केप वर्दे का स्वप्निल अभियान जारी, नॉकआउट में पहुंचने वाला सबसे छोटा देश बना

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 27-06-2026
Cape Verde continue dream run, become smallest nation to reach knockout stage
Cape Verde continue dream run, become smallest nation to reach knockout stage

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली

 
केप वर्दे ने अपना स्वप्निल अभियान जारी रखते हुए शुक्रवार को यहां सऊदी अरब के खिलाफ गोलरहित ड्रॉ खेला और इस तरह से विश्व कप फुटबॉल के नॉकआउट राउंड में पहुंचने वाला सबसे छोटा देश बन गया।
 
उसकी यह उपलब्धि 40 वर्षीय गोलकीपर वोजिन्हा के शानदार खेल के दम पर संभव हुई है, जिन्होंने अपने देश की दृढ़ता का प्रतीक बनकर सबको प्रभावित किया है।
 
वोजिन्हा ने कहा, “हम भले ही (क्षेत्रफल में) छोटे हैं, लेकिन हमारे दिल बहुत बड़े हैं। हम हार नहीं मानते। हम जुझारू हैं।’’
 
केप वर्दे ने ग्रुप एच में अपने तीनों मैच ड्रॉ कराए जिससे वह स्पेन के बाद दूसरे स्थान पर रहकर आगे बढ़ने में सफल रहा। इस ग्रुप में उरुग्वे और सऊदी अरब दो-दो अंक ही हासिल कर पाए और वह टूर्नामेंट से बाहर हो गए।
 
अफ्रीका के पश्चिमी तट पर स्थित छोटा द्वीपीय राष्ट्र केप वर्दे फुटबॉल के सबसे बड़े मंच पर पहली बार खेल रहा है। उसने अपने पहले मैच में 2010 के चैंपियन स्पेन को गोलरहित ड्रॉ पर रोका था और फिर उरुग्वे के खिलाफ पिछड़ने के बाद वापसी करते हुए मैच 2-2 से बराबर किया था।
 
केप वर्दे के लिए यह बहुत बड़ी उपलब्धि है। वह ‘राउंड ऑफ 32’ में तीन जुलाई को मियामी में मौजूदा चैंपियन अर्जेंटीना का सामना करेगा।
 
विश्व कप में तीनों ग्रुप मैचों में ड्रॉ होने से अगले दौर में पहुंचने की गारंटी नहीं मिलती। लेकिन अतीत में कई टीमों ने ऐसा किया है, जिनमें 1958 में वेल्स, 1990 में आयरलैंड और नीदरलैंड तथा 1998 में चिली शामिल हैं। न्यूजीलैंड ने भी 2010 विश्व कप में तीनों मैच ड्रॉ खेले थे लेकिन वह टूर्नामेंट से बाहर हो गया था।
 
केप वर्दे के कोच बुबिस्ता ने मैच की पूर्व संध्या पर कहा था, ‘‘हर किसी को सपने देखने का अधिकार है और कुछ भी असंभव नहीं है।’’
 
ब्लू शार्क्स (केप वर्दे का उपनाम) ने उन्हें सही साबित कर दिया। इस 5,00,000 से कुछ अधिक आबादी वाले देश ने कुछ असंभव बाधाओं को पार करते हुए राउंड ऑफ 32 में जगह बनाई।