UP's identity, security and employment situation have changed in nine and a half years: Adityanath
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को दावा किया कि उनकी सरकार ने पिछले साढ़े नौ वर्षों में प्रदेश की पहचान, सुरक्षा और रोजगार की स्थिति में व्यापक बदलाव किया है तथा सरकारी नौकरियों में सिफारिश की जगह योग्यता के आधार पर चयन सुनिश्चित किया है।
मुख्यमंत्री ने ‘टाइम्स ऑफ इंडिया’ समूह द्वारा आयोजित ‘यूथ आइकन समिट’ में कहा कि वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश पहचान और सुरक्षा के संकट से जूझ रहा था, लेकिन अब प्रदेश में अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई, बुनियादी ढांचे के विकास और रोजगार के अवसर बढ़ने से स्थिति बदल गई है।
उन्होंने कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाले 37 युवा प्रतिभाओं को सम्मानित किए जाने पर आयोजकों को बधाई दी।
आदित्यनाथ ने अपने संबोधन को पिछले साढ़े नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश में हुए बदलावों की ‘रील’ बताते हुए कहा कि यह दस सेकंड या एक मिनट की नहीं, बल्कि प्रदेश की बदली तस्वीर दिखाने वाली लंबी कहानी है।
उन्होंने इस 'रील' को 'फ्रेमवार' सामने रखते हुए अपनी सरकार की उपलब्धियों का विस्तार से जिक्र किया।
उन्होंने कहा कि पहले प्रदेश के बाहर उत्तर प्रदेश के लोगों को पहचान के संकट का सामना करना पड़ता था, जबकि प्रदेश के भीतर सुरक्षा की स्थिति चिंताजनक थी।
उनके मुताबिक, विशेषकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश में लड़कियों की सुरक्षा को लेकर परिवार चिंतित रहते थे और निवेशक भी प्रदेश में निवेश करने से हिचकते थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने अपराध के प्रति ‘कतई बर्दाश्त नहीं करने’ की नीति अपनाई, जिसके परिणामस्वरूप माफिया और अपराधियों पर प्रभावी कार्रवाई हुई। उन्होंने कहा कि पहले प्रदेश में ‘एक जिला, एक माफिया’ की स्थिति थी, जबकि अब ‘एक जिला, एक उत्पाद’ की पहचान विकसित हुई है।