Amid the Iran conflict, the US has called for increased weapons production.
वॉशिंगटन।
ईरान के साथ युद्ध के दौरान गोला-बारूद और हथियारों के भंडार में कमी की आशंका के बीच अमेरिकी रक्षा विभाग ने रक्षा कंपनियों से उत्पादन बढ़ाने और आपूर्ति व्यवस्था तेज करने का आह्वान किया है। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, सैन्य जरूरतों को पूरा करने के लिए रक्षा उद्योग की उत्पादन क्षमता बढ़ाना जरूरी है।
वॉशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी उप रक्षा सचिव स्टीव फेनबर्ग ने बुधवार को सैन्य ठेकेदारों को एक ज्ञापन भेजा। इसमें रक्षा कंपनियों से 21 दिनों के भीतर हथियारों और गोला-बारूद की आपूर्ति तेज करने की योजना तैयार करने को कहा गया है। ज्ञापन में कंपनियों से अपनी उत्पादन क्षमता बढ़ाने पर भी जोर दिया गया है।
रक्षा विभाग ने ज्ञापन की पुष्टि की
अमेरिकी रक्षा विभाग के प्रवक्ता शॉन पार्नेल ने इस ज्ञापन की पुष्टि की है। उन्होंने सीएनएन से कहा कि 5 अगस्त को भेजा गया ज्ञापन वास्तविक है। उनके अनुसार, इसमें वित्त वर्ष 2028 के रक्षा बजट की रूपरेखा से जुड़े विषयों को शामिल किया गया है, जिसे वित्त पोषण के लिए अमेरिकी कांग्रेस के समक्ष रखा जाएगा।
पार्नेल ने कहा कि यह कदम अमेरिकी रक्षा उद्योग के पुनर्निर्माण और उसकी उत्पादन क्षमता बढ़ाने की मौजूदा कोशिशों के अनुरूप है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि कांग्रेस में विचाराधीन वित्त वर्ष 2027 का बजट इस पहल को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
हथियारों के भंडार को लेकर चिंता
ईरान के साथ सैन्य टकराव के दौरान अमेरिका और इजरायल की ओर से बड़ी मात्रा में मिसाइलों, गोला-बारूद और अन्य सैन्य संसाधनों के इस्तेमाल ने हथियारों के भंडार को लेकर चिंता बढ़ाई है। ऐसे में अमेरिकी रक्षा विभाग अब भविष्य की सैन्य जरूरतों को ध्यान में रखते हुए उत्पादन बढ़ाने पर जोर दे रहा है।
रक्षा उद्योग से तेजी से आपूर्ति बढ़ाने की मांग ऐसे समय में सामने आई है, जब अमेरिका अपनी सैन्य क्षमताओं और हथियारों के भंडार को मजबूत करने की कोशिश कर रहा है। रक्षा कंपनियों से उत्पादन क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ आपूर्ति में तेजी लाने की योजना तैयार करने को कहा गया है।
ईरान-अमेरिका संघर्ष की पृष्ठभूमि
रिपोर्ट के अनुसार, 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर संयुक्त हमला किया था। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच करीब 40 दिनों तक सैन्य संघर्ष चला। जून में अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम समझौता हुआ, लेकिन यह शुरुआत से ही नाजुक रहा।
इसके बाद दोनों पक्षों के बीच फिर से लड़ाई शुरू हुई। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के मुताबिक फिलहाल हमले और जवाबी हमले रुक गए हैं। इसके बावजूद लंबे समय तक चले सैन्य संघर्ष ने हथियारों और गोला-बारूद की उपलब्धता को लेकर अमेरिकी रक्षा प्रतिष्ठान के सामने नई चुनौतियां खड़ी कर दी हैं।
रक्षा उत्पादन बढ़ाने पर जोर
अमेरिकी रक्षा विभाग का ताजा कदम केवल तत्काल हथियारों की आपूर्ति सुनिश्चित करने तक सीमित नहीं है। ज्ञापन में रक्षा उद्योग की उत्पादन क्षमता बढ़ाने पर भी जोर दिया गया है। इससे संकेत मिलता है कि अमेरिका भविष्य में लंबे समय तक चलने वाले संभावित सैन्य अभियानों के लिए अपनी रक्षा आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करना चाहता है।
अब निगाहें अमेरिकी कांग्रेस में पेश होने वाले आगामी रक्षा बजट और रक्षा कंपनियों की ओर से तैयार की जाने वाली उत्पादन योजनाओं पर हैं। यदि प्रस्तावित बजट को मंजूरी मिलती है, तो अमेरिकी रक्षा उद्योग में उत्पादन क्षमता बढ़ाने के प्रयासों को और गति मिलने की संभावना है।