आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने बुधवार को कहा कि भारत ने 2030 तक 2.6 करोड़ हेक्टेयर जमीन को उसके मूल स्वरूप में बहाल करने संबंधी ‘बॉन चैलेंज’ लक्ष्य के तहत पहले ही 2.17 करोड़ हेक्टेयर जमीन को दुरूस्त करने का काम शुरू कर दिया है।
‘बॉन चैलेंज’ 2011 में शुरू की गई एक वैश्विक पहल है, जिसका मकसद खराब हो चुकी और वृक्ष रहित जमीन को उसके मूल स्वरूप में बहाल करना है। इसका लक्ष्य 2030 तक 35 करोड़ हेक्टेयर जमीन को उसके मूल स्वरूप में वापस लाना है।
'मरुस्थलीकरण और सूखे से निपटने के लिए विश्व दिवस' के मौके पर आयोजित एक कार्यक्रम में यादव ने कहा, ‘‘इस कवायद से लगभग 1.22 अरब व्यक्ति-दिवस रोजगार पैदा हुआ।’’
मंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत जलसंभरण विकास घटक के अंतर्गत 2.7 करोड़ हेक्टेयर से अधिक जमीन पर काम किया गया है और 6.13 करोड़ अधिक जियो-टैग युक्त प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन संपदा बनाई गई है।
उन्होंने कहा, ‘‘ग्रीन इंडिया मिशन के तहत लगभग 1.7 लाख हेक्टेयर जमीन पर हरियाली बढ़ाने और भूमि को मूल स्वरूप में लाने का काम किया गया है, जबकि पिछले पांच वर्षों में प्रतिपूरक वनीकरण कोष प्रबंधन और योजना प्राधिकरण (कैम्पा) समर्थित गतिविधियों के जरिये लगभग 3.20 लाख हेक्टेयर जमीन पर पौधारोपण का काम हुआ है।’’
कार्यक्रम में ‘इंडियन फॉरेस्टर’ के एक विशेष अंक और ‘बॉन चैलेंज’ (2011-2020) पर भारत की दूसरी प्रगति रिपोर्ट को भी पेश किया गया।
‘बॉन चैलेंज’ रिपोर्ट राज्यों और केंद्र-शासित प्रदेशों में भूमि को उसके मूल स्वरूप में वापस लाने के प्रयासों का विवरण उपलब्ध कराती है, उनके पारिस्थितिकी और सामाजिक-आर्थिक लाभों को रेखांकित करती है, और वन परिदृश्य की बहाली, भू-क्षरण तटस्थता और पारिस्थितिकी तंत्र की मजबूती की दिशा में भारत के निरंतर प्रयासों को दर्शाती है।