कैनबरा
ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री Penny Wong ने घोषणा की है कि वह क्वाड देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक में भाग लेने के लिए भारत का दौरा करेंगी। इस दौरान वह भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच होने वाले विदेश मंत्रियों के ढांचा संवाद में भी हिस्सा लेंगी।
ऑस्ट्रेलियाई विदेश मंत्री ने कहा कि मौजूदा वैश्विक अनिश्चितताओं के दौर में क्वाड एक बेहद महत्वपूर्ण साझेदारी बनकर उभरा है। उनके अनुसार, ऑस्ट्रेलिया, भारत, जापान और अमेरिका मिलकर हिंद-प्रशांत क्षेत्र को शांतिपूर्ण, स्थिर और समृद्ध बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि क्वाड देशों के बीच समुद्री सुरक्षा, महत्वपूर्ण खनिजों की आपूर्ति, बुनियादी ढांचे के विकास और आपदा राहत जैसे क्षेत्रों में ठोस सहयोग बढ़ रहा है।भारत यात्रा के दौरान पेनी वोंग भारत के विदेश मंत्री S. Jaishankar के साथ 17वें ऑस्ट्रेलिया-भारत विदेश मंत्रियों के फ्रेमवर्क डायलॉग में भाग लेंगी। उन्होंने कहा कि भारत और ऑस्ट्रेलिया की साझेदारी पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हो चुकी है।
ऑस्ट्रेलियाई विदेश मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया कि दोनों देश व्यापार और निवेश, रक्षा, समुद्री सुरक्षा, जलवायु परिवर्तन, ऊर्जा परिवर्तन, रणनीतिक तकनीक, शिक्षा और कौशल विकास जैसे क्षेत्रों में लगातार सहयोग बढ़ा रहे हैं।
बयान में यह भी कहा गया कि दोनों देशों के बीच सामाजिक और सांस्कृतिक संबंध इस साझेदारी की मजबूत नींव हैं। ऑस्ट्रेलिया की अल्बानीज सरकार भविष्य में भी भारत के साथ अपने रिश्तों को और मजबूत बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक 26 मई 2026 को नई दिल्ली में आयोजित होगी। इसमें ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री पेनी वोंग के अलावा जापान के विदेश मंत्री Toshimitsu Motegi और अमेरिका के विदेश मंत्री Marco Rubio भी शामिल होंगे।
यह बैठक भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर के निमंत्रण पर आयोजित की जा रही है। क्वाड देशों के विदेश मंत्री हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने और साझा रणनीतिक मुद्दों पर चर्चा करेंगे।बैठक के दौरान पिछले वर्ष वॉशिंगटन में हुई चर्चाओं की प्रगति की समीक्षा भी की जाएगी। इसके साथ ही क्वाड की विभिन्न परियोजनाओं और पहलों पर विचार-विमर्श होगा।
सूत्रों के मुताबिक, इस बैठक में हिंद-प्रशांत क्षेत्र की सुरक्षा, समुद्री गतिविधियों, आपूर्ति श्रृंखला, तकनीकी सहयोग और क्षेत्रीय स्थिरता जैसे मुद्दों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।विश्लेषकों का मानना है कि चीन के बढ़ते प्रभाव और पश्चिमी प्रशांत क्षेत्र में बढ़ती भू-राजनीतिक चुनौतियों के बीच क्वाड देशों की यह बैठक काफी अहम मानी जा रही है। भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया लंबे समय से स्वतंत्र और खुले हिंद-प्रशांत क्षेत्र की वकालत करते रहे हैं।
राजनयिक विशेषज्ञों के अनुसार, नई दिल्ली में होने वाली यह बैठक आने वाले समय में क्वाड सहयोग को नई दिशा दे सकती है और क्षेत्रीय सुरक्षा ढांचे को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।