मुझे बदनाम करने के लिये गुमराह करने वाले बयान, पैरा बैडमिंटन खिलाड़ियों पर गौरव खन्ना का पलटवार

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 31-10-2026
Gaurav Khanna hits back at para badminton players for making misleading statements to defame him
Gaurav Khanna hits back at para badminton players for making misleading statements to defame him

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली

 
भारत के पैरा बैडमिंटन कोच गौरव खन्ना ने एशियाई पैरा खेलों के दौरान एक सोशल मीडिया पोस्ट के जरिये खिलाड़ियों का मनोबल गिराने के आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि यह आरोप उन्हें बदनाम करने के लिये गढे गए ‘भ्रामक नैरेटिव’ हैं क्योंकि उन्होंने चयन मसलों में ‘दस्तावेजी अनियमितताओं’ का मसला उठाया था ।
 
यह विवाद सोशल मीडिया पर खन्ना की अब डिलीट कर दी गई एक पोस्ट के कारण पैदा हुआ जिसमें उन्होंने कयास लगाया था कि भारत को 2022 पैरा एशियाई खेलों की तुलना में कम पदक मिलेंगे ।
 
फाइनल से एक दिन पहले उन्होंने लिखा था कि भारत को दो स्वर्ण समेत 16 पदक मिलेंगे ।भारत ने तीन स्वर्ण समेत 16 पदक जीते । वहीं 2022 खेलों में भारत ने चार स्वर्ण समेत 21 पदक पैरा बैडमिंटन में जीते थे ।
 
खिलाड़ियों ने आरोप लगाया था कि खन्ना की पोस्ट के कारण उन पर दबाव बना । उन्होंने खेल मंत्रालय और भारतीय खेल प्राधिकरण से इसकी जांच की मांग की थी ।
 
लखनऊ में बैडमिंटन अकादमी चलाने वाले खन्ना ने कहा ,‘‘ मुझे इस बात की चिंता है कि उस पोस्ट के कुछ समय दिखने के लगभग एक हफ्ते बाद यानी 27 अक्टूबर को सार्वजनिक आरोप लगाए गए जिनका मकसद उन अनियमितताओं से ध्यान भटकाना था, जिन्हें मैंने एशियाई पैरा खेल खत्म होने के बाद उच्च अधिकारियों के सामने उठाया था।’’
 
उन्होंने पीटीआई को जारी बयान में कहा ,‘‘ इसकी टाइमिंग गहरी चिंता का विषय है । मेरे द्वारा मसला उठाये जाने की जानकारी मिलने के बाद सभी संबंधित लोगों ने भ्रामक सार्वजनिक धारणा बनाकर मुझे बदनाम करने की कोशिश की ताकि मुख्य मसले से ध्यान हट जाये ।’’
 
भारत के पैरा बैडमिंटन प्रमुख के प्रभाकर राव और छह बार के विश्व चैम्पियन खिलाड़ी प्रमोद भगत ने खन्ना की सोशल मीडिया पोस्ट की आलोचना करके कहा था कि इससे खिलाड़ियों के मनोबल पर असर पड़ा ।
 
खन्ना ने कहा ,‘‘ वह पोस्ट 22 अक्टूबर को रात नौ बजे लिखी गई और दो तीन मिनट में डिलीट कर दी गई । 22 अक्टूबर से 27 अक्टूबर के बीच बीएआई प्रमुख या किसी ने उसके बारे में मुझसे नहीं पूछा और कोई बवाल नहीं खड़ा हुआ ।’’