गणतंत्र दिवस 2026 : जब वंदे मातरम् बनेगा राष्ट्र का स्वर

Story by  मलिक असगर हाशमी | Published by  [email protected] | Date 25-01-2026
Republic Day 2026 will create history on Kartavya Path, with the 150th anniversary of 'Vande Mataram' as its central theme.
Republic Day 2026 will create history on Kartavya Path, with the 150th anniversary of 'Vande Mataram' as its central theme.

 

आवाज द वाॅयस/ नई दिल्ली

26 जनवरी 2026 को कर्तव्य पथ पर आयोजित होने वाला गणतंत्र दिवस समारोह इस वर्ष ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और सामरिक दृष्टि से विशेष महत्व रखने जा रहा है। वर्ष 2026 का गणतंत्र दिवस समारोह राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने, भारत की सैन्य शक्ति के प्रदर्शन और देश की विविध सांस्कृतिक विरासत के भव्य संगम के रूप में मनाया जाएगा। 16 जनवरी 2026 को नई दिल्ली में आयोजित एक प्रेस वार्ता में रक्षा सचिव श्री राजेश कुमार सिंह ने गणतंत्र दिवस समारोह 2026 की विस्तृत रूपरेखा साझा करते हुए बताया कि इस वर्ष का आयोजन अपने स्वरूप, विषयवस्तु और जनभागीदारी के लिहाज से अब तक के सबसे विशिष्ट आयोजनों में से एक होगा।

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गणतंत्र दिवस परेड 2026 के मुख्य अतिथि यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष श्री एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष सुश्री उर्सुला वॉन डेर लेयेन होंगी। दोनों गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति भारत और यूरोपीय संघ के बीच गहराते रणनीतिक, आर्थिक और कूटनीतिक संबंधों का प्रतीक मानी जा रही है। यह वैश्विक मंच पर भारत की बढ़ती भूमिका और विश्व समुदाय में उसके बढ़ते प्रभाव को भी रेखांकित करता है।

इस वर्ष परेड की केंद्रीय थीम ‘वंदे मातरम् के 150 वर्ष’ रखी गई है। इसी क्रम में कर्तव्य पथ के दोनों ओर 1923 में प्रसिद्ध कलाकार तेजेंद्र कुमार मित्र द्वारा बनाए गए उन ऐतिहासिक चित्रों को प्रदर्शित किया जाएगा, जिनमें वंदे मातरम् के श्लोकों को चित्रात्मक रूप में दर्शाया गया था और जिन्हें ‘बंदे मातरम् एल्बम’ में प्रकाशित किया गया था। परेड के समापन पर ‘वंदेमातरम्’ अंकित एक विशेष बैनर का अनावरण किया जाएगा और राष्ट्रभावना के प्रतीक के रूप में रबर गुब्बारों का विमोचन किया जाएगा।

19 से 26 जनवरी 2026 के बीच भारतीय सेना, नौसेना, वायुसेना, तटरक्षक बल और अन्य केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों द्वारा देशभर में ‘वंदे मातरम्’ विषय पर पैन-इंडिया बैंड प्रस्तुतियां आयोजित की जाएंगी। इन आयोजनों में पश्चिम बंगाल के नैहाटी स्थित राष्ट्रकवि और वंदे मातरम् के रचयिता बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय के पैतृक निवास ‘बंकिम भवन’ में होने वाला कार्यक्रम विशेष आकर्षण का केंद्र होगा। इसके साथ ही कर्तव्य पथ पर मंच और रोस्ट्रम के सामने की जाने वाली पुष्प सज्जा भी वंदे मातरम् थीम पर आधारित होगी। परेड के निमंत्रण पत्र और टिकटों की डिजाइन भी इसी विषय को दर्शाएगी।

गणतंत्र दिवस परेड 2026 में भारतीय सशस्त्र बलों की शक्ति और आधुनिक क्षमताओं का भव्य प्रदर्शन किया जाएगा। भारतीय सेना पहली बार फेज़्ड बैटल एरे डिस्प्ले प्रस्तुत करेगी, जिसमें 61 कैवेलरी की माउंटेड कॉलम, सात मार्चिंग टुकड़ियां और अत्याधुनिक हथियार प्रणालियां शामिल होंगी। परेड में टी-90 और अर्जुन मुख्य युद्धक टैंक, ब्रह्मोस, आकाश और एमआरएसएएम मिसाइल प्रणाली, एटीएजीएस और धनुष तोपें, ड्रोन शक्ति, रोबोटिक म्यूल्स, यूजीवी, एटीवी और ग्लेशियर एटीवी जैसे आधुनिक सैन्य प्लेटफॉर्म प्रदर्शित किए जाएंगे।

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कुल 18 मार्चिंग टुकड़ियां और 13 सैन्य बैंड इस वर्ष परेड में भाग लेंगे। भारतीय वायुसेना के फ्लाई-पास्ट में राफेल, सुखोई-30, मिग-29, सी-295, पी-8आई, अपाचे, एलसीएच, एएलएच और एमआई-17 हेलीकॉप्टर विभिन्न फॉर्मेशन में उड़ान भरेंगे, जो परेड का भव्य समापन होगा। इसके साथ ही भारतीय वायुसेना द्वारा प्रस्तुत वेटरन्स टेबलो राष्ट्र निर्माण में पूर्व सैनिकों के योगदान को सम्मानपूर्वक प्रदर्शित करेगा।

गणतंत्र दिवस समारोह 2026 में जनभागीदारी को विशेष महत्व दिया गया है। इस वर्ष लगभग 10,000 विशेष अतिथियों को कर्तव्य पथ पर आमंत्रित किया गया है। इनमें किसान, महिला स्वयं सहायता समूहों की सदस्य, स्टार्ट-अप उद्यमी, वैज्ञानिक, शोधकर्ता, कारीगर, खिलाड़ी, ट्रांसजेंडर, दिव्यांगजन, मजदूर, आदिवासी प्रतिनिधि, स्ट्रीट वेंडर और विभिन्न केंद्रीय सरकारी योजनाओं के लाभार्थी शामिल हैं। यह चयन समाज के हर वर्ग की भागीदारी सुनिश्चित करने और ‘सबका साथ, सबका विकास’ की भावना को सशक्त रूप से प्रस्तुत करता है।

इस वर्ष कर्तव्य पथ से कुल 30 झांकियां गुजरेंगी, जिनमें 17 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों तथा 13 मंत्रालयों और विभागों की झांकियां शामिल हैं। उत्तर प्रदेश की झांकी बुंदेलखंड की सांस्कृतिक विरासत पर आधारित होगी, जबकि पश्चिम बंगाल की झांकी स्वतंत्रता संग्राम में बंगाल की भूमिका को दर्शाएगी। असम की झांकी अशिराकांडी शिल्प गांव, केरल की झांकी वाटर मेट्रो और डिजिटल केरल, तमिलनाडु की झांकी इलेक्ट्रिक वाहन निर्माण और आत्मनिर्भर भारत की अवधारणा को प्रस्तुत करेगी। रक्षा मंत्रालय की त्रि-सेवा झांकी संयुक्त सैन्य क्षमता और एकीकृत संचालन की ताकत को दर्शाएगी।

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गणतंत्र दिवस परेड के दौरान लगभग 2,500 कलाकारों द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी जाएंगी। इन प्रस्तुतियों की थीम ‘स्वतंत्रता का मंत्र – वंदे मातरम्’ और ‘समृद्धि का मंत्र – आत्मनिर्भर भारत’ होगी। इस सांस्कृतिक कार्यक्रम की रचनात्मक टीम में संगीत निर्देशन एम.एम. कीरवानी, कथावाचन अनुपम खेर और कोरियोग्राफी संतोष नायर करेंगे, जबकि समग्र निर्देशन और निगरानी प्रसिद्ध सांस्कृतिक विशेषज्ञों द्वारा की जाएगी।

डिजिटल सुविधा और नागरिकों की सहूलियत के लिए इस वर्ष राष्ट्रपर्व पोर्टल और मोबाइल ऐप विकसित किया गया है, जिसके माध्यम से टिकट बुकिंग, बैठने की व्यवस्था और पार्किंग संबंधी जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है। ई-इनविटेशन और ई-टिकट प्रणाली के जरिए आयोजन को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और पेपरलेस बनाया गया है। 26 जनवरी को दिल्ली मेट्रो सुबह 3 बजे से निःशुल्क सेवा देगी और पार्क-एंड-राइड जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी।

इसके अतिरिक्त वीर गाथा 5.0, राष्ट्रीय स्कूल बैंड प्रतियोगिता और भारत पर्व जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से बच्चों, युवाओं और आम नागरिकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की गई है। 26 से 31 जनवरी तक लाल किले पर आयोजित भारत पर्व में झांकियां, क्षेत्रीय व्यंजन, हस्तशिल्प और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां आम जनता के लिए आकर्षण का केंद्र रहेंगी।

कुल मिलाकर, गणतंत्र दिवस समारोह 2026 भारत की लोकतांत्रिक परंपराओं, सांस्कृतिक विविधता, सैन्य शक्ति और आत्मनिर्भर भारत की संकल्पना को एक साथ प्रस्तुत करने वाला राष्ट्रीय उत्सव होगा। वंदे मातरम् के 150 वर्षों के अवसर पर यह आयोजन देश की एकता, आत्मगौरव और भविष्य की दिशा को सशक्त रूप से अभिव्यक्त करेगा।