आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने शनिवार को यहां कहा कि भारत इस साल के अंत तक एक समर्पित खेल सामग्री निर्माण नीति लागू करेगा जिससे सिर्फ खेल प्रतिभाओं को ही निखारने में मदद नहीं मिलेगी बल्कि देश वैश्विक स्तर पर खेल सामग्री का एक प्रमुख निर्यातक भी बनेगा.
कई खेलों में खिलाड़ियों को उच्चतम स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने के लिए महंगे आयातित उपकरणों पर निर्भर रहना पड़ता है लेकिन मांडविया ने कहा कि इस साल नवंबर-दिसंबर तक एक योजना लांच की जाएगी जो खेल सामग्री और उपकरणों के निर्माण को बड़े पैमाने पर बढ़ावा देगी.
खेल मंत्री ने यहां खेल सामग्री और विनिर्माण कान्क्लेव के दौरान कहा, ‘‘नवंबर-दिसंबर तक एक योजना शुरू की जाएगी ताकि देश सर्वश्रेष्ठ खेल सामग्री निर्माता बन सके जो उच्च श्रेणी की सुविधाएं प्रदान करे, पूरे पारिस्थितिकी तंत्र को सशक्त बनाए और (भारत को) वैश्विक स्तर पर खेल सामग्री के एक प्रमुख निर्यातक के रूप में उभरने में मदद करे.
उन्होंने कहा कि भारत खेल दवाओं, खेल बुनियादी ढांचे, खेल साहित्य और खेल शिक्षा डिजाइन को बड़े खेल सामान निर्माण परियोजना का हिस्सा बनाने पर विचार कर रहा है.
मांडविया ने कहा, ‘‘खेल पारिस्थितिकी तंत्र बहुत तेजी से विकसित हो रहा है। हमारे देश में सब कुछ हासिल करने की क्षमता है। हमें आगे आने वाली चुनौतियों को समझने की जरूरत है। आने वाले दिनों में हम खेल निर्माण क्षेत्र में कैसे आगे बढ़ सकते हैं? ’’
उन्होंने कहा, ‘‘हम खेल दवाओं, खेल बुनियादी ढांचे, खेल साहित्य और खेल शिक्षा डिजाइन को भी खेल सामान निर्माण का हिस्सा बना सकते हैं। जीएसटी जैसी कई चुनौतियां हैं। हमें एक कार्य दल बनाना चाहिए और खेल निर्माण के लिए योजनाएं और नीतियां बनानी चाहिए.