बीबीसी के फारसी संपादक: विरोध प्रदर्शन और अमेरिकी धमकियों से ईरान कमजोर हो गया

Story by  एटीवी | Published by  [email protected] | Date 09-01-2026
BBC Persian editor,Protests and US threats have weakened Iran.
BBC Persian editor,Protests and US threats have weakened Iran.

 

तेहरान।

ब्रिटिश मीडिया आउटलेट बीबीसी के फारसी संपादक आमिर अजीमी ने हाल ही में ईरान की वर्तमान स्थिति को लेकर गंभीर टिप्पणी की है। उन्होंने कहा कि ईरान में अक्सर विरोध प्रदर्शन होते रहते हैं, लेकिन इस बार का आंदोलन कई कारणों से अत्यंत गंभीर और देश के लिए चुनौतीपूर्ण है।

अजीमी के अनुसार, प्रदर्शन शुरू होने पर ईरानी सुरक्षा बलों ने सख्ती से कार्रवाई की। मानवाधिकार संगठनों का दावा है कि इस दौरान अब तक कम से कम 20 लोग मारे जा चुके हैं। हालात को और जटिल बनाने वाला कारण अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की धमकियां हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि ईरानी सरकार प्रदर्शनकारियों को नुकसान पहुंचाती है तो अमेरिका सीधे हस्तक्षेप करेगा और शक्तिशाली हमला करेगा

विरोध प्रदर्शन मुख्य रूप से ईरान की बिगड़ती आर्थिक स्थिति और अमेरिकी प्रतिबंधों के कारण हैं। अजीमी के अनुसार, कई ईरानी मानते हैं कि उनके कुछ नेता इन प्रतिबंधों का व्यक्तिगत लाभ उठाकर तेल बेचने, धन की हेराफेरी और विशेष व्यापारिक व्यवस्थाओं के जरिए अपनी जेबें भर रहे हैं। ऐसे मामलों से आम जनता में सरकार के प्रति आक्रोश और असंतोष बढ़ रहा है।

आजीमी ने बताया कि पिछले साल जून में ईरान और इज़राइल के बीच 12 दिनों का युद्ध हुआ, जिसमें अमेरिका भी शामिल रहा और ईरान के परमाणु ढांचे पर हमला किया। इस युद्ध ने ईरानी आम नागरिकों और सरकार के बीच का विश्वास और भी कमजोर कर दिया है।

उन्होंने कहा कि लंबे समय तक ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई और उनके सहयोगी कहते आए हैं कि देश की सुरक्षा और तकनीकी विकास के लिए क्षेत्रीय सहयोगियों और परमाणु कार्यक्रम पर भारी खर्च आवश्यक है। लेकिन अब आम जनता के लिए उनके शब्दों की कोई अहमियत नहीं बची है। इज़राइल के खिलाफ युद्ध के बाद यह स्पष्ट हो गया कि सुरक्षा और खर्च के लिए दी गई पुरानी दलीलें अब वास्तविकता में टिकाऊ नहीं रह गई हैं।

आजीमी का निष्कर्ष है कि विरोध प्रदर्शन, आर्थिक संकट और अमेरिकी धमकियों के चलते ईरान कमजोर और अस्थिर स्थिति में है, और मौजूदा राजनीतिक और सामाजिक दबाव देश की स्थिरता के लिए गंभीर चुनौती बन गया है।

स्रोत: बीबीसी