ब्रिक्स सम्मेलन के लिए WHO प्रमुख टेड्रोस दिल्ली पहुंचे

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  [email protected] | Date 12-09-2026
WHO chief Tedros arrives in Delhi for the BRICS summit.
WHO chief Tedros arrives in Delhi for the BRICS summit.

 

नई दिल्ली

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के महानिदेशक डॉ. टेड्रोस एडनॉम घेब्रेयेसस शनिवार को भारत पहुंचे। वह नई दिल्ली में आयोजित हो रहे ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026 में हिस्सा लेने के लिए भारत आए हैं।

भारत इस वर्ष ब्रिक्स की अध्यक्षता कर रहा है और नई दिल्ली में समूह के 18वें शिखर सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है। सम्मेलन में वैश्विक स्वास्थ्य, विकास, स्थिरता, नवाचार और बहुपक्षीय सहयोग सहित कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है।

मोदी और गुटेरेस ने बहुपक्षीय व्यवस्था पर की चर्चा

इससे पहले शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय राजधानी में संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस से मुलाकात की। यह बैठक ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से इतर हुई।

विदेश मंत्रालय के अनुसार, दोनों नेताओं ने बदलती वैश्विक परिस्थितियों के बीच बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद सहित विभिन्न बहुपक्षीय संस्थाओं में सुधार की आवश्यकता पर भी चर्चा की, ताकि ये संस्थाएं मौजूदा वैश्विक वास्तविकताओं को बेहतर ढंग से प्रतिबिंबित कर सकें।

गुटेरेस ने ब्रिक्स की चौथी बार अध्यक्षता करने के लिए प्रधानमंत्री मोदी को बधाई भी दी।

बैठक के दौरान दुनिया के विभिन्न हिस्सों में जारी संघर्ष, समुद्री मार्गों की स्वतंत्रता, सतत विकास, मानव-केंद्रित कृत्रिम बुद्धिमत्ता, नवीकरणीय ऊर्जा में प्रगति और वैश्विक खाद्य सुरक्षा जैसे मुद्दों पर भी विचार-विमर्श हुआ।

प्रधानमंत्री मोदी ने संयुक्त राष्ट्र महासचिव गुटेरेस को उनके कार्यकाल के शेष समय के लिए शुभकामनाएं भी दीं।

सुरक्षा परिषद में स्थायी भूमिका की कोशिश

बहुपक्षीय संस्थाओं में सुधार की चर्चा ऐसे समय हो रही है जब भारत वैश्विक निर्णय लेने वाली संस्थाओं में अपनी भूमिका बढ़ाने की लगातार मांग कर रहा है।

भारत ने जुलाई में 2028-29 के कार्यकाल के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का गैर-स्थायी सदस्य चुने जाने की अपनी उम्मीदवारी के लिए आधिकारिक अभियान शुरू किया था।

संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में भारत की उम्मीदवारी की शुरुआत करते हुए विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने वैश्विक चुनौतियों से निपटने, शांति स्थापना और बहुपक्षीय व्यवस्था के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया था।

जयशंकर ने कहा था कि दुनिया इस समय एक गंभीर विरोधाभास से गुजर रही है। एक ओर विकास और सहयोग के नए अवसर मौजूद हैं, वहीं दूसरी ओर संघर्ष, हिंसा और अस्थिरता का स्तर भी चिंता बढ़ा रहा है।

उन्होंने कहा था कि संयुक्त राष्ट्र के सदस्य देश सुरक्षा परिषद के लिए भारत की उम्मीदवारी का आकलन उसके वैश्विक चुनौतियों से निपटने के दृष्टिकोण के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा में उसके योगदान के रिकॉर्ड के आधार पर करेंगे।

भारत की अध्यक्षता में 18वां ब्रिक्स सम्मेलन

डॉ. टेड्रोस का भारत दौरा ऐसे समय हुआ है जब देश 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है। भारत की 2026 की ब्रिक्स अध्यक्षता का विषय “Building for Resilience, Innovation, Cooperation and Sustainability” रखा गया है। इसके तहत लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

ब्रिक्स पिछले कुछ वर्षों में प्रमुख उभरती अर्थव्यवस्थाओं के बीच सहयोग का एक महत्वपूर्ण मंच बनकर उभरा है। यह समूह वैश्विक संस्थाओं में ग्लोबल साउथ के हितों को आगे बढ़ाने के लिए भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

ब्रिक्स के एजेंडे में विकास, वित्त, तकनीक, व्यापार और लोगों के बीच संपर्क सहित कई महत्वपूर्ण विषय शामिल हैं।

वर्तमान में ब्रिक्स समूह में 11 देश शामिल हैं। इनमें ब्राजील, चीन, मिस्र, इथियोपिया, भारत, इंडोनेशिया, ईरान, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) शामिल हैं।

WHO प्रमुख टेड्रोस की ब्रिक्स सम्मेलन में मौजूदगी से वैश्विक स्वास्थ्य और अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य सहयोग से जुड़े मुद्दों को भी सम्मेलन के एजेंडे में महत्वपूर्ण स्थान मिलने की उम्मीद है।