नई दिल्ली।
पौष्टिक आहार की बात आते ही मेवों का नाम सबसे पहले लिया जाता है। मूंगफली, काजू, बादाम और अखरोट जैसे मेवे स्वास्थ्य के लिए बेहद लाभकारी माने जाते हैं। आजकल लोग अपने खान-पान को लेकर पहले से ज्यादा जागरूक हो गए हैं, इसलिए यह सवाल भी अक्सर उठता है कि कच्चे मेवे ज्यादा फायदेमंद होते हैं या भुने हुए। कुछ लोग मानते हैं कि कच्चे मेवे अधिक प्राकृतिक और पौष्टिक होते हैं, जबकि कई लोगों को भुने हुए मेवों का स्वाद और कुरकुरापन ज्यादा पसंद आता है। आइए जानते हैं कि दोनों में क्या अंतर है और कौन सा विकल्प बेहतर हो सकता है।
1. पोषक तत्वों की मात्रा
कच्चे मेवों को गर्मी में नहीं पकाया जाता, इसलिए उनमें मौजूद विटामिन और एंटीऑक्सीडेंट अधिक मात्रा में सुरक्षित रहते हैं। खासकर विटामिन ई और कुछ संवेदनशील पोषक तत्व गर्मी के संपर्क में आने पर थोड़े कम हो सकते हैं। यही कारण है कि कच्चे मेवे पोषण की दृष्टि से थोड़े अधिक फायदेमंद माने जाते हैं। हालांकि, भूनने की प्रक्रिया से पोषक तत्वों में बहुत ज्यादा कमी नहीं आती, इसलिए दोनों प्रकार के मेवे स्वास्थ्य के लिए लाभकारी ही रहते हैं।
2. स्वाद और पाचन
भुने हुए मेवों का स्वाद, सुगंध और कुरकुरापन अधिक होता है, इसलिए बहुत से लोग उन्हें अधिक पसंद करते हैं। भूनने से मेवों में मौजूद कुछ एंटी-न्यूट्रिएंट्स जैसे फाइटिक एसिड की मात्रा कम हो जाती है, जिससे शरीर के लिए खनिजों को अवशोषित करना आसान हो जाता है। इसके अलावा, कुछ लोगों के लिए भुने हुए मेवे पचाने में भी आसान होते हैं।
3. तेल और नमक की मात्रा
सूखे भुने हुए मेवों में प्राकृतिक वसा की मात्रा लगभग उतनी ही होती है जितनी कच्चे मेवों में होती है। लेकिन बाजार में मिलने वाले कई पैकेटबंद भुने हुए मेवों में अतिरिक्त तेल, नमक या मसाले मिलाए जाते हैं। इससे उनकी कैलोरी बढ़ सकती है और वे नियमित सेवन के लिए कम स्वास्थ्यकर हो सकते हैं। इसलिए यदि आप भुने हुए मेवे चुनते हैं, तो बिना नमक और बिना अतिरिक्त तेल वाले विकल्प लेना बेहतर होता है।
4. सुरक्षा और भंडारण
कच्चे मेवों में बैक्टीरिया संक्रमण का खतरा थोड़ा अधिक हो सकता है क्योंकि वे गर्मी से नहीं गुजरते। भूनने से मेवों की नमी कम हो जाती है और हानिकारक बैक्टीरिया नष्ट हो जाते हैं, जिससे भुने हुए मेवे लंबे समय तक सुरक्षित रहते हैं और उन्हें स्टोर करना भी आसान होता है।
अंत में क्या चुनें?
यदि आप अधिकतम पोषण प्राप्त करना चाहते हैं और अतिरिक्त नमक या तेल से बचना चाहते हैं, तो कच्चे मेवे एक बेहतर विकल्प हो सकते हैं। वहीं अगर आपको स्वाद, कुरकुरापन और आसान पाचन पसंद है, तो सूखे भुने हुए मेवे भी अच्छा विकल्प हैं।
दरअसल, कच्चे और भुने हुए दोनों तरह के मेवे सीमित मात्रा में खाने पर सेहत के लिए फायदेमंद होते हैं। कच्चे मेवों में पोषक तत्व थोड़ा अधिक रहते हैं, जबकि भुने हुए मेवे स्वाद और पाचन के लिहाज से बेहतर लग सकते हैं। इसलिए अपनी पसंद और जरूरत के अनुसार दोनों का संतुलित सेवन किया जा सकता है।