नई दिल्ली:
लहसुन भारतीय रसोई का एक ऐसा मसाला है, जिसका उपयोग सदियों से भोजन का स्वाद बढ़ाने के साथ-साथ घरेलू उपचार के रूप में भी किया जाता रहा है। आयुर्वेद से लेकर आधुनिक पोषण विज्ञान तक, लहसुन को कई स्वास्थ्य लाभों से जोड़कर देखा जाता है। खासकर हृदय स्वास्थ्य और कोलेस्ट्रॉल को लेकर यह धारणा काफी लोकप्रिय है कि नियमित रूप से लहसुन खाने से कोलेस्ट्रॉल कम हो सकता है। लेकिन सवाल यह है कि क्या यह दावा वैज्ञानिक रूप से सही है या केवल एक आम धारणा है?
विशेषज्ञों के अनुसार, लहसुन का सेवन हृदय स्वास्थ्य के लिए लाभकारी हो सकता है, लेकिन इसे उच्च कोलेस्ट्रॉल का अकेला इलाज नहीं माना जा सकता। ब्रिटिश हार्ट फाउंडेशन (BHF) का कहना है कि लहसुन कुल कोलेस्ट्रॉल और खराब कोलेस्ट्रॉल (एलडीएल) के स्तर पर कुछ सकारात्मक प्रभाव डाल सकता है, लेकिन इसका असर सीमित होता है। इसलिए यदि किसी व्यक्ति का कोलेस्ट्रॉल काफी अधिक है, तो केवल लहसुन के भरोसे इसे नियंत्रित करना उचित नहीं होगा।
लहसुन में कई सक्रिय प्राकृतिक यौगिक पाए जाते हैं। इनमें सबसे महत्वपूर्ण एलिसिन (Allicin) है, जो लहसुन को काटने, कूटने या कुचलने पर बनता है। यही तत्व लहसुन की तेज गंध और उसके कई स्वास्थ्य लाभों के लिए जिम्मेदार माना जाता है।
एलिसिन और अन्य सल्फर यौगिकों में एंटीऑक्सीडेंट और सूजनरोधी (एंटी-इन्फ्लेमेटरी) गुण होते हैं। ये शरीर में ऑक्सीडेटिव तनाव को कम करने और रक्त वाहिकाओं को नुकसान से बचाने में मदद कर सकते हैं। वैज्ञानिकों का मानना है कि ये यौगिक शरीर में कोलेस्ट्रॉल बनने और उसके चयापचय (मेटाबॉलिज्म) की प्रक्रिया को भी कुछ हद तक प्रभावित करते हैं।
विभिन्न शोधों में पाया गया है कि नियमित रूप से लहसुन का सेवन करने से कुल कोलेस्ट्रॉल और एलडीएल कोलेस्ट्रॉल में हल्की कमी आ सकती है। हालांकि यह कमी इतनी अधिक नहीं होती कि केवल लहसुन खाने से उच्च कोलेस्ट्रॉल पूरी तरह सामान्य स्तर पर आ जाए।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि लहसुन का सबसे अच्छा प्रभाव तब देखने को मिलता है जब इसे संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, धूम्रपान से दूरी और स्वस्थ वजन बनाए रखने जैसी अच्छी जीवनशैली की आदतों के साथ अपनाया जाए। यानी लहसुन एक सहायक खाद्य पदार्थ हो सकता है, लेकिन दवाओं या चिकित्सकीय सलाह का विकल्प नहीं।
कोलेस्ट्रॉल कम करने के लिए प्रतिदिन कितनी मात्रा में लहसुन खाना चाहिए, इसे लेकर कोई आधिकारिक अंतरराष्ट्रीय सिफारिश नहीं है। अलग-अलग अध्ययनों में अलग-अलग मात्रा का उपयोग किया गया है।
फ्रंटियर्स इन न्यूट्रिशन जर्नल में वर्ष 2024 में प्रकाशित एक समीक्षा के अनुसार, लगभग दो महीने तक प्रतिदिन 10 ग्राम लहसुन का सेवन करने से कोलेस्ट्रॉल के स्तर पर सकारात्मक प्रभाव देखा गया। हालांकि यह मात्रा सभी लोगों के लिए आवश्यक या उपयुक्त हो, ऐसा नहीं कहा जा सकता।
सामान्य तौर पर विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि रोजाना भोजन में एक से दो कली ताजा लहसुन शामिल करना पर्याप्त हो सकता है। इसे सब्जी, दाल, चटनी या अन्य व्यंजनों में मिलाकर आसानी से खाया जा सकता है।
अधिक मात्रा में कच्चा लहसुन खाने से कुछ लोगों को पेट में जलन, गैस, बदहजमी या मुंह से तेज गंध जैसी समस्याएं हो सकती हैं। वहीं जो लोग खून पतला करने वाली दवाएं (ब्लड थिनर) लेते हैं या किसी सर्जरी की तैयारी कर रहे हैं, उन्हें लहसुन का अधिक सेवन करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लेनी चाहिए।
लहसुन पोषक तत्वों और औषधीय गुणों से भरपूर खाद्य पदार्थ है, जो हृदय स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने में सहायक हो सकता है। यह कुल और एलडीएल कोलेस्ट्रॉल में हल्की कमी लाने में मदद कर सकता है, लेकिन इसे उच्च कोलेस्ट्रॉल का संपूर्ण उपचार नहीं माना जा सकता। यदि आपका कोलेस्ट्रॉल बढ़ा हुआ है, तो डॉक्टर की सलाह, संतुलित भोजन, नियमित व्यायाम और स्वस्थ जीवनशैली के साथ ही लहसुन को अपने दैनिक आहार का हिस्सा बनाना सबसे बेहतर और सुरक्षित तरीका है।