आधी रात को ‘प्रजा दरबार’ में कौन करता है मजबूरों की मदद ?

Story by  एटीवी | Published by  [email protected] | Date 07-10-2021
जानिए, आधी रात को  ‘प्रजा दरबार’ में कौन, कहां और कैसे करता है मजबूरों की मदद ?
जानिए, आधी रात को  ‘प्रजा दरबार’ में कौन, कहां और कैसे करता है मजबूरों की मदद ?

 

अबु मुस्तफा / हैदराबाद
 
जब रईसों का शहर हैदराबाद सो रहा होता है, कोई रात भर जागकर जरूरतमंदों के लिए मसीहा की भूमिका में होता है. किसी कि अस्पताल का बिल, किसी के घर का किराया, किसी की पढ़ाई का खर्च, किसी की शादी का इंतजाम. वह रात भर जागकर लोगों की समस्याएं सुनता और उनका समाधान निकलता है. यही ‘मसीहा’ के जीवन का उद्देश्य और दिनचर्या भी है.
 
यहां जिक्र हो रहा है हैदराबाद में रात में ‘प्रजा दरबार’ लगाने वाले शख्स अमजदुल्लाह खान खालिद का. वह ‘मजलिस बचाओ तहरीक’ के प्रवक्ता भी हैं. उनके निवास स्थान ‘दारुलअमन‘ पर हर रात ‘प्रजा दरबार’ लगता है, जिसमें बड़ी संख्या में   जरूरतमंद अपनी समस्या लेकर पहुंचते हैं.  . वह पूरी रात जागकर अपने सक्रिय स्वयंसेवकों की मदद से उनकी समस्याओं का निराकरण करते हैं.
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अमजदुल्लाह खान खालिद हैदराबाद शहर में परिचय के मोहताज नहीं. पिछले पांच महीने से चल रहे इस अनोखे ‘प्रजा दरबार’ को वह एक सफल अनुभव मानते हैं. इसे मानवता सेवा से जोड़ते हुए कहते हैं, ‘‘उनके जीवन का यही लक्ष्य है.
 
मैं अपनी अंतिम सांस तक गरीबों, जरूरतमंदों, विधवाओं, अनाथों, निराश्रितों, असहायों और संकटग्रस्त लोगों की मदद करता रहूंगा. मेरा दिल लोगों की सेवा से भरा है. मैं किसी को रोता नहीं देख सकता.’’
 
मिशन चलता है रातभर

अमजदुल्लाह खान खालिद एक राजनीतिक परिवार से हैं. वह स्वर्गीय गाजी मिल्लत मोहम्मद अमानुल्लाह खान के पुत्र हैं. अपने पिता के नक्शेकदम पर चलते हुए निस्वार्थ भाव से लोगों की सेवाएं कर रहे हैं. उनकी सेवाएं गरीबों के कल्याण और सहायतार्थ है. 
 
वह कोरोना महामारी और लॉकडाउन के समय प्रभावित लोगों की मदद को आगे आए थे. उनके द्वारा शुरू किया गया प्रजा दरबार कार्यक्रम अब आंदोलन का रूप धर चुका है. हजारों की संख्या में लोग इससे लाभान्वित हुए हैं.
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गरीबों के लिए न्याय

कोरोना के प्रकोप और लॉकडाउन का अर्थव्यवस्था पर विनाशकारी प्रभाव पड़ा है. एक समय गरीबों को दिन को दो वक्त का खाना मिलना मुश्किल हो गया था.ऐसी गंभीर स्थिति में अमजदुल्लाह खान खालिद ने गरीबों में खाना बांटे.
 
इस दौरान न केवल संकटग्रस्त लोगों की मदद की, रोजाना सैकड़ों फोन भी इसके लिए आते थे. उन्होंने गरीबों की मदद की भावना से अपने आवास और पार्टी कार्यालय में प्रजा दरबार लगाना शुरू कर दिया . शुरुआत में दर्जन लोग ही दरबार में पहुंचे. इसकी लोकप्रियता बढ़ने के साथ दरबार में भीड़ भी बढ़ने लगी.
 
प्रजा दरबार पिछले 150 दिनों से लगातार जारी है. खालिद के साथ उनकी पत्नी और पार्टी कार्यकर्ता के 26 लोगों की टीम लोगों की सेवा में लगी है. भीड़ को देखते हुए टोकन सिस्टम शुरू किया गया है.
 
अंधेरे में आदर्श सेवा

प्रजा दरबार आमतौर पर रात में शुरू होता है. फज्र की नमाज से पहले तक जारी रहता है. रात के समय जब सारी दुनिया सो रही होती है, अमजदुल्लाह खां खालिद रात के अंधेरे में परेशान और मजबूरों की परेशानियां और चिंताएं दूर कर रहे होते हैं.
 
समस्या का समाधान

अमजदुल्लाह खान खालिद ‘गरीब‘, व्यथित और बीमार लोगों की दुर्दशा को ध्यान से सुनते हैं. उनका एक विस्तृत वीडियो बनाते हैं. यह वीडियो सोशल नेटवर्किंग साइट्स पर पोस्ट किया जाता है. इसमंे खाता संख्या, बीमार और जरूरतमंदों का पूरा विवरण होता है.
 
पीड़ितों की आवश्यक धनराशि का भी स्पष्ट उल्लेख होता है ताकि राशि की व्यवस्था होने के बाद पैसे का प्रवाह को रोका जा सके. चंदा भी एकत्रित किया जाता है. अमजदुल्लाह खान खालिद, उनके परिवार और रिश्तेदार भी पीड़ितों की मदद करते हैं. अमजदुल्लाह की अपील को जोरदार रिस्पॉन्स मिल रही है. धनाढ्य और शुभचिंतक उदारता से जरूरतमंदों की मदद करते हैं. अब तक हजारों की समस्याओं का समाधान किया जा चुका है.
 
प्रसिद्धि की ऊंचाई पर

अमजदुल्लाह खान मानवता के लिए अपने निस्वार्थ और अनुकरणीय सेवा के माध्यम से प्रसिद्धि की ऊंचाइयों तक पहुंचे हैं. गूगल पर प्रजा दरबार टाइप करते ही इसका विवरण आ जाता है. उन्हें गरीबों का मसीहा भी कहा जाने लगा है.
 
 प्रजा दरबार से हैदराबाद के अलावा पड़ोसी राज्यों के लोग भी लाभान्वित हो रहे हैं. धर्म या राष्ट्रीयता जाने बगैर मदद की जाती है. प्रजा दरबार में आने वालों की चिंता और मजबूरी के बारे में सुनकर कोई भी चैंके बिना नहीं रहता.
 
 प्रजा दरबार में गरीबों के विभिन्न मुद्दों को संबोधित किया जाता है. सभी प्रकार के मुद्दों को कवर किया जाता है. इसमें ‘घातक और खतरनाक बीमारियां जैसे कैंसर, हृदय रोग, डायलिसिस भी शामिल है. बच्चों के स्कूल की फीस, फार्मेसी बिल, ऑटो फाइनेंस से लेकर गरीबों के सोने के जेवरों को गिरवी से छुड़ाने तक मामले में मदद पहुंचाई जाती है.
 
आवाज द वाॅयस से बात करते हुए अमजदुल्लाह खान खालिद ने कहा कि गरीबों और बीमारों की दुर्दशा के बारे में सुनकर आंखों से आंसू बहने लगते हंै. उन्होंने कहा कि आज गरीबों का कोई पुरसान हाल नहीं. दरबार गरीबों, विधवाओं और जरूरतमंदों की निस्वार्थ मदद की भावना से शुरू किया गया है.
 
प्रजा दरबार पिछले 150 दिनों से चल रहा है. हजारों लोग इसका लाभ उठा चुके हैं. रोगियों को निःशुल्क चिकित्सा सुविधा प्रदान करने के लिए डॉ. मोअज, डॉ. जावेद खान, डॉ. फैज खान की टीम को लगाया गया है. मुफ्त इलाज के अलावा दवा भी दिया जाता है.
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आशा और समर्थन 

अमजदुल्लाह खान खालिद ने कहा कि हैदराबाद के जोशीले लोग उदार सहयोग के लिए जाने जाते हैं. जब देश में कहीं कोई त्रासदी होती है, पीड़ितों की निगाहें हैदराबाद पर टिकी रहती हैं. उन्होंने कहा कि हैदराबाद के अलावा विदेशों में रह रहे परोपकारी लोग भी उदारता से गरीबों की मदद कर रहे हैं.
 
उन्होंने सभी उपकारकों को धन्यवाद दिया और कहा कि सर्वशक्तिमान अल्लाह हम सभी की सेवाओं को स्वीकारे और सभी की चिंताओं और कठिनाइयों को दूर करने.अमजदुल्लाह खान ने कहा कि गरीबों की प्रार्थना ही उनके जीवन की अनमोल संपत्ति है.