नई दिल्ली।
जापान के आइची-नागोया में होने वाले एशियन गेम्स 2026 से पहले सामने आई व्यवस्थागत और आवास संबंधी समस्याओं को लेकर भारतीय मुक्केबाज और ओलंपिक पदक विजेता विजेंदर सिंह ने अंतरराष्ट्रीय मीडिया की चुप्पी पर सवाल उठाया है। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, “जापान से एशियन गेम्स को लेकर जिस तरह की खबरें आ रही हैं, पता नहीं अंतरराष्ट्रीय मीडिया क्यों चुप है।”
एशियन गेम्स 19 सितंबर से 4 अक्टूबर तक आइची-नागोया में आयोजित किए जा रहे हैं। प्रतियोगिता से पहले खिलाड़ियों और अधिकारियों को आवास, परिवहन और मान्यता (एक्रेडिटेशन) से जुड़ी कुछ दिक्कतों का सामना करना पड़ा है। अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टों में भी खिलाड़ियों की आवास व्यवस्था को लेकर शिकायतों का उल्लेख किया गया है।
भारत के एशियन गेम्स दल के शेफ डी मिशन सहदेव यादव ने स्वीकार किया कि जापान पहुंचने के बाद कुछ भारतीय खिलाड़ियों के आवास को लेकर समस्या सामने आई। उनके मुताबिक, भारतीय दल के आवास कोटे में कमी किए जाने के बाद अतिरिक्त होटल बुक करने पड़े।
यादव ने बताया कि करीब 30 से 35 भारतीय खिलाड़ियों के नाम आवास सूची से हटाए गए थे, जिसके बाद भारतीय दल को उनके लिए अलग से होटल की व्यवस्था करनी पड़ी। उन्होंने यह भी कहा कि शुरुआत में आवास, एक्रेडिटेशन और परिवहन से जुड़ी दिक्कतें आईं, लेकिन खिलाड़ियों की जरूरतों को पूरा करने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की गई।
यादव के अनुसार, भारतीय दल ने अतिरिक्त होटल और वाहनों की व्यवस्था की है। उनका कहना है कि प्राथमिकता खिलाड़ियों को आरामदायक माहौल उपलब्ध कराना और उन्हें प्रतियोगिता की तैयारी पर ध्यान केंद्रित करने देना है।
समस्याओं के बीच केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय ने भारतीय दल की मदद के लिए तीन स्तर की प्रबंधन व्यवस्था लागू की है। मंत्रालय के अनुसार, नागोया में रहने वाले करीब 2,000 भारतीय समुदाय के लोग जरूरत पड़ने पर खिलाड़ियों को अपने घरों में ठहराने के लिए तैयार हैं।
मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, भारतीय समुदाय के सदस्यों को एयरपोर्ट और स्वागत केंद्र समेत विभिन्न स्थानों पर तैनात किया गया है। शेफ डी मिशन सहदेव यादव और भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) के अधिकारी भी व्यवस्थाओं की निगरानी कर रहे हैं।
खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने नागोया में भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) की अध्यक्ष पीटी उषा से मुलाकात की और भारतीय खिलाड़ियों के सामने आई विभिन्न समस्याओं पर चर्चा की। इनमें आवास संबंधी शिकायतें भी शामिल थीं।
इस बीच, एशियन गेम्स के आयोजकों ने भी आवास से जुड़ी शिकायतों को दूर करने का आश्वासन दिया है। इस बार पारंपरिक एथलीट विलेज नहीं बनाया गया है। करीब 17,000 खिलाड़ियों और अधिकारियों के लिए होटल, क्रूज शिप और कंटेनर शैली की अस्थायी आवास इकाइयों समेत विभिन्न व्यवस्थाएं की गई हैं। आयोजकों का कहना है कि यह व्यवस्था लागत और भविष्य में अनुपयोगी बड़े ढांचे से बचने के उद्देश्य से अपनाई गई है।
सहदेव यादव ने शुरुआती समस्याओं को स्वीकार करते हुए कहा कि इतनी बड़ी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में कुछ व्यवस्थागत दिक्कतें सामने आ सकती हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय दल का ध्यान किसी को जिम्मेदार ठहराने के बजाय खिलाड़ियों की समस्याओं को दूर करने पर है।
यादव के मुताबिक, भारतीय दल चाहता है कि खिलाड़ी आराम से अपनी प्रतियोगिताओं की तैयारी करें, अच्छा प्रदर्शन करें और पदक जीतने पर ध्यान केंद्रित करें।
इस बीच, विजेंदर सिंह की टिप्पणी ने एशियन गेम्स की आयोजन व्यवस्था को लेकर चल रही चर्चा को और व्यापक बना दिया है। हालांकि, आयोजकों और भारतीय अधिकारियों की ओर से यह कहा गया है कि सामने आई शुरुआती समस्याओं को दूर करने के लिए वैकल्पिक व्यवस्थाएं की जा रही हैं।