यूनिटी मॉल परियोजना आर्द्रभूमि क्षेत्र में नहीं है, इसे सब तरह की मंजूरी प्राप्त है: गोवा सरकार

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 13-01-2026
Unity Mall project is not in a wetland area, has all clearances: Goa government
Unity Mall project is not in a wetland area, has all clearances: Goa government

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली

 
गोवा सरकार ने मंगलवार को कहा कि चिंबेल में प्रस्तावित यूनिटी मॉल परियोजना अधिसूचित आर्द्रभूमि संरक्षण क्षेत्र में नहीं आती है और इसे सभी अनिवार्य वैधानिक मंजूरी प्राप्त है।

पर्यटन मंत्री रोहन खौंटे ने राज्य विधानसभा को सूचित किया कि आर्द्रभूमि संरक्षण प्राधिकरण ने एक लिखित सूचना जारी कर पुष्टि की है कि उत्तरी गोवा में परियोजना के लिए निर्धारित भूमि अधिसूचित संरक्षित क्षेत्र की सीमा से बाहर है।
 
खौंटे, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) विधायक रुडोल्फो फर्नांडीस द्वारा लाए गए ध्यानाकर्षण प्रस्ताव का जवाब दे रहे थे।
 
विपक्ष के नेता यूरी अलेमाओ, ‘रिवोल्यूशनरी गोवन्स पार्टी’ के विधायक वीरेश बोरकर, ‘गोवा फॉरवर्ड पार्टी’ के विजय सरदेसाई और आम आदमी पार्टी (आप) के विधायक वेंजी विएगास सहित विपक्षी दलों ने पर्यावरण के लिए हानिकारक होने का दावा करते हुए परियोजना को रद्द करने की मांग की।
 
मंत्री ने अपने जवाब में कहा, ‘‘सरकार आर्द्रभूमि पारिस्थितिकी तंत्र के संरक्षण के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है तथा संरक्षित आर्द्रभूमि क्षेत्र के भीतर विकास कार्यों से संबंधित किसी भी तरह की गतिविधि प्रस्तावित नहीं है और ऐसे निर्माण कार्य किए भी नहीं जा रहे हैं।’’
 
उन्होंने आगे कहा कि सभी पर्यावरणीय सुरक्षा उपायों का सख्ती से पालन किया जा रहा है।
 
सड़क चौड़ीकरण और घरों के ध्वस्तीकरण की संभावना को लेकर जताई जा रही चिंताओं को दूर करते हुए खौंटे ने कहा कि यह परियोजना मौजूदा चार लेन वाले राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे स्थित है और यूनिटी मॉल के लिए सड़क को चौड़ा करने का कोई प्रस्ताव नहीं है।
 
उन्होंने कहा कि इस परियोजना से स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर सृजित होने की उम्मीद है।
 
खौंटे ने कहा कि यूनिटी मॉल से पर्यटन क्षेत्र का विकास होगा और स्थानीय अर्थव्यवस्था भी मजबूत होगी।
 
मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने विरोध प्रदर्शन कर रहे विधायकों को बुधवार को शाम चार बजे विधानसभा में अपने कक्ष में आमंत्रित किया, ताकि उनसे मिलकर उनकी चिंताओं पर चर्चा की जा सके।
 
हालांकि, विपक्षी सदस्य जवाब से संतुष्ट नहीं थे और अध्यक्ष के आसन के सामने पहुंच गए, जिसके बाद विधानसभा अध्यक्ष गणेश गांवकर ने सत्र को 10 मिनट के लिए स्थगित कर दिया।