बंगाल जीत के बाद बदलाव पर जोर, बोले मोदी

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  [email protected] | Date 05-05-2026
Emphasizing Change After Bengal Victory, Says Modi
Emphasizing Change After Bengal Victory, Says Modi

 

आवाज द वाॅयस / नई दिल्ली

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी की बड़ी जीत के बाद प्रधानमंत्री Narendra Modi ने कार्यकर्ताओं को साफ संदेश दिया। उन्होंने कहा कि अब समय बदले की राजनीति का नहीं है। अब फोकस बदलाव और विकास पर होना चाहिए।

दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय में जीत के जश्न के दौरान उनका भाषण संतुलित और संदेशपूर्ण रहा। उन्होंने कार्यकर्ताओं से संयम बरतने की अपील की। साथ ही विपक्षी दलों के समर्थकों के लिए भी शांति का संदेश दिया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि चुनाव के दौरान जो माहौल बना, वह इस बार अलग था। पहले बंगाल चुनाव का मतलब हिंसा और डर से जोड़ा जाता था। लेकिन इस बार तस्वीर बदली। उन्होंने कहा कि पहली बार ऐसा हुआ जब चुनाव के दौरान किसी निर्दोष की जान नहीं गई।

उनके शब्दों में, लोकतंत्र का यह पर्व इस बार सच में शांतिपूर्ण रहा। न गोलियों की आवाज थी, न भय का माहौल। सिर्फ जनता की आवाज थी। यह बदलाव अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है।उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से अपील की कि वे इस सकारात्मक बदलाव को आगे बढ़ाएं। उन्होंने कहा कि हिंसा की राजनीति का अंत होना चाहिए। बंगाल को अब नई दिशा चाहिए।

प्रधानमंत्री ने भाजपा की जीत को सिर्फ राजनीतिक सफलता नहीं बताया। उन्होंने इसे जनता के विश्वास का परिणाम कहा। उन्होंने कहा कि लोगों ने विकास, स्थिरता और सुरक्षा के नाम पर वोट दिया है।अपने भाषण में उन्होंने Syama Prasad Mukherjee को भी याद किया। उन्होंने कहा कि यह ऐतिहासिक पल है। मखर्जी का सपना था कि बंगाल में राष्ट्रवादी सोच मजबूत हो। आज वह सपना साकार होता दिख रहा है।

उन्होंने कहा कि एक भाजपा कार्यकर्ता के रूप में यह क्षण भावुक करने वाला है। उन्हें विश्वास है कि आज मखर्जी की आत्मा को शांति मिली होगी।प्रधानमंत्री ने बंगाल के लोगों को भरोसा दिलाया कि उनकी सरकार सभी के लिए काम करेगी। उन्होंने कहा कि राज्य में महिलाओं की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाएगी। युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाए जाएंगे।

उन्होंने साफ कहा कि अवैध घुसपैठ के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। यह मुद्दा लंबे समय से राजनीतिक बहस का हिस्सा रहा है। उन्होंने कहा कि कानून के तहत उचित कदम उठाए जाएंगे।इसके साथ ही उन्होंने स्वास्थ्य योजनाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पहली कैबिनेट बैठक में Ayushman Bharat Yojana को लागू करने का निर्णय लिया जाएगा। इससे गरीब और जरूरतमंद लोगों को राहत मिलेगी।

प्रधानमंत्री ने कहा कि बंगाल में लंबे समय से विकास रुका हुआ था। अब वह दौर खत्म होगा। उन्होंने कहा कि 4 मई 2026 को राज्य के इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ा है।उनके अनुसार अब बंगाल डर से मुक्त होगा और विकास की राह पर आगे बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि यह जीत सिर्फ भाजपा की नहीं, बल्कि बंगाल के हर नागरिक की है।

अपने भाषण में उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि पार्टी की असली ताकत उसके कार्यकर्ता हैं। छोटे से छोटे कार्यकर्ता ने भी इस जीत में योगदान दिया है।उन्होंने यह भी बताया कि यह पहला बड़ा चुनाव था जब Nitin Nabin पार्टी अध्यक्ष के रूप में नेतृत्व कर रहे थे। उन्होंने उनके नेतृत्व की सराहना की और कहा कि उनका मार्गदर्शन कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणादायक रहा।

 

प्रधानमंत्री ने अन्य राज्यों के चुनाव परिणामों का भी जिक्र किया। उन्होंने असम, पुडुचेरी, तमिलनाडु और केरल के मतदाताओं का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि अलग-अलग राज्यों में पार्टी को जो समर्थन मिला है, वह उत्साह बढ़ाने वाला है।

उन्होंने असम में एनडीए की जीत को जनता की आकांक्षाओं का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि पिछले दस वर्षों में वहां विकास के कई काम हुए हैं। इसी वजह से जनता ने फिर से भरोसा जताया।पुडुचेरी में गठबंधन की जीत पर उन्होंने कार्यकर्ताओं की मेहनत को सराहा। उन्होंने कहा कि जमीनी स्तर पर लगातार काम करने का फायदा मिला है।

तमिलनाडु के बारे में उन्होंने कहा कि वहां के लोगों ने भी एनडीए को समर्थन दिया। उन्होंने भरोसा दिलाया कि केंद्र सरकार राज्य के विकास में हर संभव सहयोग करेगी।उन्होंने अभिनेता Vijay की पार्टी को भी उनके प्रदर्शन के लिए बधाई दी। यह संकेत था कि वे राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों के प्रति भी सम्मान का भाव रखते हैं।

केरल के संदर्भ में उन्होंने कहा कि भाजपा वहां भी अपनी पकड़ मजबूत कर रही है। उन्होंने राज्य के विकास के लिए लगातार काम करने का वादा किया। साथ ही उन्होंने जीत हासिल करने वाले गठबंधन को भी बधाई दी।

प्रधानमंत्री का पूरा भाषण एक संदेश देता है। राजनीति में जीत के बाद जिम्मेदारी और बढ़ जाती है। उन्होंने अपने कार्यकर्ताओं को यही समझाने की कोशिश की।उन्होंने कहा कि जनता ने जो भरोसा जताया है, उसे निभाना सबसे बड़ी चुनौती है। उन्होंने कहा कि सरकार का हर फैसला लोगों के हित में होगा।

उनके भाषण में आक्रामकता कम और संतुलन ज्यादा दिखा। यह साफ था कि वे एक बड़े जनादेश को संभालने की तैयारी में हैं।अंत में उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार हर राज्य के विकास के लिए प्रतिबद्ध है। चाहे वहां किसी भी पार्टी की सरकार हो। उन्होंने कहा कि देश का विकास ही सबसे बड़ा लक्ष्य है।इस तरह भाजपा की जीत के बाद प्रधानमंत्री का यह संबोधन सिर्फ जश्न तक सीमित नहीं रहा। इसमें भविष्य की दिशा भी साफ दिखाई दी।