ICC tournaments are losing their sheen, need a change from an administrative perspective: Uthappa
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
भारत के पूर्व बल्लेबाज रॉबिन उथप्पा का मानना है कि आईसीसी (अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद) टूर्नामेंटों के प्रति लोगों का आकर्षण कम होता जा रहा है और इनकी चमक को बरकरार रखने के लिए ‘प्रशासनिक दृष्टिकोण’ से बदलाव करने की जरूरत है।
मौजूदा क्रिकेट कैलेंडर में 10 महीनों के भीतर तीन विश्व कप आयोजित किए जा रहे हैं। महिला वनडे विश्व कप सितंबर और नवंबर 2025 के बीच खेला गया था। अब पुरुषों का टी20 विश्व कप सात फरवरी से आठ मार्च 2026 के बीच खेला जाएगा। इसके बाद जून जुलाई में महिला टी20 विश्व कप होगा।
उथप्पा ने यहां एसए20 के दौरान चुनिंदा पत्रकारों से बातचीत में पीटीआई के एक सवाल के जवाब में कहा, ‘‘मुझे लगता है कि खेल को प्रशासनिक दृष्टिकोण से विकसित करने की जरूरत है। हर साल आईसीसी टूर्नामेंट हो रहे हैं। इससे प्रशंसकों और दर्शकों के लिए इनकी क्या अहमियत रह गई है। ईमानदारी और पूरे सम्मान के साथ कहूं तो इनमें कुछ नयापन नहीं है और उनकी चमक फीकी पड़ती जा रही है।’’
उथप्पा अभी एसए20 में कमेंटेटर की भूमिका निभा रहे हैं। उनका मानना था कि आईसीसी की दो प्रतियोगिताओं के बीच कुछ अंतराल होना चाहिए ताकि उनका महत्व बना रहे।
उन्होंने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि आईसीसी चैंपियनशिप की नवीनता बनी रहनी चाहिए। यह न केवल खिलाड़ियों बल्कि प्रशंसकों और दर्शकों के लिए भी महत्वपूर्ण टूर्नामेंट होते हैं। इनका कुछ महत्व होना चाहिए। इसमें कुछ बदलाव होना चाहिए।’’
उथप्पा ने कहा, ‘‘हम हर साल आईसीसी टूर्नामेंट आयोजित नहीं कर सकते और न ही करना चाहिए। यह एक कड़वी सच्चाई है जिसे मुझे लगता है कि इस खेल के प्रशासकों को समझना होगा। उन्हें खेल को इस तरह विकसित करने पर विचार करना होगा जिससे यह वास्तव में आगे बढ़ सके।’’
उथप्पा ने इसके साथ ही कहा कि एसए20 दक्षिण अफ्रीकी क्रिकेट में एक बड़ा बदलाव लाएगा, क्योंकि युवा प्रतिभाएं अब लीग के जरिए अपनी पहचान बना रहे हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘मेरा मानना है कि क्रिकेट के माहौल और गुणवत्ता के मामले में यह आईपीएल के बाद दूसरी सर्वश्रेष्ठ लीग है। इससे आप दक्षिण अफ्रीकी क्रिकेट को फलते-फूलते देखेंगे। आईसीसी टेस्ट चैंपियनशिप और अन्य टूर्नामेंट में दक्षिण अफ्रीका के अच्छे प्रदर्शन से इसका पता चलता है।’’