नई दिल्ली
अनानास अपने ताज़ा, रसीले और मीठे-खट्टे स्वाद के कारण लोगों को खूब पसंद आता है। यह विटामिन सी, एंटीऑक्सीडेंट और पाचन में मदद करने वाले एंजाइमों से भरपूर फल है। स्मूदी, सलाद और मिठाइयों में इसका खूब इस्तेमाल होता है। लेकिन कई लोगों की शिकायत रहती है कि अनानास खाने के बाद सीने या गले में जलन होने लगती है, जिसे आमतौर पर एसिडिटी या एसिड रिफ्लक्स कहा जाता है। ऐसे में सवाल उठता है—क्या वाकई अनानास एसिड रिफ्लक्स का कारण बनता है या यह सिर्फ एक भ्रम है?
अनानास एक अम्लीय (एसिडिक) फल है। अम्लीय खाद्य पदार्थ कुछ लोगों में एसिड रिफ्लक्स को ट्रिगर कर सकते हैं, खासकर उन लोगों में जिनका पाचन तंत्र संवेदनशील है या जिन्हें पहले से गैस्ट्रोएसोफेजियल रिफ्लक्स डिज़ीज़ (GERD) की समस्या है। अनानास में मौजूद ब्रोमेलैन नामक एंजाइम पाचन में मदद करता है, लेकिन अधिक मात्रा में सेवन करने पर यह कुछ लोगों में भोजन नली में जलन भी पैदा कर सकता है।
अनानास की अधिक अम्लता पेट के एसिड को ऊपर की ओर धकेल सकती है। इससे ग्रासनली की निचली मांसपेशी (लोअर इसोफेजियल स्फिंक्टर) ढीली पड़ सकती है, जिससे सीने में जलन, खट्टे डकार और बेचैनी महसूस होती है।
डॉक्टरों के अनुसार, अनानास खाने का समय और मात्रा बहुत मायने रखती है। खाली पेट अनानास खाने से एसिडिटी की संभावना बढ़ जाती है, क्योंकि उसका एसिड सीधे पेट की परत को प्रभावित करता है। वहीं, बहुत अधिक मात्रा में अनानास खाने से भी परेशानी हो सकती है।
ताजे अनानास की तुलना में डिब्बाबंद अनानास कुछ लोगों के लिए कम परेशान करने वाला हो सकता है, क्योंकि इसमें अम्लता अपेक्षाकृत कम होती है। इसके विपरीत, अनानास का रस अधिक समस्या पैदा कर सकता है, क्योंकि इसमें फाइबर कम होता है और एसिड अधिक केंद्रित रूप में होता है।
जिन लोगों को बार-बार सीने में जलन, एसिड रिफ्लक्स, पेट फूलना या GERD की समस्या रहती है, उन्हें अनानास खाते समय अपने शरीर की प्रतिक्रिया पर ध्यान देना चाहिए। अगर अनानास खाने के बाद जलन, खट्टापन या पेट में असहजता हो, तो इसका सेवन सीमित करना बेहतर है।
यह कहना गलत होगा कि अनानास पूरी तरह नुकसानदायक है। इसमें मौजूद विटामिन सी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है, एंटीऑक्सीडेंट सूजन कम करते हैं और यह पाचन में भी मददगार होता है। जिन लोगों को एसिड रिफ्लक्स की समस्या नहीं है, उनके लिए अनानास एक पौष्टिक और फायदेमंद फल है।
निष्कर्ष: अनानास एसिडिटी हर किसी में नहीं बढ़ाता। सही मात्रा, सही समय और अपने शरीर की प्रतिक्रिया को समझकर इसका सेवन किया जाए, तो यह सेहत के लिए लाभकारी भी हो सकता है।