ईस्ट बंगाल ने दूसरी बार जीता इंडियन विमेंस लीग का खिताब

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  [email protected] | Date 19-05-2026
East Bengal wins Indian Women's League title for the second time.
East Bengal wins Indian Women's League title for the second time.

 

कोलकाता

East Bengal FC ने एक बार फिर भारतीय महिला फुटबॉल में अपना दबदबा साबित करते हुए इंडियन विमेंस लीग 2025-26 का खिताब अपने नाम कर लिया। सीजन के अंतिम मुकाबले में ईस्ट बंगाल ने श्रीभूमि फुटबॉल क्लब को 2-0 से हराकर शानदार अंदाज में अभियान का समापन किया। यह दूसरी बार है जब क्लब ने यह प्रतिष्ठित ट्रॉफी जीती है।

कोलकाता के ईस्ट बंगाल ग्राउंड में खेले गए इस मुकाबले में टीम ने शुरुआत से ही आक्रामक खेल दिखाया। युगांडा की स्टार स्ट्राइकर फाजिला इकोपुट ने 41वें मिनट में पेनल्टी पर गोल कर टीम को बढ़त दिलाई। इसके बाद दूसरे हाफ में सुलंजना राउल ने 55वें मिनट में दूसरा गोल दागकर जीत लगभग तय कर दी।

फाइनल सीटी बजते ही मैदान जश्न में डूब गया। खिलाड़ियों ने समर्थकों के साथ नाचते हुए खिताबी जीत का जश्न मनाया। फ्लेयर्स और नारों के बीच ईस्ट बंगाल ग्राउंड का माहौल पूरी तरह उत्सव में बदल गया।

इस सीजन में ईस्ट बंगाल की सबसे बड़ी ताकत रही उनकी स्ट्राइकर फाजिला इकोपुट। उन्हें टूर्नामेंट का सर्वश्रेष्ठ स्ट्राइकर चुना गया। उन्होंने पूरे सीजन में 20 गोल दागे। इसी दौरान वह इंडियन विमेंस लीग इतिहास की सबसे ज्यादा गोल करने वाली खिलाड़ी भी बन गईं। उन्होंने सबित्रा भंडारी के 60 गोल के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ते हुए अपना आंकड़ा 61 तक पहुंचाया।

टूर्नामेंट के अन्य व्यक्तिगत पुरस्कारों में Sethu FC की निर्मला देवी फांजौबम को सर्वश्रेष्ठ डिफेंडर चुना गया। Garhwal United FC की सानफिदा नोंगरुम को सर्वश्रेष्ठ मिडफील्डर का पुरस्कार मिला। वहीं ईस्ट बंगाल की गोलकीपर पंथोई चानू एलांगबाम को सर्वश्रेष्ठ गोलकीपर चुना गया।

सीजन का एक और अहम परिणाम गरहवाल यूनाइटेड एफसी के लिए आया। टीम ने सेसा फुटबॉल अकादमी को 3-1 से हराकर खुद को रेलीगेशन से बचा लिया। अपने पहले ही सीजन में गरहवाल यूनाइटेड ने शानदार संघर्ष दिखाया और अंत में लीग में जगह बरकरार रखने में सफल रही। दूसरी ओर श्रीभूमि फुटबॉल क्लब और सेसा एफए को अगले सीजन में आईडब्ल्यूएल 2 में खेलना होगा।

एक अन्य मुकाबले में Gokulam Kerala FC और नीता फुटबॉल अकादमी के बीच 1-1 से ड्रॉ रहा। गोकुलम की ओर से प्रियदर्शिनी ने शुरुआती गोल किया, जबकि नीता एफए की कप्तान प्यारी जाखा ने बराबरी का गोल दागा। मुकाबला काफी रोमांचक रहा, लेकिन दोनों टीमें जीत हासिल नहीं कर सकीं।

वहीं कर्नाटक की किकस्टार्ट एफसी और सेतू एफसी के बीच भी मुकाबला 1-1 की बराबरी पर समाप्त हुआ। दोनों टीमों ने आक्रामक खेल दिखाया, लेकिन कोई भी निर्णायक बढ़त नहीं बना सकी।

खिताब जीतने के बाद ईस्ट बंगाल को ट्रॉफी प्रदान की गई। इस अवसर पर Kalyan Chaubey समेत कई फुटबॉल अधिकारी मौजूद रहे। खिलाड़ियों और प्रशंसकों के लिए यह पल बेहद भावुक और गर्व से भरा हुआ था।

इंडियन विमेंस लीग का यह सीजन भारतीय महिला फुटबॉल के बढ़ते स्तर और लोकप्रियता का बड़ा उदाहरण बनकर सामने आया। युवा खिलाड़ियों के प्रदर्शन और दर्शकों की बढ़ती दिलचस्पी ने साफ कर दिया कि महिला फुटबॉल अब देश में नई पहचान बना रही है।