नई दिल्ली
रात की गहरी नींद से बार-बार जागकर बाथरूम जाना कई लोगों के लिए सामान्य आदत बन जाती है, लेकिन जब यह समस्या लगातार बनी रहे तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार, रात में बार-बार पेशाब आना नोक्टूरिया कहलाता है और यह शरीर में छिपी किसी स्वास्थ्य समस्या का संकेत हो सकता है। यह स्थिति न केवल नींद की गुणवत्ता को प्रभावित करती है, बल्कि दिनभर की ऊर्जा, एकाग्रता और जीवनशैली पर भी नकारात्मक असर डालती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि नोक्टूरिया के पीछे कई कारण हो सकते हैं, जिनमें दैनिक आदतें, उम्र से जुड़े बदलाव, हार्मोनल असंतुलन और कुछ चिकित्सीय समस्याएं शामिल हैं। यदि आपको नियमित रूप से रात में पेशाब के लिए उठना पड़ता है, तो इसके संभावित कारणों को समझना आवश्यक है।
सबसे आम कारणों में से एक है शाम या रात के समय अत्यधिक तरल पदार्थों का सेवन। सोने से पहले ज्यादा मात्रा में पानी, चाय, कॉफी या शराब पीने से मूत्राशय पर दबाव बढ़ता है। खासतौर पर कैफीन और शराब में मूत्रवर्धक गुण होते हैं, जो पेशाब की मात्रा बढ़ाकर नींद में बाधा डालते हैं।
उम्र बढ़ने के साथ मूत्राशय की नियंत्रण क्षमता में भी कमी आने लगती है। इसके अलावा हार्मोनल बदलाव शरीर में तरल संतुलन को प्रभावित करते हैं, जिससे रात में पेशाब की जरूरत अधिक महसूस हो सकती है। यही कारण है कि बुजुर्गों में यह समस्या अधिक देखने को मिलती है।
रात में बार-बार पेशाब आना मधुमेह का भी संकेत हो सकता है। रक्त में शर्करा का स्तर बढ़ने पर शरीर अतिरिक्त ग्लूकोज को बाहर निकालने के लिए अधिक मूत्र बनाता है। इसके अलावा मूत्र मार्ग संक्रमण (यूटीआई), मूत्राशय की सूजन या पुरुषों में प्रोस्टेट ग्रंथि का बढ़ना भी इस समस्या का कारण बन सकता है।
कुछ मामलों में पैरों में सूजन या हृदय संबंधी रोग भी नोक्टूरिया से जुड़े होते हैं। दिन में पैरों में जमा तरल पदार्थ रात में लेटने पर रक्त में वापस चला जाता है और गुर्दों द्वारा छानकर मूत्र के रूप में बाहर निकलता है।
नींद संबंधी विकार, जैसे स्लीप एपनिया, भी रात में बार-बार पेशाब आने का कारण बन सकते हैं। इसके अलावा उच्च रक्तचाप और हृदय रोग की कुछ दवाएं मूत्र प्रवाह बढ़ा देती हैं।
हालांकि नोक्टूरिया हमेशा गंभीर नहीं होता, लेकिन यदि यह लंबे समय तक बना रहे, तो यह शरीर द्वारा दिया गया चेतावनी संकेत हो सकता है। ऐसी स्थिति में डॉक्टर से परामर्श लेकर समय पर जांच और उपचार कराना जरूरी है।






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