फीफा वर्ल्ड कप 2026: अर्जेंटीना को हराकर स्पेन बना नया विश्व विजेता

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  [email protected] | Date 20-07-2026
FIFA World Cup 2026: Spain becomes the new world champion after defeating Argentina.
FIFA World Cup 2026: Spain becomes the new world champion after defeating Argentina.

 

न्यू जर्सी।

स्पेन ने फुटबॉल इतिहास में एक नया स्वर्णिम अध्याय लिख दिया है। न्यू जर्सी के मेटलाइफ स्टेडियम में खेले गए रोमांचक फाइनल मुकाबले में स्पेन ने डिफेंडिंग चैंपियन अर्जेंटीना को 1-0 से मात दी। इस ऐतिहासिक जीत के साथ ही स्पेन दूसरी बार फुटबॉल का वैश्विक सरताज बन गया है। निर्धारित 90 मिनट तक दोनों ही टीमें कोई भी गोल करने में नाकाम रहीं।

इसके बाद मैच एक्स्ट्रा टाइम में गया। एक्स्ट्रा टाइम के दूसरे हाफ में स्थानापन्न खिलाड़ी फेरान टोरेस ने शानदार गोल दागकर अपनी टीम को जीत दिला दी। इस खिताबी जीत के साथ स्पेन ने एक अनोखा रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया है। वह अब पुरुष और महिला दोनों वर्ग में एक साथ विश्व कप खिताब रखने वाला दुनिया का पहला देश बन गया है।

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एक्स्ट्रा टाइम में फेरान टोरेस का जादुई गोल

फाइनल मुकाबला बेहद कड़ा और सांसें रोक देने वाला था। स्पेन की टीम शुरुआत से ही आक्रामक मूड में नजर आ रही थी। उसने गेंद पर पूरा नियंत्रण बनाए रखा। स्पेनिश खिलाड़ियों ने सटीक पासिंग और बेहतरीन कॉम्बिनेशन से अर्जेंटीना के डिफेंस पर लगातार दबाव बनाया। स्पेन ने मैच में कुल 65 प्रतिशत समय गेंद को अपने पास रखा। इस दौरान स्पेन ने 852 पास पूरे किए। यह संख्या अर्जेंटीना के 464 पासों के मुकाबले लगभग दोगुनी थी। स्पेन के 762 पास बिल्कुल सटीक रहे। लुइस डे ला फुएंते की रणनीति मैदान पर पूरी तरह से काम कर रही थी।

निर्धारित समय में स्पेन ने गोल करने के 15 प्रयास किए। वहीं अर्जेंटीना की टीम नियमित समय में एक भी शॉट गोल पर नहीं दाग पाई। इसके बावजूद लियोनेल मेस्सी की कप्तानी में अर्जेंटीना ने किसी तरह मैच को एक्स्ट्रा टाइम तक खींचा।

मैच का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट दूसरे हाफ के इंजरी टाइम में आया। अर्जेंटीना के मिडफील्डर एंजो फर्नांडीज को स्पेन के डिफेंडर पाउ कुबार्सी पर एक खतरनाक फाउल करने के लिए दूसरा पीला कार्ड दिखाया गया। रेफरी स्लाव्को विंचिच ने तुरंत लाल कार्ड दिखाकर उन्हें मैदान से बाहर कर दिया। 10 खिलाड़ियों के साथ खेल रही अर्जेंटीना की टीम एक्स्ट्रा टाइम में कमजोर पड़ने लगी।

मैच के 106वें मिनट में मैदान पर वह पल आया जिसका स्पेन के फैंस को इंतजार था। बॉक्स के अंदर एक उछलती हुई गेंद पर फेरान टोरेस ने फुर्ती दिखाई। उन्होंने अपने बाएं पैर से एक जोरदार शॉट लगाया। गेंद सीधे क्रॉसबार के ठीक नीचे से होती हुई नेट में जा घुसी। अर्जेंटीना के गोलकीपर एमिलियानो मार्टिनेज के पास इस शॉट को रोकने का कोई मौका नहीं था। इस इकलौते गोल ने स्पेन को विश्व कप की ट्रॉफी दिला दी।

गोलकीपर एमिलियानो मार्टिनेज का ऐतिहासिक प्रदर्शन

अर्जेंटीना भले ही यह मैच हार गया हो लेकिन उसके गोलकीपर एमिलियानो मार्टिनेज ने इतिहास रच दिया। स्पेन ने मैच में कुल 20 शॉट गोल पर दागे। मार्टिनेज ने दीवार की तरह खड़े होकर स्पेन के 11 निश्चित गोल बचाए। यह फुटबॉल विश्व कप के किसी भी फाइनल मैच में किसी गोलकीपर द्वारा किए गए सबसे ज्यादा बचाव का एक नया रिकॉर्ड है।

मैच खत्म होने से ठीक पहले स्पेन के युवा स्टार लामिन यामल को 22 यार्ड की दूरी से फ्री-किक मिली। यामल का शॉट सीधे राइट पोस्ट की तरफ जा रहा था। मार्टिनेज ने एक शानदार डाइव लगाकर गेंद को दूर धकेल दिया। इस अविश्वसनीय बचाव के बाद उन्होंने हवा में मुक्का लहराकर दर्शकों का उत्साह बढ़ाया। दूसरी तरफ स्पेन के गोलकीपर उनाई सिमोन को ज्यादा मशक्कत नहीं करनी पड़ी। अर्जेंटीना की टीम पूरे मैच में गोल पर केवल दो शॉट ही लगा पाई जिन्हें सिमोन ने आसानी से रोक लिया।

हार के बाद भावुक हुए कोच लियोनेल स्कालोनी

मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में एक बेहद भावुक नजारा देखने को मिला। अर्जेंटीना को अपनी कोचिंग में चैंपियन बनाने वाले लियोनेल स्कालोनी हमेशा हंसमुख स्वभाव के लिए जाने जाते हैं। वे अक्सर पत्रकारों के सवालों के मजेदार जवाब देते हैं। लेकिन फाइनल में मिली इस करीबी हार के बाद वे अपने आंसू नहीं रोक पाए।

एक अर्जेंटीनाई पत्रकार ने जब स्कालोनी से उनके भविष्य को लेकर सवाल पूछा तो वे बच्चों की तरह रो पड़े। वे इतने भावुक हो गए कि बोलते-बोलते उनके शब्द रुक गए। इसके बाद वे प्रेस कॉन्फ्रेंस रूम छोड़कर बाहर चले गए।

जाने से पहले स्कालोनी ने नम आंखों से कहा कि उन्हें अपने भविष्य पर फैसला करने के लिए थोड़ा समय चाहिए। उन्होंने कहा कि यह एक शानदार टीम थी। सभी खिलाड़ियों का आपसी तालमेल अद्भुत था। शायद ऐसी टीम दोबारा कभी न मिले। स्कालोनी ने खुले दिल से स्पेन की खेल भावना की तारीफ की। उन्होंने माना कि स्पेन की टीम आज के मैच में उनसे बेहतर खेली।

किलियन म्बाप्पे को मिला गोल्डन बूट पुरस्कार

अर्जेंटीना के स्टार खिलाड़ी लियोनेल मेस्सी ने पूरे टूर्नामेंट में बेहतरीन खेल दिखाया। उन्होंने इस विश्व कप में कुल आठ गोल दागे। हालांकि वे फाइनल मुकाबले में कोई गोल नहीं कर सके। इस वजह से फ्रांस के कप्तान किलियन म्बाप्पे इस टूर्नामेंट के सबसे सफल स्कोरर रहे। म्बाप्पे ने टूर्नामेंट में कुल 10 गोल किए। इनमें से दो गोल उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे स्थान के लिए हुए मैच में दागे थे।

10 गोल के साथ म्बाप्पे को इस साल का गोल्डन बूट पुरस्कार दिया गया। वह फुटबॉल इतिहास में दो बार गोल्डन बूट जीतने वाले पहले खिलाड़ी बन गए हैं। इससे पहले उन्होंने साल 2022 के कतर विश्व कप में 8 गोल करके यह प्रतिष्ठित पुरस्कार जीता था। इन 10 गोलों की मदद से म्बाप्पे के विश्व कप करियर में कुल 22 गोल हो गए हैं। उन्होंने लियोनेल मेस्सी के 21 गोलों के सर्वकालिक रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ दिया है। अब म्बाप्पे विश्व कप इतिहास के सबसे शीर्ष स्कोररों की सूची में शामिल हो चुके हैं।

विश्व कप 2026 की रिकॉर्ड पुरस्कार राशि

फीफा ने इस बार टूर्नामेंट के लिए कुल 655 मिलियन अमेरिकी डॉलर की रिकॉर्ड पुरस्कार राशि का एलान किया था। यह राशि साल 2022 के कतर विश्व कप की तुलना में लगभग 50 प्रतिशत ज्यादा है। विजेता टीम स्पेन को चमचमाती ट्रॉफी के साथ 50 मिलियन डॉलर की भारी-भरकम इनामी राशि मिलेगी। उपविजेता रही अर्जेंटीना की टीम को 33 मिलियन डॉलर की राशि दी जाएगी।

टूर्नामेंट में तीसरे स्थान पर रहने वाली इंग्लैंड की टीम को 29 मिलियन डॉलर मिलेंगे। वहीं चौथे स्थान पर रही फ्रांस की टीम को 27 मिलियन डॉलर की इनामी राशि मिलेगी। क्वार्टर फाइनल तक का सफर तय करने वाली मोरक्को, बेल्जियम, नॉर्वे और स्विट्जरलैंड की टीमों को 19-19 मिलियन डॉलर दिए जाएंगे।

इसके साथ ही राउंड ऑफ 16 में बाहर होने वाली आठ टीमों में से प्रत्येक को 15 मिलियन डॉलर मिले। राउंड ऑफ 32 तक पहुंचने वाली 16 टीमों को 11-11 मिलियन डॉलर की राशि मिलेगी। इस मेगा इवेंट में हिस्सा लेने वाली सभी 48 टीमों को न्यूनतम 15 मिलियन डॉलर मिलने की गारंटी दी गई थी। ग्रुप स्टेज से बाहर होने वाली टीमों को 9 मिलियन डॉलर मिले। जबकि सभी प्रतिभागी टीमों को उनकी तैयारी के खर्च के लिए शुरुआती 1.5 मिलियन डॉलर का अलग से भुगतान किया गया था।

सितारों से सजी थी फाइनल की शाम

यह इतिहास का सबसे बड़ा विश्व कप था। इसमें पहली बार 48 टीमों ने हिस्सा लिया। अमेरिका, कनाडा और मेक्सिको की मेजबानी में कुल 104 मैच खेले गए। मैचों की संख्या ज्यादा होने की वजह से इस बार रिकॉर्ड 308 गोल देखने को मिले। फाइनल मुकाबले का क्रेज सिर्फ खेल प्रेमियों तक ही सीमित नहीं था। दुनिया भर की जानी-मानी हस्तियां इस मैच को देखने मेटलाइफ स्टेडियम पहुंची थीं।

सिनेमा जगत से ब्रैड पिट, टॉम क्रूज, मैट डैमन, विल फेरेल, सिलियन मर्फ़ी और डैनियल क्रेग जैसे दिग्गज अभिनेता स्टैंड में मौजूद थे। बास्केटबॉल की दुनिया से स्टीफन करी, विक्टर वेम्बन्यामा, केविन ड्यूरेंट और जेम्स हार्डन जैसे एनबीए स्टार्स मैच का लुत्फ उठा रहे थे। टेनिस स्टार सेरेना विलियम्स और कार्लोस अल्काराज़ भी खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाने पहुंचे थे। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प भी स्टेडियम में मौजूद थे। वे मैच के बाद ट्रॉफी प्रेजेंटेशन सेरेमनी का हिस्सा बने।

मैच से पहले हुई क्लोजिंग सेरेमनी में मशहूर सिंगर पोस्ट मलोन ने अपनी परफॉर्मेंस से समां बांध दिया। वहीं पहली बार फीफा में रखे गए हाफटाइम शो में जस्टिन बीबर, मडोना, शकीरा और बीटीएस जैसे ग्लोबल आइकन्स ने परफॉर्म किया। मैदान पर खेल और मनोरंजन का ऐसा बेजोड़ संगम पहले कभी नहीं देखा गया था।