इंफेंटिनो ने स्पेन को दी विश्व विजेता की बधाई

Story by  एटीवी | Published by  [email protected] | Date 20-07-2026
Infantino congratulated Spain on becoming world champions.
Infantino congratulated Spain on becoming world champions.

 

न्यू जर्सी:

स्पेन ने फीफा विश्व कप 2026 के फाइनल में गत चैंपियन अर्जेंटीना को अतिरिक्त समय (एक्स्ट्रा टाइम) में 1-0 से हराकर दूसरी बार विश्व चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया। इस ऐतिहासिक जीत के बाद फीफा अध्यक्ष जियानी इंफेंटिनो ने स्पेनिश टीम को बधाई देते हुए इसे "गर्व का क्षण" और आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करने वाली उपलब्धि बताया।

न्यूयॉर्क-न्यू जर्सी स्टेडियम में खेले गए रोमांचक फाइनल में निर्धारित 90 मिनट तक दोनों टीमें गोल नहीं कर सकीं। मुकाबला अतिरिक्त समय में पहुंचा, जहां स्पेन के स्थानापन्न खिलाड़ी फेरान टोरेस ने 106वें मिनट में शानदार गोल कर अपनी टीम को विश्व विजेता बना दिया। टोरेस का दमदार शॉट अर्जेंटीना के गोलकीपर एमिलियानो मार्टिनेज को चकमा देते हुए सीधे जाल में जा समाया और यही गोल मैच का निर्णायक साबित हुआ।

स्पेन की जीत के बाद फीफा अध्यक्ष जियानी इंफेंटिनो ने इंस्टाग्राम पर लिखा, "विश्व कप 2026 जीतने और दूसरी बार विश्व चैंपियन बनने पर स्पेन को हार्दिक बधाई।" उन्होंने एक अन्य पोस्ट में कहा कि स्पेन की यह उपलब्धि आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करेगी। इंफेंटिनो ने अर्जेंटीना की भी सराहना करते हुए कहा कि हार के बावजूद पूरी प्रतियोगिता में टीम का प्रदर्शन करोड़ों फुटबॉल प्रेमियों के लिए प्रेरणादायक रहा।

इस हार के साथ अर्जेंटीना और उसके महान खिलाड़ी लियोनेल मेसी के विश्व कप खिताब बचाने का सपना भी टूट गया। मेसी की कप्तानी में अर्जेंटीना ने 2022 का फीफा विश्व कप और 2021 व 2024 की कोपा अमेरिका ट्रॉफी जीती थी। हालांकि इस बार टीम फाइनल तक तो पहुंची, लेकिन खिताब बचाने में सफल नहीं हो सकी।

स्पेन के लिए यह जीत कई मायनों में ऐतिहासिक रही। टीम ने पूरे टूर्नामेंट में एक भी मैच नहीं गंवाया और आठ मुकाबलों में केवल एक गोल खाया। मजबूत रक्षा पंक्ति, संतुलित मिडफील्ड और सामूहिक खेल ने स्पेन को विश्व चैंपियन बनाने में अहम भूमिका निभाई।

19 वर्षीय युवा स्टार लामिन यामाल के लिए यह उनके करियर की अब तक की सबसे बड़ी उपलब्धि है। 2010 में जब स्पेन ने पहली बार विश्व कप जीता था, तब यामाल केवल तीन वर्ष के थे। अब वह स्वयं विश्व विजेता टीम का हिस्सा बन चुके हैं। इससे पहले स्पेन 2024 की यूरोपीय चैम्पियनशिप (यूईएफए यूरो 2024) भी जीत चुका है। ऐसे में उसके पास फिलहाल यूरोप और विश्व—दोनों प्रमुख फुटबॉल खिताब हैं।

हालांकि यामाल ने पूरे टूर्नामेंट में केवल एक गोल किया, लेकिन स्पेन की सफलता किसी एक खिलाड़ी पर निर्भर नहीं रही। मिडफील्डर रोड्री ने पूरे अभियान में खेल की गति नियंत्रित की। मिकेल ओयारजाबाल ने पांच गोल कर टूर्नामेंट के शीर्ष गोल स्कोररों में जगह बनाई, जबकि गोलकीपर उनाई सिमोन ने शानदार बचाव करते हुए गोल्डन ग्लव पुरस्कार अपने नाम किया।

फाइनल में निर्णायक गोल करने वाले फेरान टोरेस ने भी इतिहास रच दिया। वह फीफा विश्व कप फाइनल में गोल करने वाले केवल पांचवें स्थानापन्न खिलाड़ी बने। उनसे पहले 2014 के विश्व कप फाइनल में जर्मनी के मारियो गोट्ज़े ने अर्जेंटीना के खिलाफ विजयी गोल किया था। टोरेस विश्व कप फाइनल में गोल करने वाले बार्सिलोना क्लब के केवल दूसरे खिलाड़ी भी बने। उनसे पहले 2010 के फाइनल में आंद्रेस इनिएस्ता ने नीदरलैंड्स के खिलाफ अतिरिक्त समय में विजयी गोल दागा था।

स्पेन का विश्व कप अभियान भी बेहद प्रभावशाली रहा। टीम ने ग्रुप चरण की शुरुआत केप वर्डे के खिलाफ गोलरहित ड्रॉ से की। इसके बाद सऊदी अरब को 4-0 और उरुग्वे को 1-0 से हराकर ग्रुप एच में शीर्ष स्थान हासिल किया। नॉकआउट चरण में स्पेन ने राउंड ऑफ 32 में ऑस्ट्रिया को 3-0, राउंड ऑफ 16 में पुर्तगाल को 1-0, क्वार्टर फाइनल में बेल्जियम को 2-1 और सेमीफाइनल में फ्रांस को 2-0 से हराकर फाइनल में प्रवेश किया।

फाइनल में स्पेन ने पूरे मैच में गेंद पर अपना नियंत्रण बनाए रखा। टीम ने अर्जेंटीना को केवल एक शॉट लक्ष्य पर लगाने का मौका दिया, जबकि स्वयं 12 शॉट लक्ष्य पर लगाए। अतिरिक्त समय में अर्जेंटीना के मिडफील्डर एंजो फर्नांडीज दो पीले कार्ड मिलने के बाद मैदान से बाहर हो गए, जिससे टीम 10 खिलाड़ियों के साथ खेलने को मजबूर हो गई। स्पेन ने इस बढ़त का पूरा फायदा उठाते हुए मैच अपने नाम किया और 16 वर्षों बाद एक बार फिर फुटबॉल की दुनिया का ताज हासिल कर लिया।