ओनिका माहेश्वरी/ नई दिल्ली
रमजान का महीना इबादत, संयम और अनुशासन का समय होता है। इस दौरान रोज़ेदार सुबह से शाम तक बिना खाना और पानी के रहते हैं। खासकर गर्मियों के मौसम में लंबे समय तक रोज़ा रखने के बाद शरीर में पानी की कमी और थकान महसूस हो सकती है। ऐसे में इफ्तार के समय ऐसे पेय पदार्थ लेना जरूरी होता है जो शरीर को तुरंत ऊर्जा देने के साथ-साथ ठंडक और हाइड्रेशन भी प्रदान करें।
विशेषज्ञों का मानना है कि बाजार में मिलने वाले पैकेज्ड ड्रिंक्स की जगह घर पर बने ऑर्गेनिक जूस और पारंपरिक पेय ज्यादा फायदेमंद होते हैं। ताज़े फल, हर्ब्स और प्राकृतिक सामग्री से बने ये ड्रिंक्स शरीर को पोषण देते हैं और गर्मी के असर को भी कम करते हैं। सब्जा बीज, चिया सीड्स, गोंद कतीरा और प्राकृतिक फलों से बने पेय रमजान के दौरान इफ्तार की टेबल को हेल्दी और ताज़गीभरा बना सकते हैं।

इफ्तार के समय खजूर और दूध का शेक सबसे पौष्टिक विकल्पों में से एक माना जाता है। खजूर रोज़ा खोलने की पारंपरिक खाद्य सामग्री है, जो शरीर को तुरंत ऊर्जा देती है। इसे बनाने के लिए 5–6 बीज निकाले हुए खजूर को कुछ देर गुनगुने दूध में भिगो दिया जाता है। इसके बाद इन्हें ठंडे दूध और थोड़ा शहद डालकर ब्लेंडर में पीस लिया जाता है। बर्फ के टुकड़ों के साथ परोसा गया यह शेक शरीर को तुरंत ताकत देता है और लंबे समय तक पेट भरा हुआ महसूस कराता है।
गर्मियों में नींबू पुदीना शरबत भी काफी ताज़गी देने वाला पेय माना जाता है। इसे बनाने के लिए एक गिलास ठंडे पानी में ताज़ा नींबू का रस, थोड़ा शहद या गुड़ का घोल और पुदीने की पत्तियां मिलाई जाती हैं। स्वाद बढ़ाने के लिए इसमें चुटकी भर काला नमक भी डाला जा सकता है। यह पेय शरीर को हाइड्रेट रखने के साथ पाचन को भी बेहतर बनाता है।

गर्मी में शरीर को ठंडक देने के लिए सब्जा बीज का शरबत भी बहुत फायदेमंद माना जाता है। सब्जा बीज को लगभग 15–20 मिनट पानी में भिगोने पर वे फूल जाते हैं। इसके बाद ठंडे दूध या नींबू पानी में ये भीगे हुए बीज मिलाए जाते हैं। स्वाद के लिए इसमें गुलाब जल, शहद या गुड़ का सिरप मिलाया जा सकता है। सब्जा बीज शरीर को ठंडक देने और डिहाइड्रेशन से बचाने में मदद करते हैं।
इसी तरह चिया सीड्स ड्रिंक भी आजकल काफी लोकप्रिय हो रहा है। चिया सीड्स को 20 मिनट पानी में भिगोने के बाद इन्हें नारियल पानी या फलों के जूस में मिलाया जा सकता है। आम, संतरा या अनार के ताज़ा जूस में चिया सीड्स मिलाकर एक पौष्टिक और ऊर्जा देने वाला ड्रिंक तैयार किया जा सकता है। यह ड्रिंक फाइबर और मिनरल्स से भरपूर होता है और शरीर को लंबे समय तक हाइड्रेट रखने में मदद करता है।
पारंपरिक रूप से गर्मियों में गोंद कतीरा का शरबत भी बहुत लोकप्रिय रहा है। गोंद कतीरा को रात भर पानी में भिगोकर रखा जाता है, जिससे यह फूलकर जेली जैसा हो जाता है। अगले दिन इसे ठंडे दूध में मिलाकर उसमें थोड़ी चीनी या शहद और गुलाब जल डाला जाता है। ऊपर से बर्फ के टुकड़े डालकर इसे ठंडा परोसा जाता है। यह पेय शरीर को अंदर से ठंडक देता है और गर्मी से राहत दिलाता है।

फलों से बने ताज़ा जूस भी रमजान में बहुत फायदेमंद होते हैं। तरबूज कूलर इसका एक अच्छा उदाहरण है। कटे हुए तरबूज के टुकड़ों को ब्लेंडर में पीसकर उसमें थोड़ा नींबू का रस और शहद मिलाया जाता है। बर्फ के साथ परोसा गया यह ड्रिंक शरीर में पानी की कमी को जल्दी पूरा करता है और तुरंत ताज़गी देता है।
इसी तरह आम पन्ना भी गर्मियों का पारंपरिक और बेहद फायदेमंद पेय है। कच्चे आम को उबालकर उसका गूदा निकाल लिया जाता है। इसमें ठंडा पानी, भुना जीरा, काला नमक और गुड़ मिलाकर शरबत तैयार किया जाता है। यह पेय शरीर को लू से बचाने में मदद करता है और गर्मियों में ऊर्जा बनाए रखता है।
नारियल पानी और फलों का मिक्स ड्रिंक भी रमजान के दौरान एक अच्छा विकल्प हो सकता है। नारियल पानी में थोड़ा अनार या संतरे का जूस मिलाकर इसमें भीगे हुए चिया सीड्स डाल दिए जाएं तो यह एक पौष्टिक और ताज़गीभरा पेय बन जाता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि रमजान के दौरान इफ्तार में ऐसे प्राकृतिक और हल्के पेय शामिल करने से शरीर में पानी की कमी नहीं होती और दिनभर की थकान भी जल्दी दूर हो जाती है। ताज़े फल, हर्ब्स और पारंपरिक सामग्री से बने ये ऑर्गेनिक ड्रिंक्स न केवल स्वादिष्ट होते हैं बल्कि सेहत के लिए भी बेहद फायदेमंद साबित होते हैं।