महाराष्ट्र में परमाणु ऊर्जा सहयोग पर अमेरिका भारत के बीच चर्चा तेज

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  [email protected] | Date 21-05-2026
US-India discussions on nuclear energy cooperation in Maharashtra intensify.
US-India discussions on nuclear energy cooperation in Maharashtra intensify.

 

मुंबई

भारत और अमेरिका के बीच परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग को लेकर नई गति देखने को मिल रही है। US-India Strategic Partnership Forum के वरिष्ठ उपाध्यक्ष नोल्टी थेरियट ने महाराष्ट्र सरकार के मंत्रियों और अधिकारियों के साथ अहम बैठकें कीं। इन बैठकों में परमाणु ऊर्जा, निवेश, तकनीकी साझेदारी और भविष्य की ऊर्जा जरूरतों पर विस्तार से चर्चा हुई।

नोल्टी थेरियट ने बताया कि उनके साथ अमेरिका की कई प्रमुख परमाणु ऊर्जा कंपनियों का एक बड़ा प्रतिनिधिमंडल भारत आया है। इसमें बड़े रिएक्टर डिजाइनर से लेकर परमाणु ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला से जुड़ी अग्रणी कंपनियां शामिल थीं।

उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र सरकार के ऊर्जा मंत्री, वित्त मंत्री और मुख्यमंत्री के साथ उनकी बातचीत बेहद सकारात्मक रही। चर्चा का मुख्य उद्देश्य भारत और अमेरिका के बीच परमाणु ऊर्जा साझेदारी को और मजबूत करना था।

थेरियट के मुताबिक, दोनों पक्ष संयुक्त उद्यमों और तकनीकी सहयोग के नए रास्ते तलाश रहे हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिका के पास अत्याधुनिक परमाणु तकनीक है, जबकि भारत के पास कुशल मानव संसाधन और इंजीनियरिंग क्षमता मौजूद है। ऐसे में यह साझेदारी दोनों देशों के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है।

उन्होंने यह भी कहा कि इन बैठकों से भारत के नियमों और नीतियों को बेहतर ढंग से समझने का अवसर मिला। अमेरिकी कंपनियां भारत में दीर्घकालिक निवेश और तकनीकी सहयोग को लेकर उत्साहित हैं।

इस बीच भारत में अमेरिकी राजदूत Sergio Gor ने भी परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में भारत अमेरिका सहयोग को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच इस क्षेत्र में “बहुत बड़ी संभावनाएं” मौजूद हैं।

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis ने सोशल मीडिया पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि दुनिया भर में ऊर्जा परिवर्तन की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है। उन्होंने माना कि महाराष्ट्र ने पिछले कई वर्षों में सौर और पवन ऊर्जा के क्षेत्र में बड़े निवेश किए हैं, लेकिन भविष्य की औद्योगिक जरूरतों को देखते हुए परमाणु ऊर्जा बेहद महत्वपूर्ण बनने जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कार्बन मुक्त और स्थायी बिजली आपूर्ति के लिए परमाणु ऊर्जा की भूमिका आने वाले समय में और बढ़ेगी। खासकर ऐसे समय में जब महाराष्ट्र में डेटा सेंटर, सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, लॉजिस्टिक्स और एडवांस मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों का तेजी से विस्तार हो रहा है।

उन्होंने बताया कि भारत में आने वाले कुल विदेशी निवेश का 40 प्रतिशत से अधिक हिस्सा महाराष्ट्र को मिलता है। वहीं देश की लगभग 60 प्रतिशत डेटा सेंटर क्षमता मुंबई और नवी मुंबई क्षेत्र में केंद्रित है।

फडणवीस ने कहा कि इन क्षेत्रों के विस्तार के साथ बिजली की मांग आने वाले वर्षों में कई गुना बढ़ने वाली है। इसलिए राज्य सरकार भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए ऊर्जा के नए और टिकाऊ स्रोतों पर ध्यान दे रही है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि भारत और अमेरिका के बीच परमाणु ऊर्जा सहयोग मजबूत होता है, तो इससे भारत को स्वच्छ ऊर्जा, आधुनिक तकनीक और बड़े पैमाने पर औद्योगिक विकास में मदद मिल सकती है। साथ ही यह साझेदारी वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा और कार्बन उत्सर्जन कम करने की दिशा में भी अहम भूमिका निभा सकती है।