Gayatri and Treesa to be honoured with the Arjuna Award.
नई दिल्ली
भारतीय बैडमिंटन की स्टार महिला डबल्स जोड़ी गायत्री गोपीचंद और ट्रीसा जॉली के लिए मंगलवार का दिन दोहरी खुशी लेकर आया। दोनों खिलाड़ियों को वर्ष 2025 के प्रतिष्ठित अर्जुन पुरस्कार के लिए चुना गया। इसके कुछ ही घंटों बाद दोनों ने बीडब्ल्यूएफ विश्व चैंपियनशिप 2026 में शानदार जीत दर्ज कर महिला डबल्स के प्री-क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली।
गायत्री और ट्रीसा उन 17 खिलाड़ियों में शामिल हैं, जिन्हें मंगलवार को अर्जुन पुरस्कार के लिए चुना गया। पुरस्कार की घोषणा के बाद दोनों ने दिल्ली के इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में कोर्ट पर उतरकर अमेरिका की लॉरेन लैम और एलिसन ली की जोड़ी को सीधे गेमों में 21-15, 21-12 से हराया।
पुरस्कार मिलने पर बेहद खुश गायत्री
अर्जुन पुरस्कार के लिए चुने जाने पर गायत्री गोपीचंद ने खुशी जताते हुए कहा कि यह उनके लिए बेहद खास और गर्व का क्षण है। उन्होंने इस सम्मान के लिए आभार व्यक्त किया और कहा कि उन्हें पुरस्कार मिलने पर बहुत खुशी हो रही है।
गायत्री ने बताया कि पुरस्कार की घोषणा के बाद उन्होंने अभी तक अपने पिता और भारतीय बैडमिंटन के पूर्व स्टार पुलेला गोपीचंद से बात नहीं की थी। हालांकि, परिवार के सभी सदस्यों ने उन्हें बधाई दी और इस उपलब्धि पर खुशी जताई।
गायत्री के लिए यह सम्मान इसलिए भी खास है क्योंकि उनके पिता पुलेला गोपीचंद को भी वर्ष 1999 में अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है। इस तरह पिता के बाद बेटी को भी देश का यह प्रतिष्ठित खेल सम्मान मिलने जा रहा है।
ट्रीसा के पिता का सपना हुआ पूरा
ट्रीसा जॉली ने भी अर्जुन पुरस्कार के लिए चुने जाने को अपने परिवार के लिए बेहद भावुक और विशेष क्षण बताया। उन्होंने कहा कि उनके पिता का सपना था कि उन्हें अर्जुन पुरस्कार मिले।
ट्रीसा ने बताया कि पुरस्कार की घोषणा के बाद उनके पिता ने फोन कर उन्हें यह खुशखबरी दी। उन्होंने कहा कि यह सम्मान जल्द ही उनके घर आने वाला है और वह इससे बेहद खुश हैं।
गायत्री और ट्रीसा को यह सम्मान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार शानदार प्रदर्शन के बाद मिला है। दोनों ने पिछले कुछ वर्षों में भारतीय महिला डबल्स को मजबूत पहचान दिलाई है।
विश्व चैंपियनशिप में भी शानदार प्रदर्शन
अर्जुन पुरस्कार की खबर मिलने के बाद दोनों खिलाड़ियों ने अपने प्रदर्शन से भी दिन को यादगार बना दिया। विश्व चैंपियनशिप के राउंड ऑफ 32 मुकाबले में उन्होंने अमेरिकी जोड़ी को 21-15, 21-12 से मात दी।
मैच की शुरुआत में दोनों टीमों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला, लेकिन भारतीय जोड़ी ने परिस्थितियों के अनुसार खुद को जल्दी ढाला और आक्रामक खेल के जरिए मुकाबले पर नियंत्रण बना लिया।
गायत्री ने बताया कि कोर्ट थोड़ा चुनौतीपूर्ण था और शटल की गति को समझने में कुछ समय लगा। हालांकि, दोनों ने जल्द परिस्थितियों के साथ तालमेल बैठाया और आक्रामक रणनीति अपनाई, जिसका उन्हें फायदा मिला।
इस जीत के साथ विश्व नंबर 39 गायत्री-ट्रीसा की जोड़ी महिला डबल्स के राउंड ऑफ 16 में पहुंच गई है। भारत में 2009 के बाद पहली बार विश्व बैडमिंटन चैंपियनशिप आयोजित हो रही है, इसलिए घरेलू दर्शकों के सामने दोनों का आगे बढ़ना भारतीय अभियान के लिए महत्वपूर्ण है।
17 खिलाड़ियों को मिलेगा अर्जुन पुरस्कार
राष्ट्रीय खेल पुरस्कार खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन को सम्मानित करते हैं। अर्जुन पुरस्कार लगातार चार वर्षों के प्रदर्शन के साथ नेतृत्व, खेल भावना और अनुशासन को ध्यान में रखकर दिया जाता है।
इस वर्ष अर्जुन पुरस्कार के लिए चुने गए खिलाड़ियों में एथलेटिक्स से तेजस्विन शंकर, मोहम्मद अजमल वारियाथोडी और प्रियंका गोस्वामी, बैडमिंटन से गायत्री गोपीचंद और ट्रीसा जॉली, बॉक्सिंग से नरेंद्र, शतरंज से विदित संतोष गुजराती और दिव्या जितेंद्र देशमुख सहित कुल 17 खिलाड़ी शामिल हैं।
गायत्री और ट्रीसा के लिए अर्जुन पुरस्कार की घोषणा और विश्व चैंपियनशिप में जीत ने एक ही दिन को उनके करियर के यादगार दिनों में शामिल कर दिया है।