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लद्दाख में पांगोंग झील की यात्रा के दौरान गुम हुए चार उत्तर प्रदेश के पर्यटकों को पुलिस ने सुरक्षित रेस्क्यू किया। ये पर्यटक आगरा के रहने वाले यश मित्तल, शिवम चौधरी, जयवीर चौधरी और शदंशु फौजदार हैं। अधिकारियों ने मंगलवार को बताया कि इनकी कुछ दिन पहले परिवारों ने शिकायत दर्ज कराई थी क्योंकि इनसे संपर्क नहीं हो रहा था।
पुलिस ने तुरंत ही एक समन्वित खोज अभियान शुरू किया। अधिकारियों ने बताया कि पर्यटक रास्ता भटक कर एक झोपड़ी में फंस गए थे और वहां शून्य से भी कम तापमान में रातें बिता रहे थे। उनके पास दो रातें बिताने के लिए वाहन का हीटिंग सिस्टम ही एकमात्र साधन था, लेकिन बाद में ईंधन समाप्त हो गया।
पर्यटक 9 जनवरी को अपने निजी वाहन से पांगोंग झील गए थे और वापसी में गलती से लेह-मनाली मार्ग पर चले गए, जो इस समय भारी बर्फबारी के कारण बंद था। पुलिस ने उनके आखिरी ज्ञात स्थान के आधार पर सर्च ऑपरेशन को सरचू की ओर फैलाया और उनके वाहन को सड़क किनारे मामूली दुर्घटना के साथ पाया। इसके बाद खोज को आसपास के क्षेत्रों, जैसे डेब्रिंग और विस्की नाला तक बढ़ाया गया।
अधिकारियों ने बताया कि पर्यटक वाहन से लगभग 20 किलोमीटर दूर एक झोपड़ी में मिले। उन्हें तुरंत आवश्यक मदद प्रदान की गई, जिसमें खाद्य सामग्री, पानी और प्राथमिक स्वास्थ्य सहायता शामिल थी। सभी चार पर्यटक सुरक्षित और स्थिर स्थिति में पाए गए।
आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि पर्यटकों को बुधवार को लेह पहुंचते ही उनके परिवारों के सुपुर्द किया जाएगा। अधिकारियों ने यह भी जोर दिया कि इस तरह की घटनाओं से बचने के लिए पर्यटकों को हमेशा मौसम और मार्ग की जानकारी लेकर यात्रा करनी चाहिए।
यह घटना लद्दाख में सर्दियों के दौरान यात्राओं की कठिनाइयों को उजागर करती है। भारी बर्फबारी और बंद मार्गों के कारण पर्यटक आसानी से रास्ता भटक सकते हैं। पुलिस और स्थानीय प्रशासन की तत्परता और तेज़ रेस्क्यू अभियान के कारण पर्यटक सुरक्षित बचाए गए।
इस रेस्क्यू में पुलिस दल, स्थानीय प्रशासन और बचाव टीमों ने मिलकर काम किया। अधिकारियों ने कहा कि ऐसी घटनाओं में शीघ्र प्रतिक्रिया और सतर्कता जीवन रक्षक साबित होती है। यह सफलता इस बात का उदाहरण है कि लद्दाख जैसे दुर्गम क्षेत्रों में भी समय पर कार्रवाई से लोगों की जान बचाई जा सकती है।
इस मामले में पुलिस और प्रशासन ने यह सुनिश्चित किया कि पर्यटक सुरक्षित वापस लौटें और उन्हें चिकित्सा सहायता प्रदान की गई। अब ये पर्यटक अपने परिवारों के साथ मिलकर सुरक्षित रूप से घर लौटेंगे।






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