FIR should be lodged against those who submit wrong investigation report: Chief Minister
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि किसी मामले में जांच के दौरान यदि गलत रिपोर्ट लगाई जाती है तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई जाए।
उन्होंने कहा कि हर मामले की निष्पक्ष जांच करके ही उसका निस्तारण होना चाहिए। किसी भी प्रकरण में लापरवाही या शिथिलता अक्षम्य होगी।
इस संबंध में जारी एक बयान के मुताबिक मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने शनिवार सुबह गोरखनाथ मंदिर में जनता दर्शन के दौरान लोगों की समस्याएं सुनीं और प्रशासन व पुलिस के अधिकारियों को ये निर्देश दिए।
मंदिर परिसर के महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के बाहर आयोजित जनता दर्शन में मुख्यमंत्री ने सभी को आश्वस्त किया कि किसी को भी घबराने की आवश्यकता नहीं है। हर समस्या का प्रभावी निस्तारण होगा।
उन्होंने प्रशासन व पुलिस के अधिकारियों को मौके पर ही निर्देश दिए कि जनता की समस्याओं का समयबद्ध, निष्पक्ष और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण करें।
जनता दर्शन में कुछ मामले ऐसे भी आए, जिनमें यह शिकायत की गई कि प्रकरण में गलत रिपोर्ट लगा दी गई है। इस पर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इसका पता लगाकर गलत रिपोर्ट लगाने वाले के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई जाए।
उन्होंने कहा कि पीड़ितों की मदद में शिथिलता या लापरवाही नहीं होनी चाहिए। जनता की समस्याओं के समाधान में किसी तरह की हीलाहवाली हुई तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई भी तय है। किसी पीड़ित की समस्या के समाधान में अगर कहीं भी कोई दिक्कत आ रही है तो उसका पता लगाकर निराकरण कराया जाए और किसी स्तर पर जानबूझ कर प्रकरण को लंबित रखा गया है तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। उन्होंने जमीन कब्जाने की शिकायतों पर विधिसम्मत कठोर कदम उठाने के निर्देश दिए।