यमन तट पर नाव हादसा: 65 से अधिक प्रवासियों की दर्दनाक मौत, 70 से अधिक लापता

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  [email protected] | Date 04-08-2025
Boat accident off Yemen coast: More than 65 migrants died tragically, more than 70 missing
Boat accident off Yemen coast: More than 65 migrants died tragically, more than 70 missing

 

आवाज द वाॅयस /नई दिल्ली

यमन के अबयान प्रांत के तट पर रविवार को अफ्रीकी प्रवासियों और शरणार्थियों को ले जा रही एक नाव डूब गई, जिससे अब तक कम से कम 68 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 70 से अधिक लोग अब भी लापता हैं। हादसे के वक्त नाव में कुल 154 इथियोपियाई नागरिक सवार थे।

संयुक्त राष्ट्र प्रवासन एजेंसी (IOM) की यमन शाखा के प्रमुख अब्दुस्सत्तार एसोव ने जानकारी दी कि अब तक 12 लोगों को जीवित बचा लिया गया है, जबकि 54 शव खानफर जिले से और 14 अन्य शव एक अलग इलाके से बरामद किए गए हैं। सभी शवों को नजदीकी अस्पताल में भेजा गया है।

हालांकि यमन के स्वास्थ्य विभाग ने शुरुआत में मृतकों की संख्या 54 बताई थी, लेकिन बाद में संख्या बढ़ गई। ज़ांज़ीबार सिटी हेल्थ ऑफिस के निदेशक अब्दुल कादर बज़ामिल ने बताया कि मृतकों के अंतिम संस्कार की तैयारी शकरा क्षेत्र के पास की जा रही है, जबकि बचाव कार्य अभी भी जारी है।

प्रवासियों के लिए जानलेवा बन रहा यह रास्ता

हॉर्न ऑफ अफ्रीका और यमन के बीच का समुद्री रास्ता अफ्रीकी प्रवासियों और शरणार्थियों के लिए एक आम लेकिन बेहद खतरनाक मार्ग बन चुका है। यमन में 2014 से जारी गृहयुद्ध और अस्थिरता के चलते यह संकट और बढ़ गया है। हालांकि 2022 में हौथी विद्रोहियों और सरकारी बलों के बीच युद्धविराम के बाद स्थिति थोड़ी बेहतर हुई है, लेकिन प्रवासन का जोखिम बना हुआ है

IOM के अनुसार, सोमालिया और इथियोपिया जैसे संघर्षग्रस्त देशों के लोग खाड़ी देशों में बेहतर जीवन की तलाश में यमन के रास्ते निकल पड़ते हैं। इसी कारण यह मार्ग दुनिया के सबसे व्यस्त और खतरनाक प्रवासन मार्गों में से एक बन गया है। प्रवासी अक्सर क्षमता से अधिक भरी नावों से लाल सागर पार करने की कोशिश करते हैं, जिससे हादसों का खतरा और बढ़ जाता है।

आंकड़ों में भयावह तस्वीर

  • 2024 की शुरुआत से अब तक करीब 60,000 प्रवासी यमन पहुंच चुके हैं, जबकि 2023 में यह संख्या 97,200 थी।

  • समुद्री निगरानी बढ़ने से प्रवास की संख्या घटी है, लेकिन जो लोग आ रहे हैं, उनके लिए जोखिम बढ़ा है।

  • पिछले साल 558 प्रवासियों की मौत इसी मार्ग पर हुई थी।

  • पिछले एक दशक में कम से कम 2,082 लोग लापता हुए हैं, जिनमें से 693 के समुद्र में डूबने की पुष्टि हुई है।

  • वर्तमान में करीब 3.8 लाख शरणार्थी और प्रवासी यमन में रह रहे हैं।

यह हादसा एक बार फिर दुनिया को याद दिलाता है कि प्रवासन के इस खतरनाक रास्ते पर हर दिन जानें दांव पर लग रही हैं, और इसके पीछे की मजबूरियां कहीं गहरी और व्यापक हैं।