न्यूयॉर्क/टेक्नाफ
म्यांमार के रखाइन राज्य में मुस्लिम बहुल गांवों पर किए गए हवाई हमलों के बाद सीमा से सटे बांग्लादेश के टेक्नाफ क्षेत्र में भी दहशत का माहौल है। स्थानीय निवासियों ने गुरुवार को तेज धमाकों की आवाजें सुनने की पुष्टि की, जिनके बारे में बताया जा रहा है कि ये विस्फोट म्यांमार के रखाइन प्रांत के बुथिडाउंग और मौंगडॉ क्षेत्रों में किए गए हवाई हमलों के कारण हुए।
स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, म्यांमार वायु सेना ने स्थानीय समयानुसार सुबह करीब 10 बजे बुथिडाउंग क्षेत्र के मुस्लिम बहुल गांव केइटमौक ताउंग को निशाना बनाया। बताया गया है कि लड़ाकू विमानों और वाई-12 परिवहन विमानों की सहायता से गांव पर दो 500 पाउंड के बम गिराए गए। इस हमले से पूरे इलाके में भारी तबाही हुई और कई मकान क्षतिग्रस्त हो गए।
रिपोर्टों के मुताबिक, बमबारी में कम से कम तीन लोग घायल हुए हैं। घायलों में 12 वर्षीय सुए-दुल अमीन, ममत आर्स और 50 वर्षीय यू अमीन हू सुंग शामिल हैं। सभी घायलों को स्थानीय स्तर पर उपचार उपलब्ध कराने की कोशिश की जा रही है। हालांकि, क्षेत्र में जारी संघर्ष और प्रतिकूल मौसम के कारण राहत एवं बचाव कार्य प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है।
हवाई हमले में कम से कम 10 मुस्लिम परिवारों के घर आंशिक या पूरी तरह से नष्ट हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, धमाकों की तीव्रता इतनी अधिक थी कि कई मकानों की छतें और दीवारें क्षतिग्रस्त हो गईं। हमले के बाद गांव के लोगों में भय और असुरक्षा का माहौल बना हुआ है।
स्थानीय मीडिया का कहना है कि घटना के समय इलाके में भारी बारिश हो रही थी। बारिश और खराब मौसम के कारण ग्रामीणों को विमानों के आने की आवाज समय रहते सुनाई नहीं दी, जिससे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने का अवसर नहीं मिल सका।
रिपोर्टों में यह भी कहा गया है कि बांग्लादेश सीमा के निकट स्थित मौंगडॉ क्षेत्र पर भी लगातार हवाई हमले किए गए। वाई-12 परिवहन विमानों और लड़ाकू विमानों ने इस क्षेत्र में कई चरणों में बमबारी की।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, कुल मिलाकर इन क्षेत्रों पर 17 बार बम गिराए गए। इनमें पहले चरण में चार, दूसरे चरण में सात और तीसरे चरण में छह बम गिराए जाने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, इन हमलों में कुल कितने लोग प्रभावित हुए हैं, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हो सकी है।
गौरतलब है कि म्यांमार के रखाइन राज्य में लंबे समय से अस्थिरता और संघर्ष की स्थिति बनी हुई है। ऐसे में हवाई हमलों की घटनाएं स्थानीय आबादी, विशेषकर अल्पसंख्यक समुदायों के लिए गंभीर मानवीय संकट पैदा कर रही हैं।