जब मांजरेकर ने मेरी आलोचना की, तो मैंने उससे सबक सीखा: अश्विन

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 18-08-2026
When Manjrekar criticised me, I learnt a lesson from it: Ashwin
When Manjrekar criticised me, I learnt a lesson from it: Ashwin

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली

 
किसी भी तरह की आलोचना पर गुस्सा आना स्वाभाविक है, लेकिन रविचंद्रन अश्विन ने संजय मांजरेकर की उनकी गेंदबाजी को लेकर की गई कड़ी टिप्पणियों को सकारात्मक रूप से लिया और उनसे सीख लेकर अपने खेल में सुधार किया।
 
क्रिकेट पर अपनी तीखी टिप्पणियों के लिए मशहूर पूर्व भारतीय बल्लेबाज मांजरेकर ने अपने एक कॉलम में अश्विन के प्रदर्शन की कड़ी आलोचना की थी। उन्होंने यह आलोचना तब की थी जब अश्विन ने ऑस्ट्रेलिया में 2011-12 में खेली गई श्रृंखला के तीन टेस्ट मैचों में बेहद खराब औसत (62 रन प्रति विकेट) से सिर्फ नौ विकेट लिए थे। भारत वह श्रृंखला 0-4 से हार गया था।
 
अश्विन ने ‘जियो हॉटस्टार’ से कहा, ‘‘ऑस्ट्रेलिया के मेरे पहले दौरे के बाद संजय मांजरेकर ने एक लंबा कॉलम लिखा। जब मैं स्वदेश लौट रहा था तो मैंने पूरा कॉलम पढ़ा और उसे पढ़कर मुझे बहुत गुस्सा आया। मुझे सच में बुरा लगा। गुस्सा तो बस स्वाभाविक प्रतिक्रिया थी, लेकिन मुझे बहुत बुरा लगा। लेकिन उसके बाद मैं फ्लाइट में सो गया और उस बात को भुला दिया। तब मैं संजय से ज्यादा बात नहीं करता था।’’
 
लेकिन बाद में उन्हें अहसास हुआ कि मांजरेकर के विश्लेषण को सही भावना से लेना चाहिए और वह अपनी गेंदबाजी और फिटनेस पर काम कर सकते हैं।
 
अश्विन ने कहा, ‘‘घर लौटने के बाद मैंने अगले चार साल तक बहुत मेहनत की। मैं कोई प्रतिभाशाली खिलाड़ी नहीं था। मैंने बहुत मेहनत की। संजय ने 2015 में एक और लेख लिखा जिसमें कहा गया कि मैं अब बहुत अच्छी गेंदबाजी कर रहा हूं और वह चाहते हैं कि मैं इसी तरह प्रदर्शन करता रहूं।’’
 
उन्होंने कहा, ‘‘फिर मैंने उनका नंबर मांगा और उन्हें मैसेज किया कि ‘मुझे उस समय बुरा लगा था, लेकिन आपके कॉलम ने मेरे लिए गुरु का काम किया।’ उसने मेरी जिंदगी बदल दी, क्योंकि उनकी बातों में दम था। इसलिए अगर कभी मेरी आलोचना होती है, तो मैं बस यही सोचता हूं कि क्या मुझे उससे कुछ सीखने को मिल सकता है। अगर मुझे लगता है कि उससे कुछ सीखा जा सकता है, तो मैं उसे आत्मसात कर लेता हूं।’’