मैड्रिड
2026/27 सीजन की शुरुआत होते ही रियल मैड्रिड के स्टार स्ट्राइकर किलियन एमबाप्पे ने अपने शानदार प्रदर्शन से तहलका मचा दिया है। ला लीगा के शुरुआती दो मुकाबलों में शानदार गोल करने वाले फ्रांसीसी खिलाड़ी फिलहाल गोल्डन बूट की दौड़ में सबसे आगे हैं। बुधवार को रियल सोसिदाद के खिलाफ उन्होंने हैट्रिक लगाकर अपनी टीम को लगातार दूसरी लीग जीत दिलाई।
लेकिन रियल मैड्रिड के कोच जोस मोरिन्हो एमबाप्पे के गोलों से ही संतुष्ट नहीं हैं। उनका मानना है कि टीम को खिताब दिलाने के लिए दुनिया के इस स्टार खिलाड़ी को गोल करने के साथ-साथ टीम के लिए भी उतनी ही मेहनत करनी होगी।
मोरिन्हो ने मैच के बाद कहा, “मैं 60 गोल से ज्यादा 40 गोल और खिताब पसंद करूंगा।” उनके मुताबिक, अगर एमबाप्पे 40 गोल करते हैं और टीम के लिए लगातार मेहनत करते हुए ट्रॉफियां जीतते हैं, तो यह 60 व्यक्तिगत गोल करने से कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण होगा।
उन्होंने कहा कि वह ऐसे 40 गोल पसंद करेंगे, जिनके पीछे टीम के लिए कड़ी मेहनत हो, बजाय इसके कि कोई स्ट्राइकर सिर्फ अपने लिए खेलते हुए 60 गोल कर दे।
मोरिन्हो ने साफ किया कि उनकी टिप्पणी एमबाप्पे की आलोचना नहीं है। वह इस सीजन में फ्रांसीसी स्टार के प्रदर्शन और उनकी मेहनत से बेहद खुश हैं।
उन्होंने कहा, “मैं उससे बहुत खुश हूं। तकनीकी तौर पर उसके बारे में कहने के लिए कुछ नहीं है। लेकिन टीम को आगे बढ़ाने, जिम्मेदारी लेने और मेहनत करने के मामले में उससे और योगदान की उम्मीद है।”
मोरिन्हो ने यह भी बताया कि एमबाप्पे प्री-सीजन की तैयारी के लिए दो दिन पहले ही टीम के साथ जुड़ गए थे। उनके मुताबिक, प्री-सीजन में दो दिन पहले पहुंचना खिलाड़ी की सकारात्मक मानसिकता को दिखाता है।
एमबाप्पे ने हाल ही में फ्रांस के साथ विश्व कप में भी इतिहास रचा। उन्होंने टूर्नामेंट में 10 गोल कर गोल्डन बूट जीता और अपने विश्व कप करियर में कुल 22 गोल कर लिए। इस उपलब्धि के साथ उन्होंने लियोनेल मेसी को पीछे छोड़ दिया। दोनों खिलाड़ियों ने मिरोस्लाव क्लोजे के 16 गोल के पुराने रिकॉर्ड को पहले ही पीछे छोड़ दिया था।
मोरिन्हो का मानना है कि एमबाप्पे अभी और इतिहास रचने के लिए बेहद भूखे हैं। उन्होंने कहा कि वह एमबाप्पे को रियल मैड्रिड के साथ इतिहास बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध देखते हैं।
एमबाप्पे 2024 में पेरिस सेंट जर्मेन से रियल मैड्रिड पहुंचे थे। इसके बाद उन्होंने क्लब के लिए 103 मुकाबलों में 86 गोल किए हैं। बावजूद इसके, क्लब के साथ उनके खाते में अब तक सिर्फ 2024 का यूईएफए सुपर कप और फीफा इंटरकॉन्टिनेंटल कप आया है।
इस दौरान एमबाप्पे के पुराने क्लब पीएसजी ने दो बार चैंपियंस लीग जीती, जबकि रियल मैड्रिड के प्रतिद्वंद्वी बार्सिलोना ने दोनों ला लीगा खिताब अपने नाम किए। पिछले सीजन में रियल मैड्रिड एक भी बड़ी ट्रॉफी नहीं जीत सका।यही वजह है कि इस सीजन में टीम पर खिताब जीतने का दबाव काफी बढ़ गया है। सीजन की शुरुआत में एमबाप्पे ने भी रियल मैड्रिड टीवी से कहा था कि इस साल टीम को जीतना ही होगा और यही सभी की इच्छा है।
मोरिन्हो का मानना है कि रियल मैड्रिड जैसी टीम में दुनिया के बड़े सितारों को सिर्फ व्यक्तिगत प्रदर्शन पर ध्यान देने के बजाय एक टीम के रूप में खेलना सीखना होगा।उन्होंने कहा कि ऐसे खिलाड़ियों को व्यक्तिगत स्तर पर बहुत कुछ सिखाने की जरूरत नहीं होती। असली चुनौती उन्हें टीम के लिए एक साथ खेलने और एक दिशा में आगे बढ़ने के लिए तैयार करना है।
63 वर्षीय पुर्तगाली कोच के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती रियल मैड्रिड के स्टार खिलाड़ियों को एकजुट कर उन्हें ट्रॉफी तक पहुंचाने की है। पिछले सीजन में टीम के कोचिंग स्टाफ में लगातार बदलाव हुए और एमबाप्पे के शानदार गोल भी टीम को मुश्किल दौर से पूरी तरह बाहर नहीं निकाल सके।
अब रविवार को मालागा के खिलाफ मुकाबले में एमबाप्पे के पास अपने गोलों की संख्या बढ़ाने का एक और मौका होगा। लेकिन मोरिन्हो की नजर सिर्फ स्कोरबोर्ड पर नहीं होगी। वह देखना चाहेंगे कि उनका स्टार स्ट्राइकर गोल के साथ टीम के लिए कितना पसीना बहाता है।