Using derogatory language against Shankaracharya is 'verbal violence' and a sin: Yadav
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने शनिवार को कहा कि शंकराचार्य के खिलाफ अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करना ‘‘शाब्दिक हिंसा’’ और पाप है।
अखिलेश यादव ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “पहन ले कोई जैसे भी ‘चोले’, पर उसकी वाणी पोल खोले। परम पूज्य शंकराचार्य जी के बारे में घोर अपमानजनक अपशब्द बोलना शाब्दिक हिंसा है और पाप भी। ऐसा कहने वाले के साथ-साथ उन्हें भी पाप लगेगा जिन्होंने चापलूसी में मेजें थपथपाई हैं।”
उन्होंने कहा कि जब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक सदन के बाहर जनता का सामना करेंगे तो जनता सड़क पर उनका सदन लगा देगी।
अखिलेश यादव की टिप्पणी महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा शुक्रवार को विधानसभा में यह कहने के एक दिन बाद आई कि हर कोई ‘‘शंकराचार्य’’ की उपाधि का इस्तेमाल नहीं कर सकता और सभी कार्यक्रमों के दौरान धार्मिक मर्यादा और कानून का शासन बनाए रखा जाना चाहिए।
पूर्व मुख्यमंत्री यादव ने कहा, “जो महाकुंभ की मौतों पर सच्चे आंकड़े नहीं बताते, मुआवजा में भी भ्रष्टाचार निकाल लेते हैं; जिन तक मुआवजा नहीं पहुंचा, उसका हिसाब नहीं देते; अपने ऊपर लगे मुकदमे हटवाते हैं; ऐसे लोग किसी और के ‘धर्म-पद’ पर सवाल उठाने का नैतिक अधिकार नहीं रखते।”