आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
प्रमुख रक्षा अध्यक्ष (सीडीएस) जनरल अनिल चौहान ने शुक्रवार को कहा कि भारत के सशस्त्र बलों को एकीकृत, चुस्त और प्रौद्योगिकी से लैस बल के रूप में विकसित होने की तत्काल आवश्यकता है, जो विभिन्न युद्धक्षेत्रों में सुचारु रूप से काम करने में सक्षम हो।
उन्होंने यह भी कहा कि आधुनिक युद्ध तेजी से पारंपरिक सीमाओं और समय-सीमाओं से परे जा रहा है।
जनरल चौहान ने ‘रण संवाद-2026’ नाम से आयोजित संगोष्ठी के समापन सत्र को संबोधित करते हुए रेखांकित किया कि ‘मल्टी-डोमेन ऑपरेशंस’ (एमडीओ) अब केवल एक वैचारिक चर्चा का विषय नहीं रह गया है, बल्कि डेटा एनालिटिक्स, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और संघर्ष के बदलते स्वरूप में हुई प्रगति के कारण एक उभरती हुई युद्ध वास्तविकता बन गई है।
एमडीओ आधुनिक सैन्य रणनीति है जिसमें थल, जल (समुद्र), वायु, साइबर, और अंतरिक्ष सभी पांचों क्षेत्रों में एक साथ और समन्वित तरीके से युद्ध लड़ा जाता है।
सीडीएस ने कहा, ‘‘एमडीओ को इस वर्ष के विषय के रूप में इसलिए नहीं चुना गया कि यह एक प्रचलित शब्द है, बल्कि मुझे लगता है कि यह एक प्रकार की नयी वास्तविकता है।’’
देश के शीर्ष सैन्य अधिकारी ने कहा कि सेवारत अधिकारियों को रणनीतिक चर्चा के केंद्र में रखने के उद्देश्य से आयोजित इस संगोष्ठी ने मध्य स्तर और कनिष्ठ अधिकारियों को भविष्य के युद्ध को लेकर अपने दृष्टिकोण व्यक्त करने का मौका दिया है।
उन्होंने कहा, ‘‘आम तौर पर, अनुभवी लोग या विचारकों का समूह ही अपने विचार व्यक्त करते हैं। इसलिए मैंने उस विशेष प्रवृत्ति को उलट दिया।’’