जम्मू-कश्मीर विधानसभा के बाहर भाजपा विधायकों का धरना, विपक्ष पर पक्षपात का आरोप

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  [email protected] | Date 04-02-2026
BJP MLAs stage protest outside Jammu and Kashmir Assembly, accuse opposition of bias.
BJP MLAs stage protest outside Jammu and Kashmir Assembly, accuse opposition of bias.

 

जम्मू

जम्मू-कश्मीर विधानसभा में बुधवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायकों ने सदन से बहिर्गमन के बाद विधानसभा परिसर के बाहर धरना दिया और विस अध्यक्ष पर विपक्ष की आवाज दबाने का आरोप लगाया।

भाजपा विधायकों का आरोप है कि अब्दुल रहीम राथर विपक्षी सदस्यों को बोलने का पर्याप्त समय नहीं दे रहे हैं और केवल सत्ता पक्ष के सदस्यों को बोलने का अवसर प्रदान कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह पक्षपातपूर्ण रवैया लोकतांत्रिक प्रक्रिया के खिलाफ है

विपक्ष के नेता सुनील शर्मा के नेतृत्व में धरने पर बैठे विधायकों ने विधानसभा अध्यक्ष और सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। शर्मा ने कहा, “हम सदन में विपक्ष की आवाज दबाए जाने का विरोध कर रहे हैं। सरकार लगातार टालमटोल भरे जवाब दे रही है और पिछली सरकारों पर दोष डालने का प्रयास कर रही है। हमें अपने विचार रखने का पूरा अधिकार नहीं दिया जा रहा।”

भाजपा विधायक शाम लाल शर्मा ने भी आरोप लगाया कि सत्ता पक्ष अध्यक्ष की आड़ में जवाबदेही से बचने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने कहा, “सोलह महीने हो चुके हैं लेकिन जनता के सामने पारदर्शिता नहीं दिखाई जा रही। कोष आवंटन, कथित गबन या जम्मू क्षेत्र के प्रति भेदभाव जैसी समस्याओं को उजागर करना हमारी जिम्मेदारी है।”

धरने से पहले सदन में भाजपा विधायकों और सत्ता पक्ष के बीच तीखी बहस हुई। नेशनल कॉन्फ्रेंस (नेकां) के सदस्य नजीर गुरेजी और सलमान सागर ने विरोध कर रहे विधायकों को समझाने-बुझाने का प्रयास किया और काफी कोशिशों के बाद वे सदन में लौट आए।

भाजपा नेताओं ने कहा कि उपराज्यपाल के अभिभाषण पर हुई चर्चा में विपक्ष को सीमित समय ही दिया गया और सदन की कार्यवाही में उनकी भागीदारी को प्रभावी ढंग से रोका गया। उनका कहना है कि लोकतंत्र में असहमति की आवाज को दबाना उचित नहीं है।

इस धरने और बहिर्गमन से विधानसभा परिसर में सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच तनाव देखा गया। भाजपा विधायकों ने स्पष्ट किया कि वे सदन में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग जारी रखेंगे