Waiting for IMD forecast by month-end to get a clear picture of El Nino's impact: Secretary
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
कृषि सचिव अतीश चन्द्रा ने बुधवार को कहा कि कृषि मंत्रालय अल नीनो के संभावित असर को कम करने के लिए ठोस कदम तय करने से पहले इस महीने के अंत तक भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के पूर्वानुमान का इंतजार कर रहा है, ताकि इसके आगमन की समय-सीमा को लेकर स्पष्ट तस्वीर मिल सके।
चन्द्रा ने ‘पीटीआई-भाषा’ को दिए साक्षात्कार में कहा, ‘‘अल नीनो कब शुरू होगा, इसका पूर्वानुमान अभी आना बाकी है। इस महीने के अंत तक आईएमडी अपना आकलन जारी करेगा, जिसके बाद स्थिति अधिक स्पष्ट होगी। तब तक खरीफ बुवाई का मौसम भी काफी आगे बढ़ चुका होगा और हमें इसकी दिशा का बेहतर अंदाजा हो जाएगा।’’
हालांकि, व्यापक स्तर पर यह अनुमान लगाया गया है कि अल नीनो का प्रभाव नवंबर के आसपास शुरू हो सकता है, लेकिन आईएमडी अंतिम आकलन से पहले अधिक स्पष्टता चाहता है।
उन्होंने कहा कि इस समय एक महत्वपूर्ण कारक हिंद नीनो (आईओडी) है। आईओडी हिंद महासागर के पूर्वी और पश्चिमी हिस्से के बीच समुद्र की सतह के तापमान के अंतर को मापने वाली एक प्राकृतिक जलवायु घटना है। यह सीधे तौर पर भारत में मानसून और बारिश के तरीके को प्रभावित करती है।
यह पूछे जाने पर कि मई में सकारात्मक रहने के बाद क्या जून में आईओडी तटस्थ हो गया है, सचिव ने कहा, ‘‘हम इसी पर नजर रख रहे हैं। आईएमडी को अब भी उम्मीद है कि कुछ ऐसे घटनाक्रम हो सकते हैं जो अल नीनो के प्रभाव को कम कर सकते हैं।’’
उन्होंने कहा कि सामान्य तौर पर सकारात्मक आईओडी अल नीनो के प्रभाव को संतुलित करता है, जबकि तटस्थ या नकारात्मक आईओडी मानसून पर उसके प्रभाव को बढ़ा सकता है।
अल नीनो एक जलवायु घटना है, जिसमें प्रशांत महासागर के सतही जल का तापमान बढ़ जाता है, जिससे भारत सहित कई क्षेत्रों में मानसून कमजोर पड़ सकता है।
आईएमडी के अनुसार, वर्तमान में भूमध्यरेखीय प्रशांत महासागर में अल नीनो की स्थिति बनी हुई है और दक्षिण-पश्चिम मानसून (जून-सितंबर) के दौरान इसके और मजबूत होने की आशंका है।