पाक-सऊदी-तुर्किये समझौते से पश्चिम एशिया में अमेरिका की भूमिका कम होने की संभावना : विशेषज्ञ

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 08-08-2026
Pak-Saudi-Turkey deal likely to diminish US role in West Asia: Experts
Pak-Saudi-Turkey deal likely to diminish US role in West Asia: Experts

 

अर्सला खान/नई दिल्ली

 
पाकिस्तान, तुर्किये और सऊदी अरब के बीच हुए त्रिपक्षीय रक्षा समझौते से पश्चिम एशिया में अमेरिका की रणनीतिक भूमिका काफी कम हो सकती है। पाकिस्तान के कुछ रक्षा विश्लेषकों ने यह बात कही।
 
पश्चिम एशिया में व्याप्त तनाव के मद्देनजर बढ़ती सुरक्षा चिंताओं के बीच तीनों देशों ने शुक्रवार को एक संयुक्त रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर किए, जिसके तहत किसी एक देश पर हमले को तीनों देशों पर हमला माना जाएगा।
 
रक्षा विश्लेषक और पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के एक पूर्व प्रमुख के बेटे अब्दुल्ला हमीद गुल ने कहा कि यह समझौता ऐसे समय में हुआ है जब खाड़ी क्षेत्र में अमेरिका के सहयोगी देशों को सुरक्षा मुहैया कराने की अमेरिका की क्षमता को लेकर क्षेत्र में शंकाएं बढ़ रही हैं।
 
गुल ने कहा, “खाड़ी देशों में अमेरिका के 27 सैन्य अड्डे थे और उनमें से 17 को अमेरिका-ईरान युद्ध के दौरान ईरान ने तबाह कर दिया। इससे क्षेत्र में ये सवाल उठने लगे कि क्या अमेरिकी वाकई उनकी रक्षा कर सकते हैं। इसी वजह से ऐसे समझौते करने की जरूरत पड़ी।”
 
गुल ने कहा कि इस समझौते के साथ ही क्षेत्र में अमेरिका की भूमिका बहुत कम या कहें कि खत्म सी हो जाएगी।”
 
गुल ने कहा, “कतर और कुवैत भी जल्द ही पाकिस्तान के साथ इसी तरह के समझौतों में शामिल होंगे।”
 
उन्होंने कहा कि खाड़ी देशों को आभास हो गया था कि ईरान के बजाय इजराइल उनके लिए बड़ी सुरक्षा चुनौती खड़ी कर सकता है।
 
विदेश मामलों के विशेषज्ञ मोहम्मद मेहदी ने कहा कि इस समझौते ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पाकिस्तान की स्थिति को लेकर धारणा बदल दी है।
 
उन्होंने कहा, "दुनिया में पाकिस्तान की स्थिति बदल गई है। अब दुनिया पाकिस्तान को पश्चिम एशिया और मध्य एशिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले देश के रूप में देख रही है। तुर्किये के इस तीन देशों के समझौते में शामिल होने से यूरोप में भी पाकिस्तान को अलग नजरिए से देखा जाएगा।"