The Indian women's team would like to make a comeback against Australia and win a historic series.
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
भारतीय महिला टीम को अगर ऑस्ट्रेलियाई सरजमीं पर पहली बार ऐतिहासिक श्रृंखला जीतनी है तो उसकी बल्लेबाजों को यहां शनिवार को तीसरे और आखिरी महिला टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच में मेजबान टीम की अनुभवी गेंदबाजी इकाई के खिलाफ एकजुट होकर आक्रामक प्रदर्शन करना होगा।
भारतीय महिला टीम अभी तक ऑस्ट्रेलिया में तीनों प्रारूपों में कोई द्विपक्षीय सीरीज नहीं जीत पाई है। इसे बदलने के लिए भारत को यहां बेहतर बल्लेबाजी की जरूरत है, जिसकी शुरुआत सलामी बल्लेबाज स्मृति मंधाना और शेफाली वर्मा से होगी।
स्मृति और शेफाली दोनों ने शुरुआत तो की है लेकिन बड़ी पारी नहीं खेल पाईं जिससे दूसरे मैच में भारत 164 रन के आसान से लक्ष्य का पीछा नहीं कर सका।
किम गार्थ, अनाबेल सदरलैंड और सोफी मोलिनू की अनुभवी ऑस्ट्रेलियाई तिकड़ी ने इस मौके का फायदा उठाया। इन्होंने भारत की पांच बल्लेबाजों को सिर्फ सात रन के अंदर आउट कर दिया।
लेकिन एडिलेड की पिच कैनबरा की पिच के मुकाबले अलग है और भारतीय बल्लेबाजों को यहां अपने पिक-अप शॉट्स पर भरोसा करना चाहिए। एक बेहतरीन आउटफील्ड भी बल्लेबाजी के लिए बेहतर है।
कप्तान हरमनप्रीत कौर, जेमिमा रोड्रिग्स और ऋचा घोष को बल्ले पर आती गेंद पसंद है और उन्हें यहां कुछ मदद मिलने की उम्मीद है।