उत्तराखंड के मुख्यमंत्री धामी ने देहरादून में 'रन फॉर योग' कार्यक्रम में हिस्सा लिया

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  onikamaheshwari | Date 19-06-2026
Uttarakhand CM Dhami participates in 'Run for Yoga' event in Dehradun
Uttarakhand CM Dhami participates in 'Run for Yoga' event in Dehradun

 

देहरादून (उत्तराखंड) 

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को देहरादून में पुलिस लाइंस में आयोजित "रन फॉर योग" कार्यक्रम में हिस्सा लिया। यह कार्यक्रम 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया था। कार्यक्रम में मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह आयोजन केवल एक दौड़ नहीं, बल्कि स्वस्थ जीवन शैली, सकारात्मक सोच को बढ़ावा देने और आम लोगों तक योग का संदेश पहुंचाने का एक सशक्त अभियान है। उन्होंने इस पहल को योग के प्रति जागरूकता पैदा करने और एक स्वस्थ समाज के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
 
मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड सदियों से योग, आध्यात्मिक साधना और ऋषियों-मुनियों की तपस्या का केंद्र रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य की समृद्ध आध्यात्मिक विरासत और प्राकृतिक परिवेश स्वास्थ्य, संतुलन और सकारात्मक जीवन शैली का संदेश देकर मानवता को प्रेरित करते रहे हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि योग भारत की प्राचीन सांस्कृतिक धरोहर है और एक वैज्ञानिक व व्यावहारिक विद्या है, जो शरीर, मन और आत्मा के बीच सामंजस्य स्थापित करती है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व और प्रयासों के कारण योग को वैश्विक पहचान मिली है। 2014 में संयुक्त राष्ट्र महासभा में उनके प्रस्ताव के बाद 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मान्यता मिली और आज 190 से अधिक देशों में लाखों लोग योग का अभ्यास करते हैं।
 
तनाव, अवसाद और स्वास्थ्य संबंधी विभिन्न चुनौतियों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वस्थ और संतुलित जीवन शैली बनाए रखने के लिए योग एक प्रभावी माध्यम बनकर उभरा है। उन्होंने युवाओं से योग और नियमित व्यायाम को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने का आग्रह किया और कहा कि स्वस्थ, ऊर्जावान और अनुशासित युवा ही राज्य और देश के उज्ज्वल भविष्य का आधार हैं। उन्होंने आगे कहा कि राज्य सरकार उत्तराखंड को योग, आयुर्वेद, वेलनेस और प्राकृतिक चिकित्सा के वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करने के लिए लगातार काम कर रही है। नई योग नीति के माध्यम से सरकार योग और ध्यान केंद्रों को प्रोत्साहित कर रही है, योग प्रशिक्षकों का सहयोग कर रही है और योग व वेलनेस क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर पैदा कर रही है।
 
मुख्यमंत्री ने नागरिकों से यह भी अपील की कि वे योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं, स्वस्थ और अनुशासित जीवन शैली अपनाएं, नशा मुक्त समाज के निर्माण में योगदान दें और समाज के हर वर्ग तक योग का संदेश पहुंचाने में मदद करें। उन्होंने भरोसा जताया कि उत्तराखंड के युवा योग को एक जन-आंदोलन बनाने और एक स्वस्थ, समृद्ध और सशक्त उत्तराखंड के निर्माण में अहम भूमिका निभाएंगे। संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा 11 दिसंबर, 2014 को अपनाए गए एक प्रस्ताव के बाद, हर साल 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाता है।
 
यह प्रस्ताव सबसे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने 27 सितंबर, 2014 को संयुक्त राष्ट्र महासभा के 69वें सत्र में अपने संबोधन के दौरान रखा था। 2015 में पहला अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाए जाने के बाद से, भारत आयुष मंत्रालय के ज़रिए दुनिया भर में इसे मनाने की अगुवाई कर रहा है। इसमें राज्य सरकारों, विदेशों में भारतीय मिशनों और कई अंतर्राष्ट्रीय संगठनों का सहयोग मिलता है। जैसे-जैसे देश इस साल के समारोहों की तैयारी कर रहे हैं, दुनिया भर में भारतीय मिशन योग और इसके फायदों के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए भारतीय समुदाय और स्थानीय लोगों के साथ मिलकर आउटरीच कार्यक्रम आयोजित कर रहे हैं।