आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
कभी हॉकी के गढ रहे पंजाब में एशियाई चैम्पियंस ट्रॉफी पुरूष हॉकी टूर्नामेंट के जरिये 17 साल बाद अंतरराष्ट्रीय हॉकी की वापसी होगी ।
पंजाब गोल्ड कप 2009 प्रदेश में आखिरी अंतरराष्ट्रीय हॉकी टूर्नामेंट था ।
पंजाब के लिये हॉकी महज एक खेल नहीं बल्कि इसकी सांस्कृतिक पहचान का अभिन्न अंग है । पंजाब के गांवों से लेकर अकादमियों तक और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय हॉकी में पंजाब का अमूल्य योगदान रहा है । उधम सिंह से लेकर बलबीर सिंह सीनियर तक और मनप्रीत सिंह से लेकर हरमनप्रीत सिंह तक पंजाब ने देश को बेहतरीन खिलाड़ी दिये हैं ।
भारत के अलावा मलेशिया, दक्षिण कोरिया, जापान, चीन और बांग्लादेश 27 अक्टूबर से दो नवंबर तक जालंधर और मोहाली में होने वाले टूर्नामेंट में भाग लेंगे ।
भारत पांच बार (2011, 2016, 2018, 2023 और 2024) में खिताब जीत चुका है ।
भारतीय कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने हॉकी इंडिया की एक विज्ञप्ति में कहा ,‘‘ पूरी टीम के लिये यह खास मौका है खासकर पंजाब के खिलाड़ियों के लिये जो पहली बार पंजाब में भारत की जर्सी पहनकर अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट खेलेंगे ।’’