नया साल, नया ढांचा: राष्ट्रीय खेल शासन अधिनियम 1 जनवरी से आंशिक रूप से लागू

Story by  एटीवी | Published by  [email protected] | Date 01-01-2026
New year, new framework, National Sports Governance Act partially comes into effect from January 1st.
New year, new framework, National Sports Governance Act partially comes into effect from January 1st.

 

नई दिल्ली।

नए साल 2026 की शुरुआत के साथ ही देश के खेल प्रशासन में एक अहम बदलाव की नींव रख दी गई है। केंद्र सरकार ने घोषणा की है कि राष्ट्रीय खेल शासन अधिनियम (नेशनल स्पोर्ट्स गवर्नेंस एक्ट) को 1 जनवरी 2026 से आंशिक रूप से लागू किया जाएगा। इस क़दम के साथ एक सर्व-शक्तिशाली राष्ट्रीय खेल बोर्ड के गठन और खेल से जुड़े विवादों के निपटारे के लिए एक स्वतंत्र पंचाट (ट्रिब्यूनल) के गठन का रास्ता साफ हो गया है।

खेल मंत्रालय द्वारा जारी आधिकारिक विज्ञप्ति में बताया गया कि यह अधिनियम 18 अगस्त 2025 को आधिकारिक राजपत्र (गजट) में अधिसूचित किया गया था। हालांकि, इसके सभी प्रावधान एक साथ लागू नहीं किए जाएंगे। सरकार ने स्पष्ट किया है कि अधिनियम की कुछ चुनिंदा धाराएं और उप-धाराएं 1 जनवरी 2026 से प्रभाव में आएंगी, जबकि शेष प्रावधानों को बाद के चरण में लागू किया जाएगा।

मंत्रालय के अनुसार, 1 जनवरी 2026 से अधिनियम की धारा 1 से 3 तक, धारा 4 की उप-धारा (1), (2) और (4), धारा 5 की उप-धारा (1) और (2), धारा 8 की उप-धारा (5), धारा 11 की उप-धारा (1), धारा 14 और 15, धारा 17 की उप-धारा (1) से (7) और (10), धारा 30 और 31, तथा धारा 33 से 38 तक के प्रावधान लागू होंगे। इन धाराओं के लागू होने से खेल प्रशासन की संरचना, निगरानी और जवाबदेही से जुड़े कई अहम प्रावधान प्रभावी हो जाएंगे।

सरकार का मानना है कि यह अधिनियम देश में खेलों के संचालन और प्रबंधन में पारदर्शिता, पेशेवर ढांचे और जवाबदेही को मजबूत करेगा। विशेष रूप से राष्ट्रीय खेल महासंघों के कामकाज पर निगरानी, खिलाड़ियों के हितों की रक्षा और विवादों के त्वरित समाधान की दिशा में यह कानून एक मील का पत्थर साबित हो सकता है।

खेल मंत्रालय ने यह भी संकेत दिया है कि शेष धाराओं को लागू करने से पहले संबंधित हितधारकों से परामर्श और आवश्यक प्रशासनिक तैयारियां पूरी की जाएंगी। कुल मिलाकर, नए साल के साथ लागू हो रहा यह अधिनियम भारतीय खेल व्यवस्था में सुधार और सुशासन की दिशा में एक बड़े और निर्णायक बदलाव के रूप में देखा जा रहा है।