहस्पतिवार को बताया कि बुधवार को विरोध का सबसे तीव्र दौर देखने को मिला, जब प्रदर्शन हर प्रांत के ग्रामीण कस्बों और प्रमुख शहरों तक पहुंच गए। बावजूद इसके, ईरान की राजधानी तेहरान और कई अन्य शहरों में दैनिक जीवन अपेक्षाकृत सामान्य बना रहा।

अमेरिका स्थित ‘ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स न्यूज़ एजेंसी’ के अनुसार, हिंसक घटनाओं में अब तक कम से कम 38 लोग मारे जा चुके हैं, जबकि 2,200 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया है। इन विरोध प्रदर्शनों ने ईरान की सरकार और सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई पर दबाव बढ़ा दिया है। हालांकि, अधिकारियों ने अभी तक इंटरनेट बंद नहीं किया है और न ही सड़कों पर भारी सुरक्षा बल तैनात किए हैं, जैसा कि 2022 में महसा अमीनी की पुलिस हिरासत में मौत के बाद हुए प्रदर्शनों में किया गया था।

विरोध प्रदर्शन काफी हद तक नेतृत्वहीन रहे हैं, लेकिन ईरान के निर्वासित युवराज द्वारा प्रदर्शन का आह्वान यह परखने में मदद करेगा कि क्या लोग विदेश से आने वाले संदेशों से प्रभावित हो रहे हैं। कार्यकर्ताओं के अनुसार, बुधवार को देशभर में कम से कम 37 अलग-अलग विरोध प्रदर्शन हुए। इनमें शिराज का एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें दंगा-रोधी ट्रक को प्रदर्शनकारियों पर पानी की बौछार करते देखा गया।

सरकारी समाचार एजेंसी ‘इरना’ ने बोजनौर्द, करमान और करमानशाह में हुए बड़े प्रदर्शन की रिपोर्ट दी। वहीं, अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी ‘फ़ार्स’ ने बताया कि चहारमहल और बख्तियारी प्रांत के लोरदेगान शहर में बंदूकधारियों ने सुरक्षा बलों के दो सदस्यों को मार डाला और 30 अन्य को घायल कर दिया। मिज़ान समाचार एजेंसी ने भी तेहरान के बाहरी इलाके में पुलिस कर्नल पर चाकू से हमले की जानकारी दी।

कुर्दिस्तान प्रांत में भी बृहस्पतिवार को प्रदर्शन जारी रहे, और व्यापारियों ने अपनी दुकानें बंद कर दीं।

विश्लेषकों का कहना है कि आर्थिक संकट के विरोध अब केवल स्थानीय मुद्दों तक सीमित नहीं रहे, बल्कि पूरे देश में बढ़ती असंतोष की लहर का संकेत हैं। इससे सरकार पर लगातार दबाव बढ़ रहा है, और आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि अधिकारी प्रदर्शनकारियों से कैसे निपटते हैं और क्या देश में स्थिरता बनाए रखने के लिए कोई नए उपाय लागू किए जाते हैं।

कुल मिलाकर, ईरान में आर्थिक संकट के खिलाफ शुरू हुए विरोध प्रदर्शन अब व्यापक रूप ले चुके हैं और देशभर में राजनीतिक और सामाजिक चिंता बढ़ा रहे हैं।