नई दिल्ली।
भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान रोहित शर्मा के संभावित संन्यास को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच भारत को पहला विश्व कप दिलाने वाले महान कप्तान कपिल देव ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि जब भी रोहित शर्मा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कहें, उस पल को दुख के बजाय उत्सव की तरह मनाया जाना चाहिए। उनके अनुसार रोहित ने अपने लंबे करियर में करोड़ों क्रिकेट प्रेमियों को खुशी, गर्व और यादगार पल दिए हैं।
उत्तर प्रदेश के नोएडा में कपिल देव सुनील गुप्ता सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के एक कार्यक्रम में मीडिया से बातचीत करते हुए कपिल देव ने रोहित शर्मा के भविष्य को लेकर उठ रहे सवालों पर खुलकर अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि हर खिलाड़ी को एक न एक दिन क्रिकेट से विदाई लेनी ही पड़ती है और यही खेल का स्वाभाविक नियम है।
"दुख क्यों, खुश होना चाहिए"
इंग्लैंड के खिलाफ जारी वनडे श्रृंखला के दौरान यह अटकलें तेज हो गई हैं कि लॉर्ड्स में खेला जाने वाला मुकाबला रोहित शर्मा के अंतरराष्ट्रीय करियर का आखिरी मैच हो सकता है। इस सवाल पर कपिल देव ने बेहद सकारात्मक अंदाज में जवाब दिया।
उन्होंने कहा, "नहीं, इसे दुख की तरह मत देखिए। खुश रहिए। आखिर दुख क्यों? रोहित शर्मा ने इतने वर्षों तक हमें खुशियां दी हैं। हर खिलाड़ी को एक दिन जाना ही होता है। सुनील गावस्कर गए, राहुल द्रविड़ गए, अनिल कुंबले गए, सचिन तेंदुलकर गए। हर किसी को एक दिन संन्यास लेना पड़ता है।"कपिल देव का मानना है कि किसी महान खिलाड़ी की विदाई को उसकी उपलब्धियों के सम्मान के रूप में देखा जाना चाहिए, न कि केवल उसके करियर के अंत के रूप में।
रोहित के योगदान को याद रखने की अपील
पूर्व कप्तान ने कहा कि रोहित शर्मा ने केवल भारत ही नहीं, बल्कि दुनिया भर के क्रिकेट प्रशंसकों का भरपूर मनोरंजन किया है। उनकी बल्लेबाजी शैली और नेतृत्व ने भारतीय क्रिकेट को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है।
उन्होंने कहा, "जब भी रोहित जाएं, हमें उनके क्रिकेट जीवन का जश्न मनाना चाहिए। उन्होंने देश को कितनी खुशियां दी हैं। सिर्फ भारत ही नहीं, पूरी दुनिया में उन्होंने शानदार क्रिकेट खेला है। इसलिए हमें खुश होना चाहिए, दुखी नहीं।"कपिल देव के इस बयान को सोशल मीडिया पर भी काफी सराहा जा रहा है। कई क्रिकेट प्रेमियों ने माना कि महान खिलाड़ियों की विदाई सम्मान और गर्व के साथ होनी चाहिए।
शतक लगाकर विदाई लें रोहित
कपिल देव ने रोहित शर्मा के लिए अपनी शुभकामनाएं भी व्यक्त कीं। उन्होंने उम्मीद जताई कि अगर रोहित जल्द संन्यास लेने का फैसला करते हैं तो वह अपने अंतिम मुकाबले में शतक लगाकर यादगार विदाई लें।उन्होंने कहा, "एक दिन तो उन्हें जाना ही है। अगर वह जा रहे हैं तो मेरी यही कामना है कि वह शतक बनाकर जाएं।"यह बयान रोहित शर्मा के प्रशंसकों के बीच तेजी से चर्चा का विषय बन गया है।
क्यों तेज हुई संन्यास की चर्चा?
इंग्लैंड के खिलाफ मौजूदा वनडे श्रृंखला में रोहित शर्मा का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा है। पहले दो मुकाबलों में उन्होंने केवल 11 और 26 रन बनाए। इस वजह से उनके भविष्य को लेकर कई तरह के कयास लगाए जाने लगे हैं।
वर्ष 2026 में अब तक रोहित शर्मा ने आठ वनडे मैचों में 241 रन बनाए हैं। इस दौरान उनका औसत 30.12 रहा है, जबकि सर्वोच्च स्कोर 79 रन का रहा है। लगातार साधारण प्रदर्शन के बाद क्रिकेट विशेषज्ञों और पूर्व खिलाड़ियों के बीच उनके संन्यास को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
शानदार रहा अंतरराष्ट्रीय करियर
रोहित शर्मा ने 23 जून 2007 को बेलफास्ट में आयरलैंड के खिलाफ अपना वनडे अंतरराष्ट्रीय पदार्पण किया था। इसके बाद उन्होंने भारतीय क्रिकेट में कई ऐतिहासिक उपलब्धियां अपने नाम कीं।वनडे क्रिकेट में तीन दोहरे शतक लगाने वाले दुनिया के इकलौते बल्लेबाज रोहित शर्मा अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी और बड़े मैचों में शानदार प्रदर्शन के लिए जाने जाते हैं।
उनकी कप्तानी में भारत ने कई महत्वपूर्ण टूर्नामेंटों में सफलता हासिल की और टीम को नई दिशा मिली।हाल के समय में वह टी20 अंतरराष्ट्रीय और टेस्ट क्रिकेट से पहले ही संन्यास ले चुके हैं। ऐसे में वनडे क्रिकेट को लेकर चल रही चर्चाओं ने क्रिकेट जगत का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है।
प्रशंसकों की नजर अगले मुकाबले पर
अब सभी की निगाहें इंग्लैंड के खिलाफ आगामी मुकाबले पर टिकी हैं। यदि यह वास्तव में रोहित शर्मा का आखिरी अंतरराष्ट्रीय मैच साबित होता है, तो क्रिकेट प्रेमी चाहेंगे कि वह अपने शानदार करियर का समापन उसी अंदाज में करें, जिसके लिए उन्हें पूरी दुनिया में जाना जाता है।
कपिल देव के शब्दों में, किसी महान खिलाड़ी की विदाई आंसुओं से नहीं, बल्कि उसकी उपलब्धियों और यादगार योगदान के उत्सव के साथ होनी चाहिए। यही संदेश उन्होंने रोहित शर्मा के संभावित संन्यास को लेकर पूरे क्रिकेट जगत को दिया है।