कोलकाता
पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने मंगलवार को भारत की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन के आगामी लॉन्च की सराहना की, जिसे आने वाले दिनों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा हरी झंडी दिखाई जाएगी। यह ट्रेन दो राज्यों, पश्चिम बंगाल और असम, को जोड़ने वाली है।
इस अवसर पर राज्यपाल बोस ने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बंगाल के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। यह ट्रेन उस प्रयास की एक कड़ी है। यह बंगाल के लोगों के लाभ के लिए किए गए योगदानों की श्रृंखला में एक और कदम है।”
इससे पहले 1 जनवरी को केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया था कि यह पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन असम के गुवाहाटी और पश्चिम बंगाल के हावड़ा के बीच चलेगी। इस ट्रेन के संचालन के बाद कई जिलों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा, जिनमें असम के कामरूप मेट्रोपॉलिटन और बोन्गाईगांव, तथा पश्चिम बंगाल के कूचबिहार, जलपाईगुड़ी, मालदा, मुर्शिदाबाद, पूर्व बर्द्धमान, हुगली और हावड़ा शामिल हैं।
इस ट्रेन में 16 कोच होंगे, जिनमें 11 तीन-स्तरीय एसी कोच, 4 दो-स्तरीय एसी कोच और 1 फर्स्ट-क्लास एसी कोच शामिल हैं। इसकी कुल क्षमता लगभग 823 यात्रियों की है। वंदे भारत स्लीपर ट्रेन रात्री यात्रा के लिए आरामदायक, सुरक्षित और उच्च गुणवत्ता वाली सेवा प्रदान करेगी। इसका समय-सारिणी ऐसा होगा कि ट्रेन शाम को प्रस्थान करके अगले दिन सुबह अपने गंतव्य तक पहुंचे।
यात्रियों को यात्रा के दौरान क्षेत्रीय व्यंजनों का आनंद मिलेगा। गुवाहाटी से प्रस्थान करने वाली ट्रेन में असमी व्यंजन, जबकि कोलकाता से प्रस्थान करने वाली ट्रेन में पारंपरिक बंगाली व्यंजन उपलब्ध होंगे। इस पहल का उद्देश्य न केवल यात्रा को आरामदायक बनाना है, बल्कि यात्रियों को सांस्कृतिक और पाक अनुभव से भी जोड़ना है।
राज्यपाल बोस ने यह भी कहा कि वंदे भारत स्लीपर ट्रेन पश्चिम बंगाल और असम के बीच आर्थिक, सांस्कृतिक और पर्यटन संबंधों को मजबूत करेगी। यह आधुनिक रेल नेटवर्क के विकास के प्रधानमंत्री मोदी के दृष्टिकोण का हिस्सा है, जिससे राज्यों में बुनियादी ढांचे और यात्री सुविधाओं में सुधार होगा।
इस ट्रेन के परिचालन से यात्रियों को तेज, सुरक्षित और आरामदायक यात्रा का अनुभव मिलेगा और यह दोनों राज्यों के बीच आपसी संपर्क और विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।






.png)