भारत से हज यात्रा शुरू, 1.75 लाख जायरीन जाएंगे

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  [email protected] | Date 19-04-2026
Hajj pilgrimage from India begins; 1.75 lakh pilgrims to participate.
Hajj pilgrimage from India begins; 1.75 lakh pilgrims to participate.

 

आवाज द वाॅयस/  नई दिल्ली

भारत से हज 2026 की पवित्र यात्रा का औपचारिक आगाज हो चुका है। 18अप्रैल को देश की राजधानी नई दिल्ली से तीर्थयात्रियों का पहला जत्था सऊदी अरब के लिए रवाना हुआ। इस साल भारत से कुल 175,000से अधिक जायरीन हज के लिए जा रहे हैं। चांद दिखने के आधार पर इस वर्ष हज की मुख्य रस्में 24से 29मई के बीच अदा की जाने की संभावना है। तीर्थयात्रियों की रवानगी का यह सिलसिला आने वाले दिनों में देश के अलग-अलग हिस्सों से जारी रहेगा।

अल्पसंख्यक मामलों के केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने इस मौके पर सभी तीर्थयात्रियों को मुबारकबाद दी। उन्होंने दिल्ली में मीडिया से बात करते हुए कहा कि सरकार का पूरा जोर इस बार यात्रा को सुरक्षित और आरामदायक बनाने पर है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि हर हाजी को सफर के दौरान घर जैसा अहसास होगा। रिजिजू ने बताया कि इस बार सुविधाओं में क्रांतिकारी सुधार किए गए हैं ताकि बुजुर्गों और पहली बार जा रहे लोगों को किसी तरह की दिक्कत न हो।

17 शहरों से सीधी उड़ानें और छोटा पैकेज

इस साल हज की प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए देश भर में 17 प्रस्थान बिंदु (Embarkation Points) बनाए गए हैं। इनमें दिल्ली, मुंबई, लखनऊ, हैदराबाद, कोलकाता, बेंगलुरु और श्रीनगर जैसे प्रमुख शहर शामिल हैं। इससे तीर्थयात्रियों को अपने नजदीकी हवाई अड्डे से उड़ान भरने की सुविधा मिलेगी। एक बड़ी पहल के रूप में इस बार सरकार ने 20दिनों का 'शॉर्ट हज पैकेज' भी पेश किया है। यह उन लोगों के लिए बहुत मददगार साबित होगा जो समय की कमी की वजह से लंबी यात्रा पर नहीं जा सकते थे।

डिजिटल सुरक्षा और स्मार्ट रिस्टबैंड

तकनीक के इस दौर में हज यात्रा को भी डिजिटल सुविधाओं से लैस किया गया है। 'हज सुविधा ऐप' के जरिए जायरीनों को पल-पल की जानकारी मिल रही है। सबसे खास बात 'स्मार्ट रिस्टबैंड' की शुरुआत है। अक्सर भीड़भाड़ में तीर्थयात्रियों के खोने का डर रहता है।

यह रिस्टबैंड गुमशुदा हाजियों की तत्काल पहचान करने और उन्हें उनके जत्थे तक वापस पहुंचाने में मदद करेगा। इसके अलावा किसी भी आपात स्थिति में चिकित्सा सहायता के लिए भी इसका उपयोग किया जा सकेगा।

बीमा और हाई-स्पीड ट्रेन की सौगात

र ने जायरीनों के कल्याण को अपनी प्राथमिकता बताते हुए बीमा राशि में बड़ी बढ़ोतरी की है। अब प्रत्येक तीर्थयात्री को लगभग 6.25लाख रुपये का बीमा कवरेज मिलेगा। यह सुरक्षा किसी भी अनहोनी या चिकित्सा जरूरत के समय परिवार को बड़ी राहत देगी। सफर को तेज और सुखद बनाने के लिए मक्का और मदीना के बीच चलने वाली हाई-स्पीड ट्रेन की सुविधा भी इस साल चर्चा में है। लगभग 60,000भारतीय तीर्थयात्री इस आधुनिक ट्रेन का अनुभव लेंगे जिससे घंटों का सफर मिनटों में तय हो जाएगा।

आवास और स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार

सऊदी अरब के अधिकारियों के साथ बेहतर तालमेल की वजह से इस बार मक्का में हाजियों के रहने के इंतजामों को बेहतर किया गया है। अब जायरीनों को साधारण कमरों के बजाय होटल जैसे आरामदायक आवास मिलेंगे। हवाई अड्डों पर कागजी कार्रवाई और चेकिंग की प्रक्रिया को भी पहले से काफी आसान बना दिया गया है।

स्वास्थ्य सेवाओं की बात करें तो वास्तविक समय की निगरानी (Real-time monitoring) और प्रभावी शिकायत निवारण प्रणाली लागू की गई है। मेडिकल कैंप और डॉक्टरों की टीम हर जत्थे के साथ मुस्तैद रहेगी।

मंत्री किरेन रिजिजू ने जोर देकर कहा कि अल्पसंख्यक मामलों का मंत्रालय सऊदी सरकार के साथ लगातार संपर्क में है। पूरी यात्रा के दौरान भारतीय मिशन के अधिकारी वहां मौजूद रहेंगे। हाजियों को सलाह दी गई है कि वे यात्रा के दौरान सभी आधिकारिक दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करें। इससे न केवल उनका सफर सुरक्षित रहेगा बल्कि वे अपनी इबादत पर पूरा ध्यान केंद्रित कर सकेंगे। सरकार की इन कोशिशों का मकसद सिर्फ एक ही है कि भारत का हर नागरिक अपनी इस आध्यात्मिक यात्रा को संतोष और सुकून के साथ पूरा करके वापस लौटे।