पश्चिम एशिया संघर्ष से भारत भेजे जाने वाले पैसे पर पड़ सकता असर: क्रिसिल

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 10-04-2026
West Asia Conflict Could Impact Remittances Sent to India: CRISIL
West Asia Conflict Could Impact Remittances Sent to India: CRISIL

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली

 
 पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष भारत में बाहर से आने वाले ‘मनीऑर्डर’ यानी धन-प्रेषण प्रवाह को प्रभावित कर सकता है, क्योंकि भारतीय प्रवासियों द्वारा भेजे जाने वाले कुल धन का एक-तिहाई हिस्सा खाड़ी सहयोग परिषद (जीसीसी) के देशों से आता है। रेटिंग एजेंसी क्रिसिल ने शुक्रवार को यह कहा।
 
पश्चिम एशिया संघर्ष पर जारी एक टिप्पणी में एजेंसी ने कहा कि प्रवासियों की आय में कटौती होने से भारत के चालू खाता घाटे (कैड) पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। एजेंसी ने सचेत किया, ''उनकी आय में गिरावट का असर भारत के कैड पर ऐसे समय में पड़ सकता है जब व्यापार घाटा पहले से ही दबाव में है।''
 
भारत दुनिया में प्रवासियों से धन-प्रेषण प्राप्त करने वाला सबसे बड़ा देश है और वित्त वर्ष 2024-25 में उसे 135 अरब डॉलर से अधिक का प्रवाह मिला था।
 
रिपोर्ट के अनुसार पश्चिम एशिया संघर्ष के कारण वैश्विक व्यापार प्रवाह में व्यवधान और धीमी वैश्विक वृद्धि दर से भारत की निर्यात वृद्धि में कुछ गिरावट आने की आशंका है। हालांकि, भारतीय वस्तुओं पर अमेरिकी शुल्कों में कमी से कुछ सहारा मिल सकता है।
 
क्रिसिल ने अपने आधारभूत परिदृश्य में कच्चे तेल की कीमतों में सालाना आठ से नौ प्रतिशत की वृद्धि के कारण आयात बिल बढ़ने की भी आशंका जताई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि संघर्ष के कारण लॉजिस्टिक चुनौतियों और आपूर्ति श्रृंखला में बदलाव से पश्चिम एशिया को होने वाला निर्यात प्रभावित हुआ है।
 
भारत ने खाड़ी सहयोग परिषद के देशों को 57 अरब डॉलर का माल निर्यात किया। यह भारत के कुल वस्तु निर्यात का 13 प्रतिशत है। अन्य पश्चिम एशियाई देशों को नौ अरब डॉलर (दो प्रतिशत) का निर्यात किया गया।
 
जीसीसी देशों में बहरीन, कुवैत, ओमान, कतर, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात शामिल हैं, जबकि अन्य पश्चिम एशियाई देशों में ईरान, इराक, इजरायल, जॉर्डन, लेबनान, सीरिया और यमन आते हैं।