इनारा मेहता ने एफईआई ड्रेसेज चैलेंज में हासिल की शीर्ष रैंकिंग

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  [email protected] | Date 18-03-2026
Inara Mehta Secures Top Ranking in FEI Dressage Challenge
Inara Mehta Secures Top Ranking in FEI Dressage Challenge

 

मुंबई

मुंबई की 15 वर्षीय इनारा मेहता लुथरिया ने एफईआई विश्व ड्रेसेज चैलेंज में देश में शीर्ष रैंकिंग हासिल की है। इस प्रतियोगिता में उन्होंने एफईआई क्षेत्र नौ में पहला स्थान और विश्व स्तर पर छठा स्थान हासिल किया।

एमेच्योर राइडर्स क्लब की युवा राइडर इनारा ने अपने घोड़े ‘दाशा डीलक्स’ के साथ युवा वर्ग 12 से 16 साल में 69.857 प्रतिशत का शानदार स्कोर प्राप्त किया। इस प्रदर्शन ने उन्हें देश में शीर्ष रैंक दिलाई और विश्व स्तर पर उनकी पहचान मजबूत की।

एफईआई क्षेत्र नौ में भारत, सिंगापुर, फिलिपींस, न्यूजीलैंड, हांगकांग और चीन शामिल हैं। इनारा उस टीम का हिस्सा थीं जिसे देश का प्रतिनिधित्व करने के लिए चुना गया था। टीम में गौरव पुंडीर, मिराया आर दादाभोय और समन्ना एवेरा भी शामिल थे।

प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए एफईआई क्षेत्र नौ में पहला स्थान हासिल किया और विश्व स्तर पर सातवें नंबर पर रही। यह उपलब्धि देश के लिए गर्व का क्षण है और युवा राइडर्स के लिए प्रेरणा का स्रोत बन सकती है।

डब्ल्यूडीसी यानी विश्व ड्रेसेज चैलेंज का उद्देश्य दुनिया भर में ड्रेसेज स्पर्धा को बढ़ावा देना है। इस प्रारूप में अंतरराष्ट्रीय जज पूरे साल प्रतिभागी देशों का दौरा कर राइडर्स का मूल्यांकन करते हैं। यह आयोजन राइडर्स को अंतरराष्ट्रीय अनुभव और प्रतिस्पर्धा का अवसर देता है।

इनारा के इस प्रदर्शन को विशेषज्ञ और कोच दोनों ने सराहा है। उनका कहना है कि निरंतर अभ्यास, घोड़े के साथ गहरा तालमेल और मानसिक दृढ़ता ने इनारा को यह सफलता दिलाई। इनारा का यह स्कोर न केवल व्यक्तिगत उपलब्धि है बल्कि भारत में युवा घुड़सवारी को बढ़ावा देने वाला संदेश भी है।

विशेषज्ञ मानते हैं कि इनारा जैसी युवा प्रतिभाओं का प्रदर्शन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की छवि को मजबूत करता है। भविष्य में वे और अधिक उच्च स्तर की प्रतियोगिताओं में देश का नाम रोशन कर सकती हैं।

इनारा मेहता की यह सफलता दर्शाती है कि निरंतर मेहनत, प्रशिक्षण और समर्पण से युवा खिलाड़ी भी विश्व मंच पर चमक सकते हैं। उनका नाम आने वाले वर्षों में भारतीय घुड़सवारी में प्रेरक साबित होगा।