Union minister Sitharaman, Jaishankar, Goyal to visit Singapore for 4th India-Singapore Ministerial Roundtable
नई दिल्ली
केंद्रीय वित्त और कॉर्पोरेट मामलों की मंत्री निर्मला सीतारमण, विदेश मंत्री एस. जयशंकर और वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल चौथे भारत-सिंगापुर मिनिस्ट्रियल राउंडटेबल (ISMR) और चौथे भारत-सिंगापुर बिजनेस राउंडटेबल (ISBR) के लिए सिंगापुर का दौरा करेंगे। दोनों पक्ष व्यापार, निवेश और आर्थिक संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में काम करेंगे। केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव और वाणिज्य और उद्योग तथा इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री जितिन प्रसाद भी भारतीय प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा होंगे।
विभिन्न क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करने वाले लगभग 70 वरिष्ठ भारतीय बिजनेस लीडर, B2B, G2B और संस्थागत बैठकों की एक श्रृंखला के लिए मंत्री-स्तरीय प्रतिनिधिमंडल के साथ जाएंगे। प्रतिनिधिमंडल में टेक्नोलॉजी, सॉफ्टवेयर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मैन्युफैक्चरिंग और इंजीनियरिंग, इंफ्रास्ट्रक्चर और सस्टेनेबिलिटी, फाइनेंशियल सर्विसेज और फिनटेक, हेल्थकेयर और लाइफ साइंसेज, खाद्य और कृषि, लॉजिस्टिक्स, समुद्री और व्यापार, और प्रोफेशनल सर्विसेज के प्रतिनिधि शामिल होंगे।
सिंगापुर के विदेश मंत्रालय और व्यापार और उद्योग मंत्रालय द्वारा जारी एक संयुक्त बयान के अनुसार, 20 अगस्त को होने वाला चौथा ISMR, अगस्त 2025 में नई दिल्ली में हुई तीसरी राउंडटेबल के बाद हुई प्रगति की समीक्षा करेगा और सिंगापुर-भारत व्यापक रणनीतिक साझेदारी रोडमैप के कार्यान्वयन में तेजी लाने के नए रास्ते तलाशेगा।
ISMR भारत-सिंगापुर व्यापक रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने के लिए शीर्ष मंत्री-स्तरीय तंत्र है। सिंगापुर के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व उप प्रधानमंत्री और व्यापार और उद्योग मंत्री गन किम योंग करेंगे और इसमें राष्ट्रीय सुरक्षा, गृह मामलों, विदेश मामलों, डिजिटल विकास और परिवहन के लिए जिम्मेदार वरिष्ठ मंत्री शामिल होंगे।
भारतीय मंत्रियों की सिंगापुर के अपने समकक्षों और अन्य वरिष्ठ सिंगापुर नेताओं के साथ बातचीत तय है। वे सिंगापुर के प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री लॉरेंस वोंग से भी मुलाकात करेंगे और उप प्रधानमंत्री गन द्वारा आयोजित लंच में शामिल होंगे।
बिजनेस प्रतिनिधिमंडल साझेदारी को मजबूत करने, निवेश और बाजार तक पहुंच को बढ़ावा देने, टेक्नोलॉजी सहयोग बढ़ाने और प्रतिभा विकसित करने पर ध्यान केंद्रित करेगा। कार्यक्रम में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के साथ बातचीत और स्किलिंग संस्थानों का दौरा भी शामिल होगा।
दौरे के दौरान, मंत्री ग्लोबल फाइनेंस एंड टेक्नोलॉजी नेटवर्क, YPO ग्लोबल, मिल्केन इंस्टीट्यूट, केपेल इंफ्रास्ट्रक्चर, टेमासेक होल्डिंग्स, IHH हेल्थकेयर और अन्य व्यावसायिक संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ सरकार-से-व्यवसाय (G2B) बैठकें करेंगे। इन कार्यक्रमों के बाद 'फ़ैमिली ऑफ़िस राउंडटेबल' का आयोजन होगा।
वे सिटी स्क्वायर मॉल में APEDA-FairPrice की एक पहल का भी संयुक्त रूप से दौरा करेंगे, जिसका मकसद भारतीय कृषि-खाद्य निर्यात को बढ़ावा देना और सिंगापुर के रिटेल बाज़ार में भारतीय उत्पादों की मौजूदगी को मज़बूत करना है।
वित्त वर्ष 2025-26 में सिंगापुर भारत में विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (FDI) का सबसे बड़ा स्रोत बनकर उभरा, जिसमें 19.8 अरब अमेरिकी डॉलर का FDI आया। वाणिज्य मंत्रालय के अनुसार, अप्रैल 2000 से मार्च 2026 के बीच सिंगापुर से कुल FDI 194.68 अरब अमेरिकी डॉलर रहा।
मंत्रालय ने बताया कि भारत और सिंगापुर के बीच द्विपक्षीय व्यापार में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है; यह वित्त वर्ष 2004-05 में 6.7 अरब अमेरिकी डॉलर से बढ़कर वित्त वर्ष 2025-26 में 36.1 अरब अमेरिकी डॉलर हो गया है।