आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
मद्रास उच्च न्यायालय ने क्रिकेटर एम.एस. धोनी को भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के सेवानिवृत्त अधिकारी जी. संपतकुमार के खिलाफ दायर मानहानि के मुकदमे से संबंधित सामग्री के अनुवाद के लिए 10 लाख रुपये का भुगतान करने का निर्देश दिया है।
धोनी ने संपतकुमार पर 2013 के आईपीएल सट्टेबाजी घोटाले से कथित तौर पर उन्हें जोड़ने का आरोप लगाते हुए 100 करोड़ रुपये के हर्जाने की मांग की है।
न्यायमूर्ति आर.एन. मंजुला ने धोनी द्वारा दायर एक मुकदमे पर 11 फरवरी को अंतरिम आदेश पारित करते हुए यह निर्देश दिया।
अपने आदेश में न्यायाधीश ने कहा कि 28 अक्टूबर, 2025 के आदेश के अनुसार, इस न्यायालय के दुभाषिए ने इस मामले से संबंधित सीडी की सामग्री को लिखने और अनुवाद करने का कार्यभार संभाला है। हालांकि, यह आदेश आवश्यक शुल्क के भुगतान की शर्त पर पारित किया गया है।
न्यायाधीश ने कहा कि दुभाषिए से पता चला कि यह एक बहुत बड़ा काम है और इसे पूरा करने में कम से कम एक दुभाषिए और एक टाइपिस्ट का लगभग तीन से चार महीने का समय और ऊर्जा लगेगी।
उन्होंने कहा कि एक दुभाषिए का पूरा समय और एक टाइपिस्ट की भी आवश्यकता है तथा प्रतियां तैयार करने में अतिरिक्त लागत भी शामिल है इसलिए प्रतिलेखन और अनुवाद के लिए शुल्क 10 लाख रुपये तय किया गया था, जो वादी (धोनी) द्वारा देय है।
न्यायाधीश ने कहा कि सामान्य परिस्थितियों में और किसी मुकदमे में, यह वादी का काम होता है और उसे अपनी शिकायत के साथ दस्तावेज दाखिल करने होते हैं।