आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
भारत के कंपाउंड तीरंदाजों ने अपना शानदार प्रदर्शन जारी रखते हुए शुक्रवार को यहां एशिया कप विश्व रैंकिंग टूर्नामेंट के पहले चरण में मिश्रित टीम का स्वर्ण पदक और महिला टीम का रजत पदक जीता और पुरुषों के व्यक्तिगत वर्ग में क्लीन स्वीप किया।
भारत ने इस तरह से अब इस प्रतियोगिता में दो स्वर्ण, दो रजत और चार कांस्य पदक जीत दिए हैं। उसके कुल पदकों की संख्या आठ हो गई है जो पिछले साल के टूर्नामेंट के बराबर है। भारत ने दो कांस्य पदक बुधवार को महिला रिकर्व टीम और पुरुष कंपाउंड टीम ने जीते थे।
भारत को दिन में बाद में होने वाले अन्य फाइनल में महिला रिकर्व व्यक्तिगत (रिधि फोर) और पुरुष रिकर्व टीम से पदक मिलना सुनिश्चित है।
दिन का मुख्य आकर्षण पुरुषों के कंपाउंड व्यक्तिगत वर्ग में क्लीन स्वीप रहा। उदय कंबोज ने रोमांचक फाइनल में हमवतन प्रथमेश जवकर को 145-144 से हराकर अपना पहला अंतरराष्ट्रीय स्वर्ण पदक जीता, जबकि अनुभवी खिलाड़ी रजत चौहान ने कांस्य पदक हासिल किया।
चौहान ने अंतिम सेट में अपने अनुभव का इस्तेमाल करते हुए तीन सटीक तीर लगाकर स्थानीय खिलाड़ी पीरावत रत्तनपोंगकियात को 145-144 से हराया जिससे भारत इस स्पर्धा में क्लीन स्वीप करने में सफल रहा।
भारत के दो 22 वर्षीय खिलाड़ियों के बीच हुए मुकाबले में कंबोज ने अधिक अनुभवी प्रथमेश जवकर के खिलाफ कड़े मुकाबले में 145-144 से जीत हासिल की।
इस मैच में उतार-चढ़ाव देखने को मिला। जवकर दूसरे सेट के बाद 59-57 से आगे थे। कंबोज ने तीसरे सेट में 87-87 के स्कोर पर बराबरी करते हुए शानदार वापसी की और फिर चौथे सेट में जवकर की थोड़ी सी चूक का फायदा उठाते हुए 116-115 की बढ़त हासिल कर ली।
इसके बाद उन्होंने अंतिम सेट में अपना संयम बनाए रखा और यादगार जीत हासिल की।
अठारह वर्षीय तेजल साल्वे ने तटस्थ ध्वज के तहत प्रतिस्पर्धा कर रही रूसी तीरंदाज मारिया दिमिडियुक को 144-135 से हराकर महिला कंपाउंड व्यक्तिगत वर्ग में कांस्य पदक जीता।