Tamil Nadu athlete Mahalakshmi has her sights on Olympics amid financial struggles
तिरुपत्थुर (तमिलनाडु)
आर्थिक तंगी और पारिवारिक जिम्मेदारियों के बावजूद, तमिलनाडु के तिरुपथुर जिले की 32 वर्षीय एथलीट महालक्ष्मी ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व करने और गोल्ड मेडल जीतने के अपने सपने को पूरा करने के लिए दृढ़ हैं। तिरुपत्थुर जिले के कांधिली यूनियन में वेंगालापुरम के पास स्थित अंदीवट्टम गांव की रहने वाली एथलीट महालक्ष्मी को बचपन से ही खेलों का शौक रहा है। 12वीं कक्षा में पढ़ते हुए उन्होंने राज्य-स्तरीय प्रतियोगिताओं में मेडल जीतकर शानदार प्रदर्शन किया था।
शादीशुदा होने और दो बच्चों की मां होने के बावजूद, महालक्ष्मी 32 साल की उम्र में भी एथलेटिक्स के प्रति अपने जुनून को बनाए हुए हैं। परिवार का खर्च चलाने और आर्थिक मुश्किलों से निपटने के लिए वह सिलाई मशीन से कपड़े सिलकर अपनी आजीविका चलाती हैं। पारिवारिक जिम्मेदारियों के बावजूद, वह अलग-अलग प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेती रहती हैं और मेडल जीतती हैं।
अपनी यात्रा के बारे में बात करते हुए महालक्ष्मी ने कहा कि दो बच्चों और दो बार सिजेरियन सर्जरी होने के बावजूद उन्होंने खेलों के प्रति अपना जुनून कभी नहीं छोड़ा। उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि ओलंपिक में हिस्सा लेने और भारत व राज्य के लिए गोल्ड मेडल जीतने के लिए उन्हें तमिलनाडु सरकार का सहयोग मिलेगा। उन्होंने ANI से कहा, "अगर तमिलनाडु सरकार मुझे ज़रूरी मदद देती है, तो मेरा लक्ष्य ओलंपिक में हिस्सा लेना और भारत व तमिलनाडु के लिए गोल्ड मेडल जीतना है, जिससे देश और राज्य का नाम रोशन हो सके।"
महालक्ष्मी ट्रेनिंग के लिए अंदीवट्टम से जोलारपेट स्पोर्ट्स ग्राउंड तक लगभग 15 किलोमीटर का सफर तय करती हैं। हालांकि, आर्थिक संसाधनों और पर्याप्त सहयोग की कमी के कारण उन्हें कई प्रतियोगिताओं में भाग लेने में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। महालक्ष्मी ने बताया कि उन्होंने दो नेशनल चैंपियनशिप में हिस्सा लिया है, जिसमें उन्होंने सात गोल्ड और चार सिल्वर मेडल जीते हैं, और हाल ही में कोयंबटूर में हुए एक नेशनल इवेंट में दो गोल्ड और दो सिल्वर मेडल हासिल किए हैं। उन्होंने कहा, "मैंने राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर मुकाबले किए हैं और दो नेशनल प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया है। एक नेशनल प्रतियोगिता केरल में हुई थी, जहाँ मैंने तीन गोल्ड और दो सिल्वर मेडल जीते। दूसरी, गोवा में हुई महिलाओं की नेशनल प्रतियोगिता में मैंने चार गोल्ड और दो सिल्वर मेडल जीते। अभी कल ही कोयंबटूर में हुई एक नेशनल प्रतियोगिता में मैंने दो गोल्ड और दो सिल्वर मेडल जीते। मैं तिरुपत्तूर ज़िले की पहली ऐसी एथलीट हूँ जिसने 30 साल की उम्र के बाद मुकाबले में हिस्सा लिया है, और अब तक मैंने 20 गोल्ड मेडल जीते हैं।"